निंघासन में बाघ ने युवक को बनाया निशाना:खेत में पत्नी के साथ रखवाली कर रहा था युवक, वन विभाग ने डाला डेरा

निंघासनएक महीने पहले
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खीरी के निघासन इलाके के पढ़ुआ चौकी क्षेत्र के एक गांव में बाघ ने रामसिंह के लगभग 40 वर्षीय पुत्र नरेंद्र सिंह को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। युवक अपने गन्ने के खेत में अपनी बीवी के साथ घास काटने गया था। तभी बाघ ने युवक पर हमला कर दिया और गन्ने के खेत में खींच ले गया, और मौत के घाट उतार दिया।

जब काफी देर तक पति गन्ने के खेत से वापस नहीं निकला तो नरेंद्र की बीवी खेत में तलाशने लगी और काफी तलाश करने के बाद घर वालों को सूचना दी, सूचना पर पहुंचे घर व गांव वालो ने गन्ने में नरेंद्र को ढूंढना शुरू किया, तो गन्ने के खेत से नरेंद्र का अधखाया शव बरामद हुआ। शव बरामद होने से इलाके में कोहराम मच गया। धीरे धीरे बाघ के हमले की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई।

दो सालों में 20 लोगों को निशाना बना चुका है बाघ

अभी हाल ही में निघासन इलाके के तिकुनियां कोतवाली क्षेत्र के मझरा पूरब और खैरटिया इलाके के सेट जंगल इलाके में हिंसक हो चुके बाघ ने बीते दो वर्षों से लगभग 20 लोगों का अपना निवाला बना कर मौत के घाट उतार दिया है। लेकिन, वन विभाग ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे इलाके में वन विभाग के रवैए से आक्रोश व्याप्त है।

बीते शुक्रवार को भी उत्तर निघासन वन क्षेत्र के मझरा पूरब बीट में देर शाम कुटी से बाघ एक मूलचंद उर्फ मोहनदास साधूबाबा को जंगल में खींच ले गया, और अपना निवाला बना लिया है। जिसका शनिवार की सुबह जंगल से साधू बाबा का नर कंकाल बरामद होने से सनसनी फैल गई थी, और नया पिंड खैरटिया निवासी देबू का अधखाया शव खेत से बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई।

ट्रैंकुलाइजर लगाने के बाद भी नहीं पकड़ा जा सका बाघ

शव बरामद होने से युवक के घर में कोहराम मच गया। जिसके बाद वन प्रशासन हरकत में आया और पिंजरा आदि लगाकर बाघ को ट्रेंकुलाइज करने और बाघ को खदेड़ने के लिए तीन हाथियों सहित टीम को लगाया गया था। लेकिन वन विभाग को अभी तक कोई भी सफलता हाथ नही लगी। एक हफ्ते में लगातार 3 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।

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