महरौनी में स्टेयरिंग फैल होने से एंबुलेंस पेड़ से टकराई:बाल-बाल बचे लोग, कंडम एंबुलेंस सेवा के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं, लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़

महरौनी14 दिन पहले

महरौनी ललितपुर रोड पर शनिवार की दोपहर एक एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापिस अस्पताल लौट रही थी। तभी ग्राम छपरट के समीप एंबुलेंस की अचानक स्टेयरिंग फैल हो गयी और वह अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गयी। इस सड़क दुघर्टना में एंबुलेंस का पायलट व एमटी बाल-बाल बच गए।

महरौनी सीएचसी पर तैनात 102 एंबुलेंस डिलिवरी होने के बाद जज्चा- बच्चा सहित परिवार जन को लेकर ग्राम सिलावन के लिए छोड़ने रवाना हुई‌। एंबुलेंस ने मरीज को उसके घर छोड़ा और वहां से सीएससी की ओर चल दी। ग्राम छपरट के समीप 102 एंबुलेंस की अचानक स्टेयरिंग फेल हो गयी और वह अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गयी‌। गनीमत यह रही की एंबुलेंस में उस समय कोई मरीज नहीं था। वहीं एंबुलेंस पायलट पुष्पेन्द्र व एमटी धीरज गुप्ता इस सड़क दुघर्टना में बाल-बाल बच गए।

कंडम एंबुलेंस के भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं
महरौनी सीएचसी पर अकास्मिक स्वास्थ्य सेवा के लिए दो 102 एंबुलेंस व दो 108 एंबुलेंस तैनात हैं। चारों एंबुलेंस रखरखाव के अभाव में कंडम हो गयी हैं। एंबुलेंस कार्यदायी कंपनी द्वारा रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। जिससे इनकी हालत दिन प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है। सभी एंबुलेंस का हाल ऐसा है कि किसी का गेट टूटा है तो किसी के टायर खराब हो चुके हैं। वहीं एंबुलेंस के निर्धारित समय पर सर्वेश भी नहीं की जा रही हैं।

जिम्मेदारों द्वारा लोगों की जान के साथ खिलवाड़
सड़क दुघर्टना व अन्य अकास्मिक समय में इन बदहाल एंबुलेंस से स्वास्थ्य सेवाएं ली जा रही है। कंडम एंबुलेंस मार्गों पर मरीजों को लेकर सरपट भाग रही हैं। जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता हैं। इसके बाबजूद जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बनकर किसी बड़े हादसा का इंतजार कर रहें हैं,और लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

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