मलिहाबाद को मिला तोहफा:प्रदेश सरकार ने तैयार कराई वातानुकूलित मंडी, आमों को पकाने के लिए बनाया100 मीट्रिक टन क्षमता का एक चैंबर

मलिहाबाद5 दिन पहले
मलिाहाबाद में तैयार कराई गई वातानुकूलित मंडी।

गुणवत्ता आमों के लिए देश ही नहीं विश्व में मलिहाबाद को ख्याति प्राप्त है। अब राज्य सरकार द्वारा अत्याधुनिक सेवाओं से भरपूर वातानुकूलित मण्ड़ी का निर्माण कार्य कराया गया है। केवल इंतजार इस बात का है कि कब इस तैयार मण्ड़ी का उद्घाटन होगा।

लखनऊ हरदोई राजमार्ग पर बांस बल्ली व त्रिपाल डालकर मलिहाबाद मुख्य चैराहे पर अस्थायी आम मण्ड़ी लगती है। जिससे आम के समय सड़क पर जाम लग जाता था। जिससे आने जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस अस्थायी मण्ड़ी मे न तो बागवानों व व्यापारियों के लिये शौचालय की व्यवस्था थी, न ही रात्रि विश्राम की कोई व्यवस्था थी। जिससे बागवानों व व्यापारियों को काफी दिक्कतें उत्पन्न होती थीं। वर्ष 2016 मे राज्य सरकार द्वारा बागवानों, किसानों व व्यापारियों को ध्यान मे रखते हुये सड़क पर लगने वाले अस्थायी मण्ड़ी को लखनऊ हरदोई राजमार्ग पर स्थित ग्राम नजरनगर के निकट एशिया की सबसे बड़ी मण्ड़ी बनाने का कार्य शुरू किया। जो महज कुछ ही दिन कार्य चालू रहा इसके बाद इस मण्ड़ी में अधिग्रहित की गयी किसानों की भूमि का उचित मुआवजा न मिलने से कार्य रोकना पड़ा।

योगी सरकार ने किसानों, बागवानों की समस्याओं को ध्यान मे रखते हुये इस मण्ड़ी का निर्माण कार्य पुनः गणपति मेगा बिल्डर इण्डिया प्रावइेट लिमिटेड़ द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया। जो बनकर अब तैयार हो गयी है। इस बनीं मण्ड़ी मे 76 दुकानें जो कि सेन्टर एसी युक्त बनायी गई हैं। यहां पर आम को स्टोर करने के लिये 25 सौ टन का एक बड़ा कोल्ड स्टोर बनाया गया है। इस बनीं मण्ड़ी मे 76 दुकानों को 2 भागों मे बांटा गया है। आम को पकाने के लिये 100 मीट्रिक टन क्षमता का एक चैम्बर बनाया गया है। जिसमें आमों को पकाया जायेगा। किसानों व बागवानों एवं व्यापारियों की सुविधाओं के लिये किसान भवन का निर्माण कराया गया है। जिसमें अत्याधुनिक सेवाओं युक्त वातानुकूलित कमरों का निर्माण कराया गया है। किसानों की मीटिंग के लिये एक हाॅल का भी निर्माण कार्य कराया गया है।

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