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अयोध्या का ब्लड बैंक खाली:600 की क्षमता पर 10 यूनिट ही उपलब्ध, डोनर कार्ड अमान्य; धूल खा रहीं मशीनें

अयोध्या19 दिन पहले
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अयोध्या के जिला पुरुष अस्पताल में बने ब्लड बैंक के बाहर लोग अपने मरीजों के लिए ब्लड लेने के पहुंच रहे हैं। - Dainik Bhaskar
अयोध्या के जिला पुरुष अस्पताल में बने ब्लड बैंक के बाहर लोग अपने मरीजों के लिए ब्लड लेने के पहुंच रहे हैं।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौर में सबसे खराब असर अयोध्या नगरी के ब्लड बैंक पर दिख रहा है। 600 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में मात्र 10 यूनिट ब्लड ही बचा है। ए व बी पोजिटिव आदि ग्रुप के ब्लड तो है ही नहीं। एक समय था कि 300 से 400 यूनिट ब्लड रिजर्व रहता था। यह प्रदेश में अग्रणी ब्लड बैंको में शुमार है। आज इस ब्लड बैंक में सिर्फ 10 यूनिट ब्लड शेष रह गए हैं। मरीजों को ब्लड नहीं मिल पा रहा है। परिजन परेशान हैं और बाहर से ब्लड इंतजाम करने की बड़ी मजबूरी जरूरतमंदों को भारी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन सामाजिक संस्थाओं से ब्लड डोनेट करने की अपील कर रहे हैं।

आसपास के लोगों से ब्लड की अपील कर रहे
अयोध्या के जिला पुरुष अस्पताल में बने ब्लड बैंक के बाहर लोग अपने मरीजों के लिए ब्लड लेने के पहुंच रहे हैं, पर उनको ब्लड नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। जो लोग अपने मरीजों के लिए ब्लड लेने के लिए बैंक में खड़े होते हैं। वह आसपास के लोगों से ब्लड की अपील कर रहे हैं।

ब्लड नहीं मिल पा रहा
जिन्हें जिला अस्पताल के बैंक से ब्लड नहीं मिल पा रहा है, वह बाहर से ब्लड इंतजाम करने में लगे हुए हैं। कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास ब्लड डोनेटर अभी नहीं है और जो ब्लड ग्रुप चाहिए वह उनको प्राप्त नहीं हो पा रहा है। कोरोना काल के चलते एक माह से जिला पुरुष अस्पताल के बने ब्लड बैंक के ये हालात हैं।

ब्लड बैंक में सन्नाटा, धूल खा रहीं मशीनें
ब्लड बैंक के अंदर जहां पर ब्लड डोनेट किया जाता है, पर सन्नाटा छाया हुआ है। जहां पर ब्लड की जांच होती थी, उन मशीनों पर धूल पड़ी हुई है। लेकिन इन सब के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, वह यह है कि कोरोना के चलते लोग भय वश ब्लड डोनेट करने के लिए नहीं आ रहे हैं।

स्वयंसेवी संस्थाएं ब्लड डोनेट करने के लिए कैंप नहीं लगा पा रही
कोरोना में स्वयंसेवी संस्थाएं ब्लड डोनेट करने के लिए कैंप नहीं लगा पा रही हैं। लेकिन आज हालात यह है कि ब्लड बैंक ड्राई हो चुका है। कई महीनों से लोग ब्लड बैंक का कैंप नहीं लगा रहे हैं। ब्लड की किल्लत को देखते हुए जिला पुरुष अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर सीवीएन त्रिपाठी ने जिले की स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ब्लड डोनेट करने वाले लोगों से अपील किया है कि वह ब्लड की किल्लत को देखते हुए ब्लड बैंक में आकर ब्लड डोनेट करें।

बीसीटी वैन मंडल में एक है जो साल भर से खराब
ब्लड की कमी के बीच डोनर कार्ड अमान्य कर दिया गया है। बीसीटी वैन मंडल में एक है, जो साल भर से खराब है। इस विशेष वाहन के चलते सुदूर गांवों से भी कोरोना गाइडलाइंस का पालन कर समस्या से राहत दिलाई जा सकती थी। प्रमुख अधीक्षक डॉ सी बी एन त्रिपाठी का कहना है कि जो ब्लड डोनेट करने वाली संस्थाएं हैं उनको ब्लड की जरूरत होती है तो जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से ब्लड उपलब्ध कराया जाता रहा है। लेकिन इस कोरोना काल में ऐसा नहीं हो पा रहा है। आम जनमानस से अपील है कि वह मरीजों की जीवन रक्षा के लिए ब्लड डोनेट करें।

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