लखनऊ के हुक्का बार की आंखों-देखी कहानी:14-16 साल के लड़के-लड़कियां खुलेआम उड़ाते हैं धुआं, हाईकोर्ट ने लगा रखा है बैन

लखनऊ6 महीने पहलेलेखक: प्रवीण राय

हुक्का बार...। लखनऊ पुलिस के मुताबिक शहर में एक भी नहीं है। हाईकोर्ट ने 21 महीने पहले हुक्का बार पर बैन लगा दिया है। अब हकीकत पढ़िए, लखनऊ में 50 से ज्यादा हुक्का बार चल रहे हैं। यहां फ्लेवर्ड हुक्का की आड़ में टीनेजर लड़के-लड़कियों को तंबाकू का आदी बनाया जा रहा है। यानी, उन्हें नशे के दलदल में फांसा जा रहा है।

खबर में आगे चौंकाने वाली बातें भी हैं, लेकिन उससे पहले आप हमारे पोल में हिस्सा ले सकते हैं:

आइए आपको एक ऐसे ही हुक्का बार की हमारे रिपोर्टर की आंखों देखी पढ़वाते हैं...
जगह: महानगर का 'दी कॉन्सेप्ट हेड क्वार्टर में।' समय: रात के करीब 9.30 बज रहे थे। एंट्री पॉइंट पर ही हमे रोक दिया गया। स्टाफ का कहना था कि एंट्री से पहले 1500 रुपए का कूपन लेना होगा। उन्हें बताया गया कि बैचलर पार्टी करनी है। इसके लिए मैनेजर से मिलना है।

इत्तेफाक से मैनेजर वहीं आ गए। हमारी और उनकी बात नॉनवेज और काकटेल पार्टी पर आकर बन गई। जब हमने मैनेजर से कहा कि पार्टी तो ठीक है, लेकिन पहले कैफे तो दिखाइए। वो 60 लोगों की गैदरिंग के लिए तुरंत तैयार हो गए।

सीढ़ियों से चढ़कर हम लोग ऊपर पहुंचते हैं। क्लब में एंट्री मिल जाती है। हल्की रोशनी के बीच लो हाइट सोफे और टेबल लगे दिखे। डिस्को म्यूजिक चल होता है। सामने सोफे पर बैठे तीन लड़के हुक्का पी रहे थे। उन्हें कुछ देर में बियर भी परोस दी गई।

हमने पूछा-छापा तो नहीं पड़ेगा, जवाब मिला-हमारी सेटिंग है
हॉल के दूसरे कोने में दो लड़कियां भी हुक्का पी रही थीं। उन्हें देखकर अनुमान लगाया जा सकता था कि वो कॉलेज स्टूडेंट हैं। हमें प्राइवेट स्पेस के बारे में बताया जाता है, जिसे पर्दे लगाकर तैयार किया गया था। यहां भी हुक्का दिया जाता है। यहां स्टाफ से हमने पूछा कि लखनऊ में और कितने हुक्का बार चल रहे हैं। जवाब था- 50 से ज्यादा।

ये स्पॉट गोमती नगर, इंदिरा नगर, महानगर, अलीगंज, आशियाना, राजाजीपुरम, आलमबाग, तेलीबाग, विकास नगर में हैं। हमने पूछा कि कहीं छापा पड़ा तो? गड़बड़ तो नहीं हो जाएगी। स्टाफ का एक ही जवाब था- हमारी सेटिंग है, आप चिंता मत करिए।

मैनेजर ने पूछा- आप रहते कहां है? हमने कहा- गोमतीनगर। पता चला कि उनकी हुसड़िया चौराहा के पास एक और ब्रांच है। वहां की लोकेशन देख सकते हैं। मैनेजर ने कहा- हमारे पास शराब का लाइसेंस भी है।

हुक्का की एडवांस बुकिंग भी लेते हैं
मैनेजर के मुताबिक 900 रुपए प्लेट का खाना और 3000 रुपए प्रति बोतल चार्ज पड़ेगा। हमने उससे हुक्का के बारे में पूछा। बताया गया कि हुक्का मिलेगा, लेकिन उसके लिए 1000 रुपए प्रति हुक्का चार्ज देना होगा। हमने कहा कि आप के महानगर ब्रांच में 700 रुपए में देने की बात हुई है। उसने बताया कि वो ब्रांच स्पेशल हुक्का वालों के लिए हैं। यहां हम ऑर्डर पर हुक्का उपलब्ध कराते हैं।

अब आपको पढ़वाते हैं कि इन बार में कितने फ्लेवर के हुक्के आपको मिलते हैं...

  • हुक्का बार में लेमन, सेलमॉन, ग्रीन मिंट, पाइन एप्पल, कॉकटेल, रोज, पान मसाला, मैंगो जैसे कई फ्लेवर्स शामिल होते हैं।
  • तंबाकू में मिंट का अतिरिक्त फ्लेवर मिलाया जाता है।
  • मीठे और कसैले स्वाद का आनंद लेने वाले लड़के-लड़कियों के लिए तंबाकू में फलों का फ्लेवर मिलाया जाता है।
  • हुक्के में ठंडे और गर्म का एक साथ एहसास दिलाने के लिए दो फ्लेवरों का मिश्रण कर उसका कश लिया जाता है।
  • रोमांटिक मूड बनाने के लिए आडू या संतरे के फ्लेवर वाला तंबाकू हुक्के में डालकर उसका कश लिया जाता है।

अब पढ़िए हुक्के से होने वाले नुकसान...

नाइट क्लब से हुक्का बार तक
इससे पहले दैनिक भास्कर ने लगातार लखनऊ के नाइट क्लब में नियमों के उल्लंघन की खबरें आपके सामने रखी हैं। किस तरह अश्लीलता और फुहड़ता के साथ ये क्लब चलाए जा रहे हैं। लाइसेंस शराब पिलाने का इनके पास होता है, लेकिन इनसे निकलने वाला शोर आस-पास की सोसाइटी में लोगों को सोने नहीं देता है। भास्कर सामाजिक सरोकार में ये जिम्मेदारी आगे भी निभाता रहेगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था- हुक्का बार पर रोक लगाएं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में चल रहे हुक्का बार पर रोक लगा दी है। साथ ही, आदेश जारी किया कि किसी भी रेस्टोरेंट या कैफे हुक्का बार चलाने की अनुमति नहीं दी जाए। सितंबर 2020 को खंडपीठ ने ये आदेश लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट हरगोविंद पांडे की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था।