लखनऊ के 18 हजार बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ी आफत:चिपचिपाती गर्मी में अभी झेलना होगा और बिजली संकट, 6 करोड़ की लागत से बन रहे पावर हाउस का काम रूका

लखनऊएक वर्ष पहले
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उपकेंद्र की जिम्मेदारी जिसको दी गई है,उसने बिना किसी जानकारी के काम बंद कर दिया है।(प्रतीकात्मक फोटो) - Dainik Bhaskar
उपकेंद्र की जिम्मेदारी जिसको दी गई है,उसने बिना किसी जानकारी के काम बंद कर दिया है।(प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ के अमीनाबाद में 12 हजार कमर्शियल और 6 हजार आवासीय उपभोक्ताओं को इस बार भी बिजली संकट से राहत नहीं मिल पाएगी। यहां लोड कम करने के लिए नया उपकेंद्र बन रहा था। छह करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले उपकेंद्र की जिम्मेदारी जिसको दी गई है,उसने बिना किसी जानकारी के काम बंद कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी दिवालिया हो गई और उसके अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

डेढ़ साल पहले शुरू हुए उपकेंद्र का काम शुरू हुआ था। लेकिन पिछले लॉक डाउन के समय से कंपनी ने काम बंद कर दिया है। 30 जून तक उपकेंद्र का काम पूरा होना था। लेकिन काम 30 फीसदी भी काम पूरा नहीं हुआ है। यहां तक की बिल्डिंग निर्माण भी अधूरा है। यहां उपकेंद्र बनाने का प्लान पिछले सात साल से चल रहा है। करीब चार पांच साल से ज्यादा समय जमीन चिन्हित करने और उसको खरीदने में लग गया। यहां जमीन नगर निगम की थी, पहले लेसा ने फ्री में जमीन लेने की कोशिश की थी लेकिन नगर निगम ने ऐसा करने से मना कर दिया था। उसके बाद करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से जमीन खरीदी गई थी।

आए दिन होते फॉल्ट
अमीनाबाद संघर्ष समिति के जितेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि यहां आए दिन फॉल्ट हो रहा है। उन्होंने बताया कि वोल्टेज भी काफी लोड रहता है। इसी लो वोल्टेज की समस्या से निजात पाने के लिए उपकेंद्र का निर्माण होना था। यहां छोटे बड़े 32 बाजार है। जहां प्रतिदिन करीब एक लाख से ज्यादा लोगों का आना होता है। लाइट जाने की स्थिति में कस्टमर भी परेशान होते है।

20 एमवीए क्षमता का उपकेद्र बनना था
मौजूदा समय में पूरे अमीनाबाद में एक ही उपकेंद्र से बिजली सप्लाई हो रही है। इसकी क्षमता 30 एमवीए है। डिमांड इससे ज्यादा पहुंचने लगी है। अब इसको कंट्रोल करने के लिए 20 एमवीए क्षमता का नया उपकेंद्र बनना था। इसमें 10 - 10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगने है। मौजूदा उपकेंद्र पर 80 फीसदी से ज्यादा लोड नहीं दिया जा सकता है। उमस बढ़ने के साथ ही लोड कई बार 80 फीसदी तक पहुंच जाता है।

इन बाजारों को होनी थी बिजली सप्लाई
यहां से मुमताज मार्केट, प्रताप मार्केट, स्वदेशी मार्केट, ओल्ड मेडिसिन मार्केट, गड़बड़झाला, फतेहगंज, श्रीराम रोड, नजीराबाद, गुईंन रोड समेत कई बाजारों में बिजली जानी थी। इसकी वजह से हाथी खाला,मौलवीगंज समेत कई इलाकों में ओवर लोड की समस्या खत्म होनी थी।

क्या कहते जिम्मेदार?
इस मामले में जेई आशुतोष पांडेय बताते है कि कंपनी से कोई संपर्क नहीं है। अब नई कंपनी से बात चल रही है। इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दे दी गई है। उम्मीद है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पुरानी कंपनी को नोटिस भी जारी की गई थी। उम्मीद है कि उनका पैसा जो विभाग में जमा है उसको भी जब्त कर लिया जाएगा।

  • उपकेंद्र लागत 6.50 करोड़
  • कुल उपभोक्ता - 18000
  • कारोबारी - 12 000
  • क्षमता - 20 एमवीए
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