सही रिपोर्ट छिपा कर गलत रिपोर्ट शासन को भेजा:वाणिज्य कर विभाग में 3 हजार पदों के खत्म होने का खतरा, CM से कर्मचारी संगठन ने लगाई गुहार

लखनऊ4 महीने पहले
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राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई गई है। - Dainik Bhaskar
राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई गई है।

वाणिज्यकर विभाग में काम करने वाले चतुर्थ और तृतीय श्रेणी के 3 हजार पद खत्म हो सकते है। विभागीय अधिकारी ने शासन को एक ऐसा प्रस्ताव भेजा है कि पद खत्म हो जाएंगे। यह आरोप उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने लगाया है। संगठन की ओर से मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई गई है।

आरोप है कि विभाग की तरफ से आईआईएम लखनऊ से एक रिपोर्ट बनवाई गई थी। उसके लिए 59 लाख रुपए का भुगतान किया गया था। इसमें विभाग के विकास के लिए कई सुझाव दिए गए थे। इसमें अलग-अलग पदों पर लोगों की जिम्मेदारी तय की गई थी। लेकिन उस रिपोर्ट को शासन स्तर पर पहुंचने नहीं दिया गया और उसके जगह पर ऐसा प्रस्ताव भेज दिया गया, जिससे करीब 3 हजार पद खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। मामले में अब जांच बैठाकर आईआईएम लखनऊ की रिपोर्ट को लागू करने की मांग तेज हो गई है।

टैक्स ऑडिट में मर्ज करने की बात
भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, पदों को समाप्त कर सबकों टैक्स ऑडिट में मर्ज करने की बात है। जबकि संगठनों का कहना है कि यह पद विभाग में पहले से है। विभाग टैक्स ऑडिट में पर्याप्त कर्मचारी अधिकारी कार्य के अनुपात में तैनात है।

छह से ज्यादा पदों पद नौकरी जाने का खतरा
उन्होंने बताया कि जो कमिटी बनाई गई है, उसमें से कई लोगों पर पहले से जांच चल रही है। उसके अलावा प्रस्ताव पास हुआ तो छह से ज्यादा पद पर नौकरी जाने का खतरा है। वाहन चालक, कनिष्ठ सहायक, वाणिज्य कर अधिकारी, स्टेनो, असिस्टेंट कमिश्नर, पल्लेदार जैसे पदों की समाप्ति लगभग तय है। उनका आरोप है कि कर चोरी रोकने और ईमानदार व्यापारियों न्याय करने के लिए विभाग सचल इकाई को खत्म किया जाना विभाग लिए बहुत बड़ा खतरा है।

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