अयोध्या राम मंदिर:रामलला के भव्य मंदिर के लिए बन रही नींव 5 हजार साल तक टिकाऊ, 1 घन मीटर क्षेत्र में 2400 Kg मटेरियल भरा

अयोध्या7 महीने पहले
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राम मंदिर की नींव निर्माण का कार्य 24 घंटा चल रहा है। - Dainik Bhaskar
राम मंदिर की नींव निर्माण का कार्य 24 घंटा चल रहा है।

रामलला के भव्य मंदिर के लिए बन रही नींव 5 हजार साल तक टिकाऊ रहेगी। इसका निर्माण वैज्ञानिक ढंग से हो रहा है। इसे आरसीसी (रोलर कॉम्पैक्ट कंक्रीट) कहा जाएगा। इसकी सात लेयर पूरी होने के बाद पूरे आरसीसी क्षेत्र काे समतल किया जा रहा है। एक फीट मोटी लेयर बिछाकर रोलर से कॉम्पैक्ट करने में 4 से 5 दिन लग रहे हैं। मंदिर की नींव निर्माण का कार्य 24 घंटे चल रहा है। यह कार्य 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में हो रहा है। लगभग एक लाख 20 हजार घन मीटर मलबा निकाला जा चुका है। अगस्त माह तक काम पूर्ण होने की उम्मीद है। परकोटा सीधा करने के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता थी, वह काम हो चुका है। पश्चिम के परकोटे का कोना ठीक होना बाकी है।

पत्थर, गिट्टी के पाउडर व कोयले की राख का हो रहा इस्तेमाल
नींव में एक घन मीटर क्षेत्र में 2400 किलोग्राम मटेरियल भरा जा रहा है। इसमें सीमेंट मात्र 2.5 प्रतिशत है। इसके विवरण में पत्थर गिट्टी 20 मिलीमीटर (साइज- 769Kg), पत्थर गिट्टी 10 मिलीमीटर (साइज की 512 Kg), पत्थर पाउडर (854 Kg), पत्थर कोयला राख (90 Kg), थर्मल पॉवर स्टेशन से प्राप्त सीमेंट (60 Kg)और पानी (115 kg) लग रहा है। नींव 400 फीट लंबाई व 300 फीट चौड़ाई पर डाली जा रही हैं। एक लेयर 12 इंच मोटी बिछा कर रोलर से दबाया जाता है, जब 2 इंच दबकर लेयर 10 इंच हो जाती है। तब दूसरी लेयर बिछाया जा रहा हैं। ऐसी 44 लेयर की नींव बननी है।

एक फीट मोटी लेयर बिछाकर रोलर से कॉम्पैक्ट करने में 4 से 5 दिन लग रहे हैं।
एक फीट मोटी लेयर बिछाकर रोलर से कॉम्पैक्ट करने में 4 से 5 दिन लग रहे हैं।

लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को मंदिर निर्माण कार्य
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर के वास्तु का दायित्व अहमदाबाद के चंद्रकान्त सोमपुरा पर है। वे साल 1986 से जन्मभूमि मंदिर निर्माण की देखभाल कर रहे हैं। लार्सन एंड टूब्रो कंपनी को मंदिर निर्माण का कार्य दिया है, निर्माता कंपनी के सलाहकार के रूप में ट्रस्ट ने टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स को चुना है। संपूर्ण मंदिर पत्थरों से बनेगा। मंदिर तीन मंजिला होगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट होगी। मंदिर की लंबाई 360 फीट तथा चौड़ाई 235 फीट है, भूतल से 16.5 फीट ऊंचा मंदिर का फर्श बनेगा, भूतल से गर्भगृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट होगी।