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64 अरब रुपए का रेडियोएक्टिव पदार्थ बरामद:लखनऊ पुलिस ने 340 ग्राम कैलिफोर्नियम जब्त किया, 8 पकड़े गए; ये दुनिया की तीसरी सबसे महंगी धातु

लखनऊ4 महीने पहले
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पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

यूपी की राजधानी लखनऊ के गाजीपुर थाने की पुलिस ने गुरुवार तड़के दुनिया की तीसरी नंबर की सबसे महंगी रेडियोएक्टिव धातु कैलिफोर्नियम के साथ आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को गिरोह के पास से 340 ग्राम संदिग्ध कैलिफोर्नियम धातु मिली है। एक ग्राम कैलिफोर्नियम की कीमत करीब 27 लाख डॉलर प्रति ग्राम (करीब 19 करोड़ रुपए) होती है।

इस हिसाब से 340 ग्राम की कीमत 6460 करोड़ रुपए है। इसकी बिक्री मिली ग्राम में होती है। कैलिफोर्नियम एक रेडियोधर्मी रासायनिक तत्व है जिसमें प्रतीक सीएफ और परमाणु क्रमांक 98 है। पुलिस इस धातु को परीक्षण के लिए अब आइआइटी कानपुर भेजेगी। यह प्राकृतिक नहीं लैब में मानव निर्मित पदार्थ है। इसका प्रयोग कैंसर के इलाज, एटॉमिक एनर्जी और अन्य कार्यों में किया जाता है।

बिहार के दोनों आरोपी को खदान में काम करने वाले व्यक्ति ने दिया था
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि महेश और रविशंकर बिहार से इसे लेकर आए थे। 29 साल का महेश बिहार के नवादा जिले के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत हनुमान नगर का रहने वाला है तो 47 वर्षीय रविशंकर पटना जिले के शाहपुर थाने का निवासी है। दोनों को कोयले की खदान में काम करने वाले किसी व्यक्ति ने इसे दिया था। देने वाले ने दोनों को बताया था कि यह कैलिफोर्नियम धातु है। बहुत महंगी बिकती है। उसकी बिक्री करने के लिए यह दोनों लखनऊ ले आए थे। इसके बाद से ग्राहक तलाश रहे थे।

महेश और रविशंकर ने लखनऊ आकर कैलिफोर्नियम की बिक्री के लिए अभिषेक से संपर्क किया। अभिषेक बीती जनवरी से गिरोह के साथ कैलिफोर्नियम लेकर बिक्री के लिए घूम रहा था। जनवरी के आखिरी सप्ताह में अभिषेक ने गोमतीनगर निवासी प्रापर्टी डीलर शशिलेश से संपर्क किया था। शशिलेश से सौदा तय हुआ था। शशिलेश को माल दिखाकर उससे 1.20 लाख रुपये भी ले लिए थे। शुक्रवार तड़के शशिलेश को अभिषेक ने फिर बात करने के लिए पालिटेक्निक चौराहे पर बुलाया था। शशिलेश की सूचना पर वहां पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह को दबोच लिया।

कैलिफोर्निया में 1950 में पहली बार बना इसलिए यह नाम...यह प्राकृतिक नहीं, लैब में तैयार होने वाली धातु
इस रेडियोऐक्टिव केमिकल का अविष्कार 1950 में कैलिफोर्निया में किया गया था। विस्फोटक और लैंड माइंस का पता लगाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है। कैंसर ट्रीटमेंट में भी इसे उपयोग में लाया जाता है। इसकी कीमत 27 लाख डॉलर प्रति ग्राम है। कैलिफोर्नियम धातु बहुत हानिकारक है और अत्यधिक रेडियोधर्मी है। कैलिफोर्नियम धातु भारी धातु है। खोज अमेरिका की लॉरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी ने की थी।

ये सब पकड़े गए

  • कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी निवासी अभिषेक चक्रवर्ती
  • जिला नेवादा बिहार निवासी महेश कुमार
  • पटना जिला बिहार निवासी रविशंकर
  • कृष्णानगर लखनऊ निवासी अमित कुमार सिंह
  • बाजारखाला लखनऊ निवासी शीतल गुप्ता
  • बस्ती जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी हरीश चौधरी
  • बस्ती जिले के पैकवलिया निवासी रमेश तिवारी
  • बस्ती जिले के बेलवाडाड़ी निवासी श्याम सुंदर
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