जानिए UP में कैसा होगा दशहरा:मेरठ में 120 तो लखनऊ में 80 फीट का रावण जलेगा, एंट्री सिर्फ 200 लोगों को

लखनऊ2 दिन पहले
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  • आगरा और वाराणसी में दहन नहीं होगा, मेरठ में रिमोट से जलेगा

आज विजयादशमी पर मेरठ में प्रदेश के सबसे ऊंचे 120 फीट के रावण के पुतले का दहन होगा। लखनऊ में 80 फीट का रावण जलेगा। समारोह की मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल होंगी। आगरा और वाराणसी में इस बार दशहरे का मुख्य समारोह नहीं हो रहा है। मेरठ में 120 फीट के रावण का पुतला बनाया गया है। रिमोट से दहन किया जाएगा।

जानिए किस शहर में दशहरे को लेकर क्या हैं तैयारियां...

लखनऊ में आम लोगों को एंट्री नहीं मिलेगी
ऐशबाग में श्री रामलीला समिति ऐशबाग में नवरात्रि के पहले दिन से डिजिटल रामलीला महोत्सव का आयोजन चल रहा है। दशहरा के दिन यानी आज प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा उपस्थित होंगे। श्री राम लीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल व संयोजक पं. आदित्य द्विवेदी ने बताया कि रामलीला दशहरा महोत्सव में पहले राम व रावण के बीच युद्ध होगा। उसके बाद रावण का 80 फीट के पुतले का दहन आतिशबाजी के बीच किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामलीला परिसर में ज्यादा भीड़ न जमा होने पाए इसके सभी जरूरी उपाय किए गए हैं। रामलीला के बाद रावण दहन भी ऑनलाइन यानी वेबसाइट (www.aishbaghramleela.org) पर देख सकते हैं।

मेरठ में 120 फीट ऊंचा रावण का पुतला...रिमोट से होगा दहन
मेरठ में विजयादशमी पर्व पर रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण के साथ इस साल कोरोना महामारी के 20 फीट के पुतले का भी दहन होगा। भैंसाली मैदान कैंट में रिमोट से 120 फीट का रावण का पुतला जलेगा। इसे सवा लाख रुपए में तैयार किया जा रहा है।

जिले में यहां होगा दहन
कंकरखेड़ा मार्शल पिच मैदान पर अट्‌टाहस करते हुए रावण का दहन होगा। इसके साथ यहां मेला भी लगेगा। मेले में 'दो गज दूरी मास्क है जरूरी' का संदेश माइक से दिया जाएगा। सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा शास्त्रीनगर रामलीला मैदान, जेलचुंगी, दिल्ली रोड, तोपखाना फुटबॉल ग्राउंड, कसेरुखेड़ा में भी रावण दहन होगा।

रावण की ससुराल है मेरठ
मेरठ रावण की ससुराल है। रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता मय दानव ने मेरठ नगर बसाया था। मंदोदरी के पिता मय दानव के नाम पर ही मेरठ का पुराना नाम मयराष्ट्र था जो आगे चलकर मेरठ हुआ। इसलिए मेरठ रावण की ससुराल है। यहां आज भी सदर स्थित बिल्वेश्वर मंदिर के बारे में प्रचलित है कि इस मंदिर में मंदोदरी भगवान शिव की पूजा करने आती थी। शिवजी के आशीर्वाद से ही मंदोदरी की विद्वान पति को पाने की इच्छा पूरी हुई थी।

मथुरा में 70 फीट का रावण जलेगा...मुस्लिम परिवार 100 साल से बना रहा
मथुरा के कोसी में होने वाली प्रसिद्ध रामलीला में शुक्रवार को रावण वध होगा। इस रावण वध के दौरान भगवान राम 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन करेंगे। कोसी में दशकों से चली आ रही इस रामलीला में मथुरा का मुस्लिम परिवार रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बनाते चला आ रहा है।

प्रयागराज में पजावा रामलीला मैदान में होगा 50 फीट के रावण का दहन
प्रयागराज में प्रमुख रूप से पथरचट्‌टी और पजावा कमेटियां हैं, जो पिछले सैकड़ों साल से रामलीला व रावण दहन का आयोजन करती आ रही हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले दो साल से यहां रावण दहन सांकेतिक रूप से किया गया। इस बार संक्रमण कम होने पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। पजावा कमेटी के सदस्य सचिन गुप्ता के अनुसार, पजावा रामलीला मैदान पर 50 फीट के रावण का दहन किया जाएगा।

श्रीराम चंद्र जी ओर से छोड़े गए कृतिम तीर रावण की नाभि में लगेगी और आतिशबाजी के साथ रावण का दहन शुरू हो जाएगा। वहीं पथरचट्टी रामलीला देश व प्रदेश की प्रमुख रामलीला कमेटियों से एक है। पथरचट्टी की ओर से इस बार भी विजयादशमी के पर्व पर रावण का दहन सांकेतिक तौर पर किया जाएगा। वहीं इस बार भी इन दोनों कमेटियों की ओर से शहर में रामदल व भव्य शृंगार की चौकियां नहीं निकाली जाएंगी।

गोरखपुर में 35 फीट के पुतले का दहन होगा
बर्दघाट रामलीला कमेटी की ओर से यहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यहां 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। हालांकि आयोजन स्थल पर पहुंचने की कोई बंदिश नहीं है।

आगरा में नहीं बन पाया पुतला…रावण वध की लीला का मंचन होगा
आगरा में इस बार उत्तर भारत की प्रसिद्ध रामलीला का ऑनलाइन मंचन हो रहा है। ऐसे में इस बार दशहरा पर रावण दहन भी ऑनलाइन होगा। श्री रामलीला कमेटी के मंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस बार रामलीला आयोजन को अंतिम समय पर अनुमति मिली थी। ऐसे में तैयारियां पूरी न होने के चलते रामलीला का ऑनलाइन मंचन हो रहा है।

आगरा की रामलीला में पिछले साल तक 100 फीट के रावण के पुतले का दहन होता था। पुतला बनाने में करीब 45 दिन का समय लगता था। ऐसे में इस बार पुतला बनाने का समय न मिलने के कारण रावण पुतला तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में इस बार ऑनलाइन ही पुतला दहन किया जाएगा। वहीं, आगरा कैंट में होने वाली रेलवे संस्थान की रामलीला के संयोजक राकेश कनौजिया ने बताया कि उनके यहां पर भी रावण का पुतला दहन नहीं होगा। केवल रावण वध की लीला का मंचन किया जाएगा। आतिशबाजी भी नहीं होगी।

वाराणसी में 65 साल में दूसरी बार नहीं होगा रावण दहन...रामलीला भी नहीं हुई
वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) परिसर में 65 साल पुराना विजया दशमी महोत्सव लगातार दूसरे साल इस बार भी नहीं आयोजित होगा। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) विजयादशमी समिति के निदेशक एसडी सिंह ने बताया कि इस बार नवरात्रि में नवाह्न संगीत समिति का आयोजन किया गया है। रोजाना शाम 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक रामायण पाठ किया जा रहा है।

15 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर हवन-पूजन कर इसकी समाप्ति होगी। रामलीला आयोजन न होने के संबंध में समिति निदेशक ने कहा कि कोविड की वजह से पिछले साल की तरह इस बार भी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला नही जलेगा। अब जब रामलीला ही नहीं हो रही तो राम का जन्म भी नहीं हुआ और फिर रावण को जलाने का भी कोई तुक नहीं बनता।

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