लखनऊ में दीवार गिरी, 9 की मौत:झांसी के मजदूरों ने दीवार के सहारे बनाई थी झोपड़ी, हॉस्पिटल जाने वाले थे CM; जलभराव से दौरा रद्द

लखनऊ3 महीने पहले

लखनऊ में तीन दिन से हो रही भारी बारिश के बीच शुक्रवार तड़के 3 बजे बड़ा हादसा हो गया। यहां दिलकुशा कॉलोनी में दीवार गिरने से 9 लोगों की दबकर मौत हो गई। दो घायलों को सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। DM सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि सभी मृतक और घायल झांसी जिले के पचवारा के रहने वाले हैं। CM योगी घायलों से मिलने हॉस्पिटल पहुंचने वाले थे, लेकिन कालिदास चौराहे के पास पार्क रोड पर जलभराव के कारण दौरा रद्द करना पड़ा।

यह सभी कैंट एरिया में आर्मी कैंपस की पुरानी दीवार के सहारे झोपड़ी में रह रहे थे और नई बाउंड्रीवाल के निर्माण कार्य में लगे थे। DM ने बताया कि बांउड्रीवाल के पास लोग झोपड़ी में सोए थे। रेस्क्यू देर रात ही पूरा कर लिया गया है। घायलों की हालत खतरे से बाहर है। सिविल हॉस्पिटल के डायरेक्टर आनंद ओझा का कहना है कि सुबह 7 बजे 9 लोगों को लाया गया था, सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा दो घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

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बारिश के बीच मिट्टी धंस गई। इसके बाद दीवार और झोपड़ी ढही, जिसमें सो रहे लोग दब गए।
बारिश के बीच मिट्टी धंस गई। इसके बाद दीवार और झोपड़ी ढही, जिसमें सो रहे लोग दब गए।

सेना के जवानों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
आर्मी कैंट के पास हादसा हुआ तो मौके पर रेस्क्यू के लिए आर्मी के जवान भी पहुंच गए। CM योगी हादसे में नजर बनाए हैं। DM और पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। CM ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए की राहत राशि देने का ऐलान किया है। घायलों के बेहतर इलाज कराए जाने के सीएम ने निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री अमित शाह और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हादसे पर दुख जताया है।

सूचना पर आर्मी अफसर और डीएम सूर्यपाल गंगवार भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का जायजा लिया।
सूचना पर आर्मी अफसर और डीएम सूर्यपाल गंगवार भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का जायजा लिया।

ईंट से बनाई थी दीवार
मजदूर पुरानी दीवार के सहारे झोपड़ी बनाकर रहते थे। तीन दिनों से लखनऊ में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। सुबह 3 बजे के आसपास अचानक घटी इस घटना से मौके पर चीख पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बताया कि भारी बारिश होने के चलते दीवार काफी कमजोर हो गई थी। आसपास की मिट्टी धंसने से दीवार ढह गई। घटना होते ही सेना के जवान मौके पर आकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए।

रात में हादसे की सूचना पर आर्मी के जवान और स्थानीय लोग रेस्क्यू में जुट गए।
रात में हादसे की सूचना पर आर्मी के जवान और स्थानीय लोग रेस्क्यू में जुट गए।

सभी मृतक और घायल झांसी जिले के पचवारा के रहने वाले हैं। आगे हम आपको उनकी डिटेल्स बता रहे हैं...

मृतकों की डिटेल्स

  • पप्पू पुत्र घनश्याम, उम्र 40 वर्ष
  • मानभुवन देवी पत्नी पप्पू, उम्र 40 वर्ष
  • प्रदीप पुत्र पप्पू, उम्र 20 वर्ष
  • रेशमा पत्नी प्रदीप, उम्र 22 वर्ष
  • नैना उर्फ भारती पुत्री प्रदीप, उम्र 1 वर्ष
  • धर्मेंद्र, उम्र 24 वर्ष
  • वीबी चंदा पत्नी धर्मेंद्र, उम्र 20 वर्ष
  • 2 बच्चे

2 घायलों के नाम

  • राघवेंद्र पुत्र करन, उम्र 20 साल
  • गोलू पुत्र पप्पू, उम्र 18 साल

यह भी पढ़ें- 'भगवान ने बड़ा दुख दे दियो': लखनऊ में दीवार गिरने से झांसी के एक ही परिवार के 5 की मौत; पढ़िए परिवार वालों का दर्द

हादसे से जुड़ी अन्य तस्वीरें...

जहां दीवार बनी थी, उसके आसपास पानी भरा है। मिट्‌टी बहने से दीवार ढही है।
जहां दीवार बनी थी, उसके आसपास पानी भरा है। मिट्‌टी बहने से दीवार ढही है।
फोटो में सबसे ऊपर आप देख सकते हैं कि तिरपाल से बनी एक झोपड़ी दिखाई दे रही है, ऐसी ही झोपड़ी बनाकर मजदूर रहते थे।
फोटो में सबसे ऊपर आप देख सकते हैं कि तिरपाल से बनी एक झोपड़ी दिखाई दे रही है, ऐसी ही झोपड़ी बनाकर मजदूर रहते थे।
ये तस्वीर घायल गोलू की है। इनका इलाज सिविल हॉस्पिटल में चल रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनका हाल जाना।
ये तस्वीर घायल गोलू की है। इनका इलाज सिविल हॉस्पिटल में चल रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनका हाल जाना।
घायल राघवेंद्र ने बताया कि रात में हादसे के बाद वह बेहोश थे। सुबह आया तो देखा कि हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है।
घायल राघवेंद्र ने बताया कि रात में हादसे के बाद वह बेहोश थे। सुबह आया तो देखा कि हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है।
आसपास की झोपड़ियों में सामान बिखरा है। यहां भी कुछ मजदूर परिवार के साथ रहते हैं। वह अभी यहां नहीं हैं।
आसपास की झोपड़ियों में सामान बिखरा है। यहां भी कुछ मजदूर परिवार के साथ रहते हैं। वह अभी यहां नहीं हैं।
जहां हादसा हुआ, वहां की जमीन काफी दलदली हो चुकी है। मजदूर परिवार का एक बैग पड़ा दिखाई दे रहा है।
जहां हादसा हुआ, वहां की जमीन काफी दलदली हो चुकी है। मजदूर परिवार का एक बैग पड़ा दिखाई दे रहा है।
ये तस्वीर हादसे वाली जगह पर पहुंचने के लिए रास्ते की है। यहां करीब तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी थी।
ये तस्वीर हादसे वाली जगह पर पहुंचने के लिए रास्ते की है। यहां करीब तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी थी।
जहां हादसा हुआ है, उसके आसपास अभी भी कुछ ऐसी झोपड़ियां बनी हैं। इनमें मजदूर परिवार के साथ रहते हैं।
जहां हादसा हुआ है, उसके आसपास अभी भी कुछ ऐसी झोपड़ियां बनी हैं। इनमें मजदूर परिवार के साथ रहते हैं।
जंगल में हादसे की वजह से घटनास्थल तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी थी। करीब 300 मीटर दूर सड़क पर खड़ी एंबुलेंस।
जंगल में हादसे की वजह से घटनास्थल तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी थी। करीब 300 मीटर दूर सड़क पर खड़ी एंबुलेंस।
सुबह भी दिलकुशा एरिया में फोर्स मौजूद है।
सुबह भी दिलकुशा एरिया में फोर्स मौजूद है।
आनन-फानन घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया। मौके पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीम भी पहुंची थी।
आनन-फानन घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया। मौके पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीम भी पहुंची थी।