खनन का ठेका दिलाने के लिए 9.30 करोड़ ठगे:मुंबई के एक बिल्डर से हमीरपुर के मौरंग व्यापारी ने साथियों संग की धोखाधड़ी, लखनऊ के होटलों में होती थी दावत; FIR दर्ज

लखनऊ6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड थाने में मुंबई के बिल्डर ने 9.30 करोड़ की ठगी का FIR दर्ज कराया है। बिल्डर का आरोप है कि हमीरपुर के एक मौरंग व्यापारी समेत 4 लोगों ने रेत खनन ठेके में साझेदार बनाने का दावा करके अपनी बातों में फंसाकर निवेश करा लिया। इसके लिए आरोपी लखनऊ में कई बार होटलों में बड़ी-बड़ी पार्टी का भी आयोजन करते थे। उन्होंने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से मिल कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दरअसल, मुंबई के मलाड निवासी दीपक शर्मा की मेसर्स नैचुरल बिल्डर्स के नाम से फर्म है। दीपक शर्मा ने बताया कि उनकी फर्म का ऑफिस अंधेरी पूर्व कांदीवली में है। 2018 में एक पार्टी में वृंदावन एल्डिको सौभाग्यम निवासी आनंद कुमार सिंह उर्फ बाबा त्रिकालदर्शी से हुई थी। उन्होंने हमीरपुर में मौरंग व्यापार से जुड़े होने और राजनीतिक गलियारों में गहरी पकड़ होने का दावा किया था। मौरंग और रेत खनन में बड़ा निवेश किए जाने पर मोटा मुनाफा कमाने की बात कहकर खनन लाइन से जुड़ने को कहा। उनकी बातों में आकर व्यापार बढ़ाने के मकसद से दिसंबर 2018 में लखनऊ आया। आनंद सिंह ने विभूतिखंड होटल में 3 दिन तक रुकवाया। जहां आनंद ने अपने दोस्त राजीव पालीवाल, नवनीत सिंह भदौरिया और विजय पाल प्रजापति से मुलाकात कराई।

झांसे लेकर पहले करा लिए एक करोड़ RTGS, फिर 8.30 करोड़ ठगे
पीड़ित दीपक ने बताया कि मुलाकात के दौरान विजय पाल और नवनीत सिंह ने हमीरपुर में रेत और मौरंग के ठेके दिलाने की बात कही। विजय पाल ने अपनी फर्म बीपी कंस्ट्रक्शन के पास सरकारी खनन का पट्टा होने का दावा किया। भरोसा दिलाने के लिए आनंद और उसके साथियों ने टेंडर से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए। इस पर उनकी बातों में आकर उनके बताए गए खातों में एक करोड़ रुपए RTGS से जमा किए थे। आरोपियों ने दीपक की फर्म के नाम पर टेंडर जारी होने की बात कही थी।

बाद में विजय पाल की फर्म के नाम पर टेंडर खुलने की बात कहते हुए दीपक से 50 लाख रुपए और लिए गए थे। इसके बाद इन लोगों से कई पार्टियों में मुलाकात हुई। इन लोगों ने कई बार में कारोबार के नाम पर करोड़ ले लिए और मुनाफा भी नहीं दिया। दीपक का आरोप है कि आरोपियों ने निवेश और मुनाफे के कुल मिलाकर करीब 9.30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर ली। विभूतिखंड इंस्पेक्टर चंद्र शेखर के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

खबरें और भी हैं...