महंत की मौत का रहस्य सुलझाएगी CBI:जांच एजेंसी ने FIR में आनंद गिरि को नामजद आरोपी बनाया; नरेंद्र गिरि के कमरे की जांच करेंगे फॉरेंसिक एक्सपर्ट

लखनऊएक महीने पहले
20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरी का शव उनके कमरे में फंदे पर लटका मिला था।- फाइल

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज कर ली है। इस केस की जांच CBI की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच करेगी। इसके लिए ASP केएस नेगी की अगुवाई में CBI की 20 लोगों की टीम बनाई गई है। जांच एजेंसी ने प्रयागराज के जॉर्जटाउन थाने में दर्ज FIR को ही गुरुवार को दर्ज केस को ही आधार बनाया है। इसमें नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि को नामजद आरोपी बनाया गया है।

संत समाज की मांग पर योगी सरकार ने 22 सितंबर को केंद्र सरकरा से CBI जांच की सिफारिश की थी। केंद्र ने गुरुवार को इसकी मंजूरी दे दी थी। इसके फौरन बाद CBI की 5 मेंबर्स की पांच सदस्यीय टीम प्रयागराज पहुंच गई थी। टीम आज बाघंबरी मठ में महंत नरेंद्र गिरि का कमरा खोल सकती है। इसी कमरे में महंत का शव मिला था। पुलिस ने इस कमरे को सील कर दिया था।

फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम करेगी जांच
CBI सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक की विशेष टीम पूरे प्रकरण में एक बार नए सिरे से जांच करेगी। यह टीम सुसाइड नोट से लेकर घटनास्थल तक का बारीकी से निरीक्षण करेगी। गिरफ्तार आनंद गिरि, आद्या प्रसाद और संदीप तिवारी से भी पूछताछ तय है।

22 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि को मठ के बगीचे में समाधि दी गई थी।
22 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि को मठ के बगीचे में समाधि दी गई थी।

20 सितंबर को मिला था शव
सोमवार देर शाम नरेंद्र गिरि का संदिग्ध हालात में कमरे में फंदे पर लटका शव मिला था। कमरे में एक 11 पन्ने का सुसाइड नोट मिला था। इसमें आत्महत्या की वजह अपने तीन शिष्यों आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के प्रमुख पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप को बताया था। साथ ही अपने शिष्य बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी भी घोषित किया था। इस मामले में अमर गिरि ने जार्जटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आनंद गिरि को आरोपी बनाया गया था।

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