यूपी में तालीम के नाम पर आतंकी ट्रेनिंग:​​​​​​​देवबंद से आजमगढ़ तक एजेंट सक्रिय, लखनऊ बना हब, कानपुर ट्रेनिंग सेंटर

लखनऊ4 महीने पहले

यूपी में जैश-ए-मोहम्मद और ISI के स्लीपिंग माड्यूल तालीम की आड़ में कट्टरपंथ, धर्मांतरण और आतंकी गतिविधियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग दे रहे हैं। ATS और सुरक्षा एजेंसी यूपी में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 3 आतंकवादियों को सिर्फ 7 दिन में गिरफ्तार कर चुके हैं।

ATS ने शनिवार को यूपी में फिदायीन हमले की तैयारी कर रहे हबीबुल को फतेहपुर से गिरफ्तार किया। वो दीनी तालीम के नाम पर युवाओं को आतंकी गतिविधियां सिखा रहा था। 11 जुलाई 2021 को प्रयागराज में पकड़ा गया ओसामा भी मदरसे में पढ़ाकर आतंकी नेटवर्क तैयार कर दिया था।

ये सिलसिला प्रयागराज करेली के वसियाबाद तक मिला। यहां के मदरसा संचालक मुफ्ती सैफुर्रहमन के घर पर छापामारी में चौकाने वाले फैक्ट सामने आए थे। इसके आधार पर ATS यूपी में स्लीपिंग माड्यूल के एक बड़े नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

बम बनाने से लोन वुल्फ अटैक तक की दी जा रही ट्रेनिंग

फतेहपुर से गिरफ्तार आतंकी हबीबुल ने किए कई चौकाने वाले खुलासे।
फतेहपुर से गिरफ्तार आतंकी हबीबुल ने किए कई चौकाने वाले खुलासे।

ATS सोर्स के मुताबिक यूपी में जैश-ए-मोहम्मद और ISI अपने स्लीपिंग माड्यूल्स को ऑनलाइन लोन वुल्फ अटैक से लेकर बम तक बनाने की ट्रेनिंग दे रहा है। सहारनपुर में गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद का नदीम और फतेहपुर का हबीबुल और आजमगढ़ ISI से जुड़ा सबाउद्दीन आजमी बानगी हैं।
इससे पहले अप्रैल 2022 में गोरखपुर से गिरफ्तार मुर्तजा हो या एनकाउंटर में मारा गया कानपुर का सैफुल्लाह भी। ये सभी ऑनलाइन चाकू से हमला, बम धमाके और गोली मारने की ट्रेनिंग ले चुके थे।

आतंकियों का हब बन गया लखनऊ, कानपुर में मिलती शरण
ATS के मुताबिक आतंकियों ने लखनऊ और कानपुर से हाईवे की कनेक्टिविटी के चलते यहां गतिविधियां बढ़ी हुईं हैं। 11 जुलाई 2021 को लखनऊ से आतंकी संगठन अलकायदा के समर्थित अंसार गजवातुल हिंद माड्यूल के आतंकी मिनहाज, मसीरुद्दीन शकील, मुस्तकीम व मुईद को पकड़ा था।
इन लोगों ने भी ऑनलाइन कुकर बम बनाना सीखा था और एक मदरसा संचालक के संपर्क में थे। इनका कानपुर से मेरठ तक कई शहरों कनेक्शन सामने आए थे।कानपुर में सैफुल्ला से हुरैरा तक की गिरफ्तारी कानपुर में आतंकियों की सक्रियता का सबूत है।

लखनऊ एयरपोर्ट से मस्कट जाने वालों पर ATS की नजर

एनकाउंटर में मारे गए कानपुर के आंतकी सैफुल्लाह के बाद लखनऊ में एटीएस की सक्रियता बढ़ गई।
एनकाउंटर में मारे गए कानपुर के आंतकी सैफुल्लाह के बाद लखनऊ में एटीएस की सक्रियता बढ़ गई।

आतंकी ओसामा 22 अप्रैल 2021 को लखनऊ से सलाम एयर लाइन की फ्लाइट से मस्कट, ओमान पहुंचा था। इस जानकारी के बाद से ही यूपी एटीएस ने आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के विदेश जाने वाले (मुस्लिम कंट्री) जाने वालों पर नजर रखना शुरू कर दिया है।
ATS सूत्रों के मुताबिक एटीएस की खुफिया विंग ने वीजा-पासपोर्ट दफ्तर से पिछले 5 साल में मुस्लिम देशों में जाने वाले 2 दर्जन से ज्यादा संदिग्ध लोगों का ब्योरा मांगा है। आतंकियों का अंडरवर्ल्ड का कनेक्शन सामने आने के बाद सऊदी अरब आने-जाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
दावा ग्रुप इस्लामिक यूथ फेडरेशन की आड़ में हो रहा धर्मांतरण
ATS सूत्रों के मुताबिक खुफिया विभाग ने लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और आजमगढ़ में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। यहां कई लोग जेहाद के नाम पर धर्मांतरण और विदेशों से फंडिंग कराने का काम कर रहे हैं। यूपी ATS ने 20 जून से अब तक अवैध धर्मांतरण मामले में मौलाना उमर गौतम, मौलाना कलीम सिद्दीकी, रामेश्वर कावड़े उर्फ आदम, भूप्रिय बंदो उर्फ अर्सलान मुस्तफा और कौशल आलम को पकड़ा है। धीरज करीब 10 साल पहले इस्लाम धर्म कबूल कर चुका है।
प्रसाद कावंडे उर्फ आदम, कौसर आलम और अर्सलान उर्फ भूप्रिय बंदो के दावा ग्रुप इस्लामिक यूथ फेडरेशन की आड़ में लोगों का धर्मांतरण करा रहा था।

उमर के तार आतंकी बिलाल से भी हैं जुड़े
यूपी में धर्मांतरण के तार फिलिपींस के घोषित आतंकी बिलाल फिलिप से भी जुड़े हैं। एटीएस की जांच में सामने आया था कि इस्लामिक दावा सेंटर के खातों में जनवरी 2010 से 14 जून 2021 के बीच एक करोड़ 82 लाख 83 हजार 910 रुपये जमा किए गए। इसमें काफी पैसे कैश में जमा किए गए। जिन्हें बिलाल ने जमा कराया था। बिलाल को 2014 में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। उमर का कनेक्शन बिलाल से भी मिला था।