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लखनऊ की डॉक्टर शारदा का हैदराबाद में निधन:लंग्स खराब होने के बाद हैदराबाद एयरलिफ्ट किया गया था, सेकेंड वेव में प्रेग्नेंसी के बावजूद कोरोना वार्ड में की थी ड्यूटी

लखनऊ14 दिन पहले
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अप्रैल में कोरोना की दूरी लहर के दौरान कोविड ड्यूटी करते महिला रेजिडेंट डॉ. शारदा सुमन 12 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं। - Dainik Bhaskar
अप्रैल में कोरोना की दूरी लहर के दौरान कोविड ड्यूटी करते महिला रेजिडेंट डॉ. शारदा सुमन 12 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं।

हैदराबाद के किम्स अस्पताल में भर्ती लखनऊ के लोहिया संस्थान की रेजिडेंट डॉक्टर शारदा सुमन की मौत हो गई। उन्हें लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए भर्ती कराया गया था। कोरोना संक्रमित होने के बाद लोहिया की रेजिडेंट डॉक्टर शारदा फेफड़े के संक्रमण से जूझ रही थीं। शारदा सुमन को जुलाई में एयरलिफ्ट कर हैदराबाद के कृष्णा इंस्टिट्यूट में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्हें डोनर नहीं मिल सका। शारदा ने कोरोना की सेकेंड वेव में गजब का जज्बा दिखाया था। वह प्रेग्नेंसी के बावजूद कोरोना वार्ड में ड्यूटी करती रही थीं।

लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने भास्कर को बताया कि 11 जुलाई को डॉ. शारदा को लखनऊ से हैदराबाद एयरलिफ्ट किया गया था। लगभग 10 दिनों बाद उन्हें कैडेवर मिला पर ट्रांसप्लांट नहीं हो सका। उसके बाद शारदा सुमन सेप्टीसीमिया से पीड़ित हो गईं और रविवार सुबह उनके निधन की जानकारी मिली।

12 अप्रेल को संक्रमित हुई थीं डॉ. शारदा सुमन

दूरी लहर के दौरान कोविड वार्ड में ड्यूटी करते समय महिला रेजिडेंट डॉ. शारदा सुमन 12 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं। इसके बाद उनकी प्री-मेच्योर डिलीवरी भी करानी पड़ी थी, जिसके बाद उनके फेफड़े पूरी तरह खराब से खराब हो गए थे। वह लोहिया संस्थान में करीब डेढ़ महीने तक इकमो मशीन के सपोर्ट पर रहीं।

डॉ. शारदा लोहिया संस्थान में करीब डेढ़ महीने तक इकमो मशीन के सपोर्ट पर रही थीं।
डॉ. शारदा लोहिया संस्थान में करीब डेढ़ महीने तक इकमो मशीन के सपोर्ट पर रही थीं।

इलाज के लिए मांगी थी सीएम से मदद

डॉक्टर शारदा के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो इतना महंगा इलाज करा पाएं। इसके बाद उन्होंने इलाज के लिए संस्थान के निदेशक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आर्थिक मदद के लिए अनुरोध किया था। जिस पर मुख्यमंत्री योगी ने फेफड़ों को प्रत्यारोपित कराने के लिए 1.5 करोड़ रुपए की मदद की थी और उन्हें एयरलिफ्ट कराया था।

मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी।
मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी।

जूनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थीं
लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद के मुताबिक स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में डॉ. शारदा सुमन जूनियर रेजिडेंट के पद पर तैनात थीं। वह संस्थान से डीएनबी कोर्स भी कर रही थीं। उनके पति भी बतौर रेजिडेंट कार्यरत रहे हैं। 12 अप्रेल को शारदा को पहली बार बुखार आया था।

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