दूसरे फेज की वोटिंग के बीच योगी का बयान:हिजाब विवाद पर आदित्यनाथ बोले- यूनिफॉर्म स्कूल के अनुशासन का मुद्दा, सभी को भगवा पहनने को तो नहीं कह सकता

लखनऊ7 महीने पहले

आज उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। वोटिंग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिजाब कंट्रोवर्सी पर एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म स्कूल के अनुशासन का मुद्दा है। मैं सभी को भगवा पहनने का आदेश नहीं दे सकता।

एजेंसी ANI को दिए गए एक इंटरव्यू में सीएम योगी ने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव नहीं चाहते कि जेल में बंद आजम खान बाहर आएं। इससे अखिलेश की कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। अखिलेश यादव ईमानदारी से बताएं कि वे क्‍या चाहते हैं? वैसे आजम खान का मामला न्‍यायालय में लंबित है। इसमें राज्‍य सरकार का कोई दखल नहीं है। पढ़िए योगी के इंटरव्यू की खास बातें...

राज्य के लिए खतरा बने लोगों को डरना चाहिए

सीएम ने सफाई देते हुए कहा कि जिन लोगों से राज्य की सुरक्षा को खतरा है, उन्हें डरना चाहिए। यूपी में 2017 से पहले गुंडागर्दी चरम पर थी। हर तीसरे चौथे दिन कर्फ्यू लगता था। कांवड़ यात्रा रोक दी जाती थी। आज स्थिति बदली हुई है। पांच सालों में एक भी दंगा नहीं हुआ। कांवड़ यात्रा निकलती है। माफिया जेल में हैं। हमारी सरकार ने सभी को सुरक्षा देने का वादा पूरा किया।

हिजाब विवाद पर बोले- स्कूलों में ड्रेस कोड लागू हो
हिजाब विवाद पर मुख्यमंत्री ने बोले कि स्कूल में ड्रेस कोड लागू होना चाहिए। भारत की व्यवस्था संविधान के अनुरूप चलनी चाहिए, हमारी व्यक्तिगत आस्था और पसंद-नापसंद हम देश और संस्थाओं पर लागू नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ड्रेस स्कूल का विषय है, स्कूल के अनुशासन का विषय है। आर्मी में कोई कहेगा कि हम अपने अनुसार चलेंगे, फोर्स में कोई इस प्रकार की बात कहेगा? कहां अनुशासन रह पाएगा। व्यक्तिगत आस्था आपकी अपनी जगह होगी, लेकिन जब संस्थाओं की बात होगी, तो हमें संस्था के नियम कानून को मानना होगा। मैं सभी को भगवा पहनने का आदेश नहीं दे सकता हूं।

गजवा-ए-हिंद का सपना कयामत तक सच नहीं होगा
उन्होंने कहा कि नए भारत में विकास सबका होगा, लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं। सरकार सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। नया भारत संविधान के अनुरूप चलेगा, शरीयत के अनुसार नहीं। मैं स्पष्टता से कह सकता हूं कि गजवा-ए-हिंद का सपना कयामत के दिन तक भी साकार नहीं होगा।

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