सात माह से फरार धनंजय का क्रिकेट खेलते वीडियो वायरल:सपा अध्यक्ष अखिलेश ने लिखा- बाबा जी अपने करीबी नालबद्ध टॉप टेन की सूची में "एमबीएल" मतलब "माफिया भाजपा लीग" शुरु कर दें

लखनऊ7 महीने पहले
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सोशल मीडिया पर क्रिकेट खेलते हुए पूर्व सांसद धंनजय सिंह का वीडिया वायरल हो रहा है। - Dainik Bhaskar
सोशल मीडिया पर क्रिकेट खेलते हुए पूर्व सांसद धंनजय सिंह का वीडिया वायरल हो रहा है।

लखनऊ पुलिस से 25 हजार का ईनामी बदमाश घोषित पूर्व सांसद धनंजय सिंह का क्रिकेट खेलते हुए वीडियो ट्वीट करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर तंज कसा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जौनपुर से पूर्व सांसद धनंजय सिंह दर्जनों लोगों की मौजूदगी क्रिकेट खेलते हुए नजर आ रहे है। वीडियो को पोस्ट करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश ने सीएम योगी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। अखिलेश ने लिखा, बाबा जी अपने करीबी नालबद्ध माफियाओं के टॉप टेन की सूची बनाकर एक टीम बना लें और आईपीएल की तरह एक "एमबीएल" मतलब "माफिया भाजपा लीग" शुरू कर दें। शहर के पुलिस कप्तान तो उनके लिए पिच बिछाए बैठे ही हैं और टीम कप्तान वो खुद हैं ही... हो गए पूरे ग्यारह। बीते साल 2021 जुलाई महीने से फरार पूर्व सांसद के बारे में पूछने पर डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

इनाम घोषित होने के बाद पत्नी को जिताया था चुनाव जौनपुर पुलिस इस मामले में आंखों में पट्टी डालकर बैठी हुई है। यह कोई पहली बार नहीं है। जब इनाम घोषित होने के बाद बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आया है। इनाम घोषित होने के बावजूद वह जनता के बीच है। फरार होने के दौरान धनंजय ने अपनी पत्नी श्रीकला रेड्डी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव भी जितवाया। इस बार क्रिकेट मैच में फोटो सेशन भी करवाया। बस वह पुलिस को ही नजर नहीं आ रहा है।

फतेहगढ़ जेल से रिहा होते ही फरार हुआ था पूर्व सांसद पूर्व सांसद धनंजय सिंह साल 2017 में जौनपुर के खुटहन थाने में दर्ज पुराने मामले में जमानत काटकर 5 मार्च को प्रयागराज की MP/MLA कोर्ट में हाजिर हुआ था, जहां से उसे नैनी जेल भेज दिया गया था, लेकिन उसने नैनी जेल में अपनी जान को खतरा बताया। इसके बाद उसे 11 मार्च फतेहगढ़ जेल ट्रांसफर कर दिया गया था। जहां तीन हफ्ते रहने के बाद उसे 31 मार्च को जमानत मिली। इसके बाद वह गुपचुप तरीके से अपने समर्थकों के साथ निकल गया। तब से पुलिस उसकी तलाश में है।

6 जुलाई को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 25 हजार के इनामी धनंजय सिंह को 6 जुलाई 2021 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने उनके घर पर 82 का नोटिस भी चस्पा किया था। धनंजय सिंह पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में आरोपी है। कोर्ट ने धनंजय की एफआईआर निरस्त करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने धनंजय को दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था, लेकिन धनंजय सिंह कोर्ट में अभी तक हाजिर नहीं हुआ है।

यह है पूरा मामला? बीते 5 जनवरी 2021 को राजधानी के विभूति खंड थाना क्षेत्र के पॉश इलाके कठौता चौराहे पर मऊ जिले के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान अजीत का साथी मोहर सिंह व एक फूड डिलीवरी कंपनी का कर्मचारी घायल हुआ था। इस प्रकरण में आजमगढ़ के बाहुबली कुंटू सिंह, अखंड सिंह के अलावा गिरधारी के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस शूटआउट में तीन मददगारों को दबोचा था। जबकि शूटर संदीप सिंह को भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि रंगदारी और वर्चस्व को लेकर धनंजय सिंह ने ही हत्या करवाई है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य शूटर गिरधारी उर्फ कन्हैया को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं ध्रुव सिंह, अखंड सिंह, संदीप सिंह बाबा, मुस्तफा उर्फ बंटी, राजेश तोमर, शिवेंद्र उर्फ अंकुर अपराधियों की मदद करने वाले बंधन सिंह, प्रिंस सिंह और रेहान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस धनंजय को तलाश करने का दावा कर रही थी।