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समाजवादी पार्टी की 3% राजभर वोट पर नजर:पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर का हाल जानने पहुंचे अखिलेश यादव, लंबे समय से चल रहे हैं बीमार; जल्द ही थाम सकते हैं सपा का दामन

लखनऊएक वर्ष पहले
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पूर्वांचल के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज से बसपा विधायक सुखदेव राजभर से मिलने उनके घर पहुंचे अखिलेश यादव। - Dainik Bhaskar
पूर्वांचल के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज से बसपा विधायक सुखदेव राजभर से मिलने उनके घर पहुंचे अखिलेश यादव।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नजदीक आते ही सभी राजनीतिक पार्टीयां तैयारियों में जुट गई हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी वोट बैंकों को अपनी ओर खींचने में लगे हैं। रविवार को अखिलेश आजमगढ़ जिले के दीदारगंज से बसपा विधायक व विधानसभा अध्यक्ष रह चुके सुखदेव राजभर का हाल जानने पहुंचे। वो लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में स्थित सुखदेव के आवास पर अखिलेश ने उनके स्वास्थ्य को लेकर परिवार से चर्चा की।

सुखदेव बेटे संग जल्द ही थाम सकते हैं सपा का दामन
अखिलेश की मुलाकात के बाद अब अटकले लगाई जा रही हैं कि जल्द ही सुखदेव राजभर बसपा का दामन छोड़कर अपने बेटे कमलाकांत राजभर संग सपा में शामिल हो सकते हैं। 31 जुलाई को सुखदेव द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती को भेजे पत्र में साफ कर दिया था कि वो अखिलेश समर्थक हैं। उसमे लिखा था कि मैं बीमार हूं, इसलिए सक्रिय राजनीति से अलग हो रहा हूं। मगर मैं अखिलेश का समर्थन करता हूं। इसके साथ ही अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का भविष्य बताया। उन्होंने बेटे कमलाकांत को दलितों, पिछड़ों व राजभर समाज की सेवा के लिए अखिलेश के हवाले करने की घोषणा भी की थी।

राजभर के खेमें में 3% वोट बैंक
सुखदेव राजभर बसपा के वरिष्‍ठ नेताओं में से एक हैं। उन्‍होंने उत्तर प्रदेश के विधायक के रूप में 5 बार के कार्यकाल के लिए अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने लालगंज के विधायक के रूप में 3 और दीदारगंज में 2 कार्यकालों तक कार्य किया। वे वर्तमान में दीदारगंज के विधायक के रूप में कार्य करते हैं। वे 2007-2012 तक मायावती के शासन में उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं। वे मायावती, कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव की कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं।

पूर्वांचल के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज से बसपा विधायक सुखदेव राजभर से मिले अखिलेश।
पूर्वांचल के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज से बसपा विधायक सुखदेव राजभर से मिले अखिलेश।

अब तक राजनीतिक सफर

  • 2017 वे समाजवादी पार्टी के आदिल शेख को 3,645 वोटों के अंतर से हराकर उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के सदस्य हैं।
  • 2012 वे दीदारगंज निर्वाचन क्षेत्र से 2227 वोटों के अंतर से सपा के आदिल शेख के खिलाफ विधानसभा चुनाव हार गए।
  • 2007 सदस्य, लालगंज से चौथे कार्यकाल के लिए उत्तर प्रदेश की 15 वीं विधान सभा जहां उन्होंने फिर से भाजपा के नरेंद्र सिंह को हराया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष चुने गए।
  • 2002 सदस्य, उत्तर प्रदेश की 14 वीं विधान सभा में तीसरे कार्यकाल के लिए जहां उन्होंने लालगंज सीट पर नरेंद्र सिंह को 1748 मतों के अंतर से हराया।
  • 2002 संसदीय कार्य, कपड़ा और रेशम उद्योग विभाग के मंत्री (सुश्री मायावती मंत्रिमंडल) ।
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में स्थित सुखदेव राजभर के आवास पर सपा प्रमुख अखिलेश उनका हालचाल लेने पहुंचे।
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में स्थित सुखदेव राजभर के आवास पर सपा प्रमुख अखिलेश उनका हालचाल लेने पहुंचे।

पूर्वांचल में है राजभर वोटबैंक का असर
2017 विधानसभा चुनावों के बाद हुए विश्लेषण में यह सामने आया था कि यूपी की लगभग 22 सीटों पर भाजपा की विजय में राजभर वोट बैंक बड़ा कारण था। जबकि पूर्वांचल के लगभग 25 से 28 जिलों में करीब 125 से ज्यादा सीटों पर राजभर वोट का असर है।

यूपी में राजभर वोट 3 प्रतिशत हैं। जबकि पूर्वांचल में यही वोटबैंक 16 से 18 प्रतिशत तक है। पूर्वांचल में वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, मऊ, जौनपुर, देवरिया जैसे जिलों में राजभर बहुतायत संख्या में है। राजभर यहां जीत हार भी तय करते हैं। यूपी की लगभग 65 विधानसभा सीटों पर लगभग 45 हजार से 80 हजार तक राजभर वोट हैं। जबकि 56 विधानसभा सीट पर 25 हजार से 45 हजार तक है।

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