ढाई लाख स्टूडेंट के काम की खबर:AKTU ने ऑनलाइन एग्जाम के लिए जारी की गाइडलाइन,90 मिनट में देने होंगे 50 एमसीक्यू टाइप सवालों के जवाब,नही होगी नेगेटिव मार्किंग

लखनऊएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एकेटीयू के एग्जामिनेशन कंट्रोलर प्रो. अनुराग त्रिपाठी के अनुसार फाइनल सेमेस्टर एग्जाम 20 जुलाई से शुरु हो रहे है।वही इसके अलावा अन्य सेमेस्टर के एग्जाम 28 जुलाई से ऑनलाइन माध्यम से होंगे। - Dainik Bhaskar
एकेटीयू के एग्जामिनेशन कंट्रोलर प्रो. अनुराग त्रिपाठी के अनुसार फाइनल सेमेस्टर एग्जाम 20 जुलाई से शुरु हो रहे है।वही इसके अलावा अन्य सेमेस्टर के एग्जाम 28 जुलाई से ऑनलाइन माध्यम से होंगे।

उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों के स्टूडेंट्स की परीक्षाएं 20 जुलाई से शुरू होने जा रही है।ऑनलाइन माध्यम से होने वाली इस परीक्षा को लेकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की ओर से गुरुवार देर शाम स्टूडेंट्स को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस बार परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया है।अब यह परीक्षा कुल 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे की होगी।इसमें 50 प्रश्न पूछे जाएंगे।परीक्षा नियंत्रक प्रो अनुराग त्रिपाठी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार स्टूडेंट्स 9 जुलाई से 12 जुलाई तक ERP (ईआरपी) पोर्टल पर लागिन कर यह चेक कर लें कि प्रत्येक स्टूडेंट्स का ईमेल आइडी और मोबाइल नंबर सही रजिस्टर हुआ है या नही।यदि स्टूडेंट की ईमेल आइडी व मोबाइल नंबर गलत है तो उसे 9 जुलाई से 12 जुलाई के मध्य ईआरपी पोर्टल पर ही अपडेट किया जा सकता है।इसके अलावा ऑनलाइन परीक्षा के तहत रजिस्ट्रशन की प्रक्रिया में प्रयोग होने वाले यूआरएल, यूजर आइडी और पासवर्ड स्टूडेंट्स के इआरपी लागिन पर 12 जुलाई को उपलब्ध करा दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से स्टूडेंट्स को एग्जाम शुरु होने से पहले इंटरनेट के संबंध में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।परीक्षा मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन (बहुविकल्पीय प्रश्नों) पर आधारित होगी। कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।ऑनलाइन परीक्षा प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व लॉगिन करना होगा।ऑनलाइन परीक्षा के दौरान 1.45 मिनट के बाद प्रश्न पत्र ऑटो सबमिट का प्रावधान रहेगा।

एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण बातें -

-स्टूडेंट्स अपने घर, किसी भी संस्थान, साइबर कैफे इत्यादि से परीक्षा दे सकेंगे।यदि छात्र के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो वह परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व इंटरनेट सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।परीक्षा प्रॉक्टर्स (ऑनलाइन पर्यवेक्षक की देख रेख में) होगी।

-कमरे यानी परीक्षा स्थल में प्रकाश इतना होना चाहिए कि स्क्रीन पर आपका चेहरा स्पष्ट दिखाई दे।इसे 'दिन के उजाले' के समान माना जा सके।ओवरहेड लाइटिंग को वरीयता दी जाती है।यदि ओवरहेड लाइटिंग उपलब्ध नहीं है, तो प्रकाश का स्रोत आपके पीछे नहीं होना चाहिए।समस्त अध्ययनरत स्टूडेंट्स अपने घर, साइबर कैफे, किसी भी संस्थान में उपस्थित होकर कैमरे वाला मोबाइल / लैपटाप / कैमरे वाला कम्प्यूटर इत्यादि के माध्यम से परीक्षा दे सकते हैं, जिसमें कैमरा, माइक्रोफोन होना अनिवार्य है अन्यथा छात्र ऑनलाइन परीक्षा में प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे।

-स्टूडेंट्स को साफ कुर्सी, मेज पर बैठना चाहिए।उनकी डेस्क पर पुस्तक, कॉपी, इत्यादि नहीं होनी चाहिए।रफ कार्य के लिए सादा पेपर, पेन , पेन्सिल, स्केल, इरेजर रख सकते हैं।उनकी डेस्क की स्थिति को प्रॉक्टर दिखाने के लिए कह सकता है।उनके द्वारा विश्वविद्यालय के नियमानुसार ही (Non Programable Calculator) प्रयोग किया जा सकता है, जिसको प्रॉक्टर (Proctor) देख सकता है।

-उनके आस-पास की मेज या दीवारों पर कोई लेखन नहीं होना चाहिए,कमरा / परीक्षा स्थल यथा संभव शांत होना चाहिए,साथ ही फॉर्मल (FORMAL) परिधान पहन कर बैठना है एवं अनुशासित व्यवहार करना होगा।

-ऑनलाइन परीक्षा के लिए उचित स्पीड वाला इंटरनेट का प्रयोग करना होगा।सभी स्टूडेंट्स को इंटरनेट की एक वैकल्पिक व्यवस्था अपने स्तर से ही करनी होगी। किसी असुविधा से बचने के लिए आवश्यक है कि ये उचित इंटरनेट की व्यवस्था तैयार रखें। अगर किसी स्टूडेंट का इंटरनेट किसी कारणवश 15 मिनट या उससे ज्यादा देर तक बाधित रहता है, तो इंटरनेट सही होने पर उसे पुनः परीक्षा शामिल होने तो दिया जाएगा, लेकिन ध्यान रहे कि ऐसी स्थिति में उसके द्वारा तब तक अनुत्तरित प्रश्नों और उनके विकल्पों का क्रम परिवर्तित हो सकता है।

खबरें और भी हैं...