एकेटीयू में पहली बार ऑनलाइन एग्जाम:दो लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स देंगे ऑनलाइन एग्जाम, अलग-अलग स्थानों से इंजीनियरिंग परीक्षा देने का मिलेगा अवसर

लखनऊ6 महीने पहले
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20 जुलाई से AKTU में पहली बार शुरु होंगे ऑनलाइन सेमेस्टर एग्जाम। - Dainik Bhaskar
20 जुलाई से AKTU में पहली बार शुरु होंगे ऑनलाइन सेमेस्टर एग्जाम।

एकेटीयू यानी डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में पहली बार ऑनलाइन एग्जाम होने जा रहे है। सबसे पहले 20 जुलाई से लास्ट सेमेस्टर एग्जाम शुरु होंगे। आनलाइन माध्यम से शुरू हो रहे इन एग्जाम के लिए नेट कनेक्टिविटी दुरुस्त रखने के निर्देश यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट के लिए जारी किए है। इसके अलावा हेल्पलाइन डिटेल्स भी विश्वविद्यालय की ओर से जारी की गई है।

एकेटीय के एग्जामिनेशन कंट्रोलर प्रो अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक ऑनलाइन एग्जाम को लेकर सभी तैयारी कर ली गई है।स्टूडेंट्स को मॉक टेस्ट के जरिए एग्जाम के तौर तरीकों से रुबरु कराया गया है।इसके साथ ही किसी भी तरह की समस्या से निजात दिलाने के लिए सभी प्रयास किए गए है।उन्होंने यह भी जोड़ा कि सभी स्टूडेंट्स को पहले से ही हिदायत दी गई है कि एग्जाम से पहले नेट कनेक्टिविटी दुरुस्त कर ले और पहले से जारी हुए निर्देशों को ध्यान में रखकर ही एग्जाम दे।

नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए लेंगे तकनीकी का सहारा

यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने दावा किया कि बिना किसी बाधा के एग्जाम कंडक्ट कराएं जाएंगे।साथ ही एग्जाम के दौरान किसी भी प्रकार की घपलेबाजी से बचने के लिए एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स पर गहन निगरानी की जाएगी।इसके लिए डेडिकेटेड सॉफ्टवेयर में एआई के कांसेप्ट को इम्पलीमेंट करके और ज्यादा इफेक्टिव बनाया गया है।इसके अलावा एग्जाम के लिए विशेष आब्जर्वर बोर्ड का गठन किया गया है।और इस के सहारे निष्पक्ष परीक्षा सम्पन्न हो सकेगी।

स्टूडेंट्स के लिए यह निर्देश किए गए है जारी

एग्जाम में इस बार एमसीक्यू यानी बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देना होगा,टाइम ड्यूरेशन डेढ़ घंटे की होगी।

एग्जाम शुरु होने से आधे घंटे पहले ही स्टूडेंट्स को लॉगिन करना होगा।

रफ काम के लिए सादा पेपर, पेन व पेंसिल समेत जरुरी सामान पहले से ही मौके पर रखने होंगे।

परीक्षा के दौरान हर परीक्षार्थी को सामान्य कपड़े पहनने के निर्देश जारी हुए है।

परीक्षा कक्ष में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए, और स्टूडेंट्स को चेहरा कैमरे में स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।

एग्जाम को कुशलता से सम्पन्न कराने के मकसद से पहले से ही ऑनलाइन आब्जर्बर नियुक्त किये गये हैं,वह स्टूडेंट्स पर एग्जाम के दौरान निगाह रखेंगे।

एग्जाम में सिर्फ नॉन प्रोग्रामेबल कलकुलेटर का ही प्रयोग किया जा सकता है।

यदि कोई स्टूडेंट्स अनफेयर प्रैक्टिस के तहत एग्जाम देता पाया गया तो उसे तत्काल उसे यूएफएम केटेगरी में डाल दिया जाएगा।

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