सरकार के खिलाफ खूनी जंग छेड़ने वाले थे आतंकी:लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा के आतंकियों को जम्मू कश्मीर में दी गयी थी ट्रेनिंग, पांच के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट

लखनऊ4 महीने पहले
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अंसार गजवातुल हिंद के आतंकी मि - Dainik Bhaskar
अंसार गजवातुल हिंद के आतंकी मि

लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिंद के आतंकियों ने सरकार के खिलाफ खूनी जंग छेड़ने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए एक्सप्लोसिव भी जुटा लिया था। लखनऊ के इनके सहयोगियों ने स्थानीय स्तर पर ही उन्हें विस्फोटक उपलब्ध करवाए थे। इनके खिलाफ जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पांच आतंकियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।

UP-ATS ने 11 जुलाई को काकोरी से मिनहाज को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मिनहाज अलकायदा समर्थित अंसार गजवातुल हिंद से जुड़ा आतंकी है। उसकी निशानदेही पर उसके साथी मड़ियांव निवासी मसरूद्दीन को पकड़ा गया। इसके बाद वजीरगंज निवासी शकील, खदरा निवासी मुस्तकीम और ठाकुरगंज के रहने वाले मोहम्मद मोईद को यूपी-एटीएस ने गिरफ्तार किया था।

इस मामले में 29 जुलाई को FIR दर्ज कर NIA ने इनके खिलाफ जांच शुरू की थी। बुधवार को जांच में मिले साक्ष्य आधार पर NIA ने पांचों के खिलाफ IPC की धारा 121, 121ए, 122, 123, 16, 17, 18, 18B, UA(P) अधिनियम की 20, 38, 39, 40, IPC की धारा 120B, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 1 (बी) (ए) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी।

इन आतंकियों को यूपी-एटीएस ने गिरफ्तार किया था।
इन आतंकियों को यूपी-एटीएस ने गिरफ्तार किया था।

प्रदेश भर में बारूद बिछाने की मिनहाज ने रची थी साजिश

NIA की जांच में पता चला कि आरोपी मिनहाज अहमद ने यूपी को दहलाने की साजिश रची थी। इसके लिए उसे जम्मू-कश्मीर में स्थित अल कायदा के दो आतंकवादियों ने ऑनलाइन ट्रेनिंग देकर कट्टरपंथी बनाया था। इसके बाद उसने यूपी में अलकायदा का नेटवर्क खड़ा करने के लिए लड़कों को भर्ती करना शुरू किया। उसने मुसीरुद्दीन को अल कायदा में शामिल किया और उसे यूपी में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की जिम्म्मेदारी सौंपी।

मुसीरुद्दीन और मिनहाज अहमद ने सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से हथियारों, विस्फोटक सामग्री की खरीद की। धमाकों को अंजाम देने के लिए संवेदनशील स्थलों की रेकी की। आरोपी शकील, मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद ने मिनहाज और मुसीरुद्दीन को हथियार और गोला-बारूद मुहैया करवाने में मदद की थी।