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अंधविश्वास की हद:चंदौली में खौलती खीर से नहाया पुजारी, फिरोजाबाद में हवन की धूनी मुहल्ले में घुमाई; बाराबंकी में पीपल के नीचे बैठ ऑक्सीजन ले रहे लोग

लखनऊ5 महीने पहले
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देश में कोरोना की दूसरी लहर कुछ कमजोर हुई है। अब तीसरी लहर की आशंका है और उससे निपटने की तैयारियां शुरू हो गई है। वैक्सीनेशन भी तेजी से किया जा रहा है। लेकिन इससे इतर कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अंधविश्वास भी खूब दिखाई दे रहा है। कहीं लोग हवन की धूनी जमा रहे हैं तो कहीं नदियों के किनारे अर्पण किया जा रहा है। कहीं पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर ऑक्सीजन लेवल सुधारा जा रहा है। यह कहानी सिर्फ एक शहर की नहीं है, बल्कि कई जिले में देखने को मिल रही है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर अंधविश्वास के सहारे कोरोना कैसे भागेगा? वह भी तब जब यूपी के गांव में टीकाकरण का विरोध बड़े पैमाने पर हो रहा है। यूपी के 4 जिलों से पढ़िए अंधविश्वास के सहारे कैसे कोरोना भगाया जा रहा है। एक रिपोर्ट....

चंदौली: खौलती खीर से नहाकर भगवान कृष्ण को रिझाया, दावा- भागेगा कोरोना

ये तस्वीर चंदौली की है जहां लोग कोरोना भगाने के लिए तरह तरह के टोटके में विश्वास रखते हैं।
ये तस्वीर चंदौली की है जहां लोग कोरोना भगाने के लिए तरह तरह के टोटके में विश्वास रखते हैं।

चंदौली के अलीनगर वार्ड में स्थित काली मंदिर परिसर में रविवार को भगवान कृष्ण की पूजा की गई। मुख्य रूप से यह पूजा यदुवंशी करते हैं। इसमें भगवान कृष्ण और बलदाऊ की पूजा होती है। इसमें गोबर के उपलों को जलाकर मिट्टी के मटके में दूध की खीर बनाई गई। इस खौलती खीर से पुजारी ने नहाया।

मान्यता है कि जब भक्तों की मदद के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था तब कई तरह की लीला उस समय हुई थी। उस समय लोगों ने मां दुर्गा को शक्ति रूपेण मानकर भगवान कृष्ण और बलदाऊ को खीर चढ़ाई थी। तब से यह परंपरा चली आ रही है। इसमें भक्त खीर का भोग लगाकर अपने शरीर पर लगाते हैं।

पूजा करने वाले सरजू यादव ने बताया कि दैवीय आपदा में भगवान को ही याद किया जाता है। अभी भी कोरोना के रूप में मानवों के सामने दैवीय आपदा ही आई हुई है। ऐसे में हम रूठे हुए अपने इष्ट को मनाने का प्रयास कर रहे हैं।

बाराबंकी: पीपल के पेड़ के नीचे बैठ गांव वाले ले रहे हैं ऑक्सीजन

कोरोना से बचने और ऑक्सीजन लेवल ठीक रखने के लिए लोग पीपल के नीचे बैठ रहे हैं।
कोरोना से बचने और ऑक्सीजन लेवल ठीक रखने के लिए लोग पीपल के नीचे बैठ रहे हैं।

बाराबंकी के सोहिलपुर गांव में ग्रामीणों ने ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने का अनोखा और अजीब तरीका अपना रहे हैं। या यूं कहे कि ऑक्सीजन के मामले में यह गांव आत्मनिर्भर बन गया है। ग्रामीणों ने ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए पुराने पीपल के पेड़ का सहारा लिया है। कोरोना महामारी के दौरान ग्रामीण इस पेड़ के नीचे बैठकर अपनी ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इस पेड़ के नीचे लगभग पूरा गांव इकट्ठा होकर अपना खाली समय भी व्यतीत करते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीपल पर देवताओं का वास तो होता है और सबसे ज्यादा ऑक्सीजन भी यही पेड़ देता है।

फिरोजाबाद: मोहल्ले-मोहल्ले निकाली गई हवन यात्रा

हवन की धूनी को गली-गली घुमाते लोग। इस हवन में कई तरह की औषधियों की आहूति डाली गई है।
हवन की धूनी को गली-गली घुमाते लोग। इस हवन में कई तरह की औषधियों की आहूति डाली गई है।

यहां स्थानीय निवासी और सभासदों ने मिलकर कोरोना भगाने का नया तरीका निकाला है। जिले के शिकोहाबाद नगर में कुछ मोहल्ले वाले रोज हवन कर हवनकुंड को ठेला पर लेकर गली गली घूम रहे हैं। हवन में गिलोय, कपूर, चंदन, पंच मेवा और लोबान समेत विशेष औषधियों से तैयार सामग्री डाली जा रही है।

सभासद सुशील कुमार जैन बताते है कि हवन और मंत्रों के साथ हम ठेला हर गली में लेकर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक तो मंत्रों से वातावरण में पॉजिटिव एनर्जी आती है दूसरा हवन से वातावरण शुद्ध होता है। एक तरफ कोरोना को जहां दवाइयों से हराया जाता है वहीं हम भी देवी देवताओं को याद कर कोरोना भगाने का प्रयास कर रहे हैं।

बहराइच की यह तस्वीर भी अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली ही है। यहां महिलाएं पिछले सात दिनों से व्रत रखकर गंगा मइया की पूजा कर रही हैं।
बहराइच की यह तस्वीर भी अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली ही है। यहां महिलाएं पिछले सात दिनों से व्रत रखकर गंगा मइया की पूजा कर रही हैं।

बहराइच: 7 दिन से व्रत रखकर गंगा मैया की कर रही हैं पूजा

जिला बहराइच में घाघरा किनारे बसे गांव हर बरसात में बाढ़ का शिकार बनते हैं। हर साल गांव में बसने वाली आबादी बंधों पर आकर रहती है। ऐसे में यहां घाघरा किनारे बसे गांव में नदी की पूजा भी की जाती है। कोरोनाकाल में भी यह सिलसिला जारी है लेकिन इस बार हवन पूजन कर कोरोना को भगाने का प्रयास किया जा रहा है।

यहां फखरपुर ब्लॉक के मंझारा तौकली गांव में महिलाओं ने कोरोना महामारी को देखते हुए 7 दिन का व्रत रखा है और घाघरा नदी किनारे हवन पूजन कर रही है। पिछले 7 दिन से यह हवन पूजन 24 घण्टे चल रहा है। महिलाओं ने बताया कि हम नदी की कटान से इतना परेशान कभी नही हुए जितना कोरोना से हुए है। ऐसे में हम गंगा मैया से प्रार्थना पूजा कर रहे हैं कि हमे इस बीमारी से निजात दिलाये। भगवान हमारी और गांव की कोरोना से हिफाजत करे।

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