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नगर निगम में कर्मचारियों के चयन में धांधली का आरोप:चयन करने वाली कमिटी से मांगा गया था जवाब, कमिटी के प्रभारी रहे पूर्व नगर आयुक्त ने कहा स्पष्टीकरण चाहिए तो सभी कागज उपलब्ध कराएं

लखनऊएक वर्ष पहले
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स्पष्ट्रीकरण देने की जगह पूर्व  नगर आयुक्त ने मांग लिए नगर निगम से ही कागज। - Dainik Bhaskar
स्पष्ट्रीकरण देने की जगह पूर्व नगर आयुक्त ने मांग लिए नगर निगम से ही कागज।

नगर निगम मार्ग प्रकाश विभाग में 21 कर्मचारियों को नियमित किया गया था। लेकिन इनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठ गया। नगर आयुक्त ने सभी नियुक्ति को कैंसिल कर चयन करने वाली कमिटी से जवाब मांगा था। पांच दिन में जवाब उपलब्ध कराने को कहा गया था। कमिटी के चार लोगों ने जवाब तो दे दिया लेकिन उस समय के तात्कालिक अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने ऐसा जवाब दिया है कि नगर निगम ही कागजों के फेर में फंस गया गया है।

मौजूदा समय एडीएम रायबरेली के पद पर तैनात अमित कुमार ने नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी को भेज अपने जवाब में कहा है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और कागज उनको पहले उपलब्ध कराया जाए। उसके बाद वह सही जवाब दे पाएंगे। अब उनके इस जवाब के बाद नगर निगम के पास कागज एकत्र करने का दबाव बन गया है। उन्होंने पूर्ण मामले में समस्त अभिलेख व पत्रावली की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए कहा है। अपने जवाब में उन्होंने लिखा है कि इससे वह सही जवाब दे पाएंगे।

कोर्ट में विवाद होने के बाद भी चयन पर उठा सवाल

दरअसल, आरआर विभाग में 73 लोगों के चयन के लिए शासनादेश आया था। इसमें कई लोग कोर्ट चले गए थे। आरोप है कि कोर्ट में सुनवाई के बाद भी गलत तरीके से नियुक्ति की दी गई है। इसके बार नगर आयुक्त सभी नियुक्ति को रद्द करने का फैसला करते हुए चयन समिति में शामिल लोगों से जवाब मांगा था। इसमें 21 लोगों के चयन पर सवाल उठा था। हालांकि चयन समिति में शामिल अधिकारियों का कहना है कि उन लोगों ने नगर निगम के नियमों के अनुसार कार्रवाई की है।

कोर्ट के आदेश को सर्वोपरि मानते हुए नियमित किया

चयन समिति में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि उनकी तरफ से मामले में बिल्कुल सही प्रक्रिया से काम हुआ है। वह लोग भी कोर्ट का हवाला दे रहे है। इसमें 21 लोगों के चयन के लिए कोर्ट ने कहा था। पुराने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा गया कि दैनिक कर्मचारियों के नियमित करने के मामले में कोर्ट का निर्णय आखिर होगा। इसमें उसी आधार पर चयन किया गया है। ऐसे में नगर आयुक्त और बाकी लोगों की तरफ से इस पर सवाल उठाना गलत है। इसके लिए पूर्व के आदेश का हवाला दिया गया है।

अमित कुमार हमेशा निशाने पर रहे

नगर निगम के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी और अमित कुमार के बीच कभी नहीं बनी। नगर आयुक्त ने कार्यों के बंटवारे के समय भी ज्यादातर काम अर्चना द्विवेदी और अन्य अपर को दे रखा था। उसके आद कई मौके पर वह अमित कुमार के प्रति नाराजगी जाहिर कर चुके थें। यहां तक की शासन तक को पत्र लिखा गया था। ऐसे में इस मामले को भी ज्यादा तूल दिया जा रहा है। विभागीय जानकारों का कहना है कि इस मामले में 21 कर्मचारियों को नौकरी में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

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