UP महिला अपराध पर कसेगा शिकंजा:साइबर क्राइम की शिकार महिलाओं की भी मददगार बनेगी आशा ज्योति केंद्र, सेल के गठन के लिए तैयार हुआ प्रस्ताव

लखनऊ2 महीने पहले
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हर महीने करीब 50 से ज्यादा शिकायतें साइबर क्राइम से जुड़ी आ रही हैं। - Dainik Bhaskar
हर महीने करीब 50 से ज्यादा शिकायतें साइबर क्राइम से जुड़ी आ रही हैं।

एक ही छत के नीचे महिलाओं की हर समस्या दूर करने वाली आशा ज्योति केंद्र अब साइबर क्राइम की शिकार महिलाओं की भी मददगार बनेगी। लगातार आ रहे साइबर क्राइम के मामलों को देखते हुए सेंटर में साइबर सेल के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि बीते कुछ महीनों से सोशल मीडिया या ऐसे अन्य माध्यमो से होने वाले महिला अपराध की शिकायतें बढ़ गयी हैं। ऐसी पीड़िताओं की मदद के लिए सेंटर प्रभारी को पहले थानों को रिपोर्ट भेजनी पड़ती है। उसके बाद इसे साइबर सेल को ट्रांसफर किया जाता है। इस प्रक्रिया में होने वाली देरी से कभी कभी अपराधी बचकर भाग निकलते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए सेंटर में ही साइबर सेल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया हैं। इसे एक बार रिवाइव करके जल्दी ही शासन को भेज दिया जाएगा।

महीनों चक्कर काटती रहती हैं पीड़ित महिलाएं

लगातार आ रहे साइबर क्राइम के मामलों को देखते हुए सेंटर में साइबर सेल के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया।
लगातार आ रहे साइबर क्राइम के मामलों को देखते हुए सेंटर में साइबर सेल के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया।

आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि मारपीट, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ जैसे अपराध की शिकार महिलाओं के मामले थानों की मदद से सलझा लिये जाते हैं। लेकिन साइबर क्राइम के मामलों में केंद्र के पास कोई अधिकार नही है न ही इसकी प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मियों की केंद्र में तैनाती की गई है। उनका कहना है कि हर महीने करीब 50 से ज्यादा शिकायतें साइबर क्राइम से जुड़ी आ रही हैं। केंद्र में सेल का गठन होने से महिलाओं को थानों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

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