जात ही पूछो माफिया की:ब्राह्मणों को खुश करने की कवायद...अब ठाकुर बाहुबलियों की कुंडली खंगाल रही STF

लखनऊ/अयोध्या9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

चुनावी समीकरण अब पुलिसिया रणनीति की दिशा भी तय करने वाले हैं। विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मणों को खुश करने की कवायद में योगी सरकार अब ठाकुर जाति के बाहुबलियों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी में है। राज्य में अपराधियों पर सख्ती के लिए योगी सरकार ने तारीफ तो बटोरी है, मगर इन अपराधियों की लिस्ट में एक जाति के लगभग गायब होने की वजह से अब सरकार के जातिगत समीकरण डगमगाते दिख रहे हैं। इसीलिए अब बाहुबली धनजंय सिंह पर इनाम दोगुना कर 50 हजार किया जा सकता है। यही नहीं STF चार और ठाकुर बाहुबलियों पर कार्रवाई कर सकती है।

धनंजय पर इनाम दोगुना होगा, 4 और ठाकुर बाहुबली आ सकते हैं जद में

क्रिकेट खेलते धनंजय सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की मुसीबत ज्यादा बढ़ गई है। विपक्षी नेताओं ने अपराधियों को संरक्षण मिलने का मुद्दा उठाया है, मगर जनता के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि धनंजय ब्राह्मण होते तो कार्रवाई हो जाती। इन्हीं वजहों से पुलिसिया कार्रवाई का रुख अब माफिया की जाति देखकर तय किया जा रहा है।

आचार संहिता लगने से पूर्व ही पूर्वांचल के कम से कम 5 क्षत्रिय बाहुबली के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। धनंजय सिंह पर इनाम दोगुना करने के साथ ही STF बृजेश सिंह, अभय सिंह, पवन सिंह और रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया की भी कुंडली खंगाल रही है। साथ ही, बागपत जेल में 2018 में मारे गए क्षत्रिय समाज से रहे मुन्ना बजरंगी का नाम भी इस बार के चुनाव में जोर-शोर से उछालने की तैयारी है।

अंबेडकरनगर निवासी माफिया अजय सिंह सिपाही पर शिकंजा की तैयारी है।
अंबेडकरनगर निवासी माफिया अजय सिंह सिपाही पर शिकंजा की तैयारी है।

माफिया अजय सिपाही से इस अभियान का आरंभ
सूत्रों की माने तो पूर्वांचल से BJP सरकार ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। पहले नाम के तौर पर अंबेडकर नगर के कटेहरी से ब्लॉक प्रमुख रहे माफिया अजय सिंह सिपाही को गिरफ्तार कर उसका मकान कुर्क किया जा चुका है।

पूर्वांचल के बाहुबलियों का आतंक यूपी सहित देश के कोने-कोने में

पूर्वांचल में लगातार बाहुबलियों का एक बड़ा दबदबा रहा है। मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह धनंजय सिंह, अभय सिंह, रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया व अजय सिपाही समेत ऐसे तमाम नाम हैं, जिनका दबदबा न कि सिर्फ उनके गृह जनपद, बल्कि पूरे हिंदुस्तान के कोने-कोने में रहा है।

अपराधियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान को लेकर प्रशंसा भी कई बार सुनने को मिली। 1 विधायक के कथित पत्र या फिर बिकरु कांड में विकास दुबे व अन्य के एनकाउंटर ने ब्राह्मण समाज कुछ लोगों को आहत भी किया था।

ब्राह्मणों के 13% वोट से 2022 के चुनाव की नैया पार कराने की तैयारी
ब्राह्मणों से बात करने पर उनका जवाब सरकार के खिलाफ नहीं। मगर, क्षत्रिय बाहुबलियों पर कार्रवाई न देख कर मायूसी जरूर देखने को मिली। यही कारण है कि ब्राह्मणों का करीब 13% वोट 2022 के चुनाव की नैया पार कराने में अहम भूमिका रख सकता है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती।

ये भी पढ़िए -

सजायाफ्ता नेताओं को पुरानी पेंशन तो कर्मचारियों को क्यों नहीं:अतीक अहमद, डीपी यादव जैसे नेताओं को तो मिल रही, 20 लाख कर्मचारी कर रहे आंदोलन

इनामी बाहुबली पूर्व सांसद क्रिकेट खेल रहा:अखिलेश यादव बोले- बाबाजी IPL की तरह भाजपा माफिया लीग भी शुरू करें, BJP का काम-अपराधी सरेआम