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लखनऊ शहर में 20 हजार स्ट्रीट लाइटें खराब:कांग्रेस लीडर ने कहा- शिकायत के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात; अंधेरा होने से महिलाएं घर से बाहर निकलने में डरती हैं

लखनऊएक महीने पहले
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शिकायत के बाद भी लखनऊ नगर निगम स्ट्रीट लाइट नहीं ठीक करा पा रहा है। - Dainik Bhaskar
शिकायत के बाद भी लखनऊ नगर निगम स्ट्रीट लाइट नहीं ठीक करा पा रहा है।

लखनऊ शहर में करीब एक महीने से खराब स्ट्रीट लाइटों को बनाने का काम नहीं हो रहा है। ऐसे में शहर में करीब 20 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट बंद चल रही है। ऐसे में रात के समय महिलाएं और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में अनहोनी वारदात को लेकर डरे-सहमे रहते हैं। स्थिति यह है कि लोगों की शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं निकल रहा है। पूर्व कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान का आरोप है कि शहर के 110 वार्डों में शायद ही कोई ऐसा इलाका होगा, जहां सैकड़ों की संख्या में स्ट्रीट लाइट खराब न हो। पिछले काफी समय से लाइट मिलना बंद हो गई है। जबकि शहर में अभी करीब 50 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटों की जरूरत है।

पिछले दिनों नीलगिरी चौराहे पर तीन लाइट लगाई गई थी। अब यहां लगी लाइटें खराब हो गई हैं। स्थानीय निवासी गुंजन तोलानी पिछले एक सप्ताह से लाइट सही कराने के लिए शिकायत दर्ज करा रहे हैं। उपकेंद्र पर शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।

कंपनी ने पहले ही लाइट देने से मना कर दिया

भुगतान न होने के कारण नगर निगम को नई लाइट नहीं मिल रही है। अब कंपनी के लोग समय से इन लाइटों को सही भी नहीं कर रहें है। मौजूदा समय में लगभग 2.5 लाख स्ट्रीट लाइटों में 20 हजार से ज्यादा खराब हो चुकी हैं। लगभग हर वॉर्ड में 200 से 300 स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं। गलियों में अंधेरा छा चुका है। लोगों को अंधेरे में निकलना पड़ रहा है। इस्माईलगंज द्वितीय वार्ड के सुरेन्द्र नगर, मुलायमनगर, पटेलनगर, विमलनगर, अजय नगर, सनातन नगर, हरिहरनगर आदि मोहल्लों में अंधेरा छा चुका है। यही हाल इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड, महात्मा गांधी वार्ड, मालवीयनगर वार्ड, जानकीपुरम, शहीद भगत सिंह वार्ड आदि मोहल्लों का है ।

नगर निगम के अधिकारी मौन

स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का काम पिछले काफी समय से प्रभावित है। ईईएसएल ने भुगतान न होने से नई फिटिंग की आपूर्ति का काम बंद कर दिया था। पुरानी लाइटों की मरम्मत करके किसी तरह काम चलाया जा रहा था। अब वह भी समय से नहीं हो रहा है। एक लाइट सही कराने में सप्ताह भर से ज्यादा समय लग जाता है।

क्या कहते जिम्मेदार?

नगर निगम आरआर विभाग के चीफ इंजीनियर राम नगीना त्रिपाठी बताते है कि इस बारे में स्ट्रीट लाइट लगाने वाली कंपनी ईईएसएल से बात की जाएगी। लाइटें लग रही है। कहीं कोई काम नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ शिकायत और विभागीय कार्रवाई होगी। सभी लाइट सही करने की जिम्मेदारी उनकी है। इससे वह मुकर नहीं सकते है।

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