हरियाणा से बिहार जा रही बस का UP में एक्सीडेंट:हादसे में 19 मजदूरों की मौत, पुल पर खड़ी बस में ट्रक ने टक्कर मार दी, PM और बिहार के CM ने मृतकों के परिजनों के लिए की 2-2 लाख मुआवजे की घोषणा

बाराबंकी3 महीने पहले
हादसे में 11 यात्रियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 8 की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी स्लीपर कोच बस को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार और उसके नीचे सो रहे 19 यात्रियों की मौत हो गई। 23 से ज्यादा घायल हैं। 10 की हालत नाजुक है, जिन्हें लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। बस हरियाणा से बिहार जा रही थी।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लखनऊ-अयोध्या हाइवे पर हुए बस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे के मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। कहा है कि इस हादसे में घायल लोगों के समुचित इलाज व बिहार लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय किया जा रहा है।

बाराबंकी प्रशासन ने पीड़ितों की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी किया है। पीड़ित परिवार और रिश्तेदार- 9454417464 पर संपर्क कर सकते हैं।

ओवरलोड होने से बस का एक्सल टूटा
हादसा बाराबंकी के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र में हुआ। बस में करीब 130 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि हिसार में खराब हुई एक दूसरी बस के यात्री भी इसी में सवार हो गए थे। ओवरलोड होने की वजह से बस का एक्सल टूट गया।

इसे ठीक करने के लिए ड्राइवर ने बस को हाईवे पर कल्याणी नदी के पुल पर खड़ा कर दिया था। यात्रियों को नींद आ रही थी इसलिए वे बस के नीचे और उसके आसपास लेट गए। रात 11:30 बजे लखनऊ की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी।

पुलिस ने सभी 19 शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाराबंकी भिजवाया।
पुलिस ने सभी 19 शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाराबंकी भिजवाया।

बारिश से आई रेस्क्यू में दिक्कत
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और रेस्क्यू शुरू कर दिया। घायलों को रामसनेहीघाट CHC ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को जिला अस्पताल और लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

देर तक चले रेस्क्यू के कारण करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हादसे के शिकार लोगों ने बताया कि बस में सवार सभी यात्री बिहार के सीतामढ़ी, सुपौल सहित अलग-अलग जिलों के रहने वाले मजदूर थे। ये धान की रोपाई के लिए अपने-अपने गांव वापस जा रहे थे।

पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को हाईवे से हटाया। इसी दौरान तेज बारिश शुरू होने से भी रेस्क्यू में दिक्कत आई।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को हाईवे से हटाया। इसी दौरान तेज बारिश शुरू होने से भी रेस्क्यू में दिक्कत आई।

बस संचालक ने जबरन दूसरी बस में बैठाया
बस में सवार फौनी साहनी ने बताया कि अंबाला से जिस बस में वे लोग बैठे, वह उन्हें हिसार तक लाई। वहां ड्राइवर ने बस खराब होने की बात कहकर सभी यात्रियों को दूसरी बस के हवाले कर दिया। जिस बस में उनसे बैठने के लिए कहा गया, वह पहले से ही भरी थी।

जब कुछ यात्रियों ने बस में बैठने से इंकार किया तो बस संचालक ने दबाव बनाकर उन सभी को दूसरी बस में ठूंस दिया। 40-50 यात्रियों की क्षमता वाली इस बस में 130 से ज्यादा यात्री थे। ट्रक ने जब टक्कर मारी तो बस कुछ दूर तक घिसटती चली गई। इसके बाद हर तरफ खून और मांस के टुकड़े बिखरे हुए थे

प्रधानमंत्री ने CM योगी से की बात, आर्थिक मदद का ऐलान
बाराबंकी हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर जानकारी ली। PM ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, CM योगी ने सभी घायलों के मुफ्त इलाज करने के निर्देश दिए हैं। बाराबंकी के DM और SP घायलों को उनके घर तक भेजने का इंतजाम करेंगे।

हादसे का शुरुआती कारण लो-विजिबलिटी-ADG
लखनऊ जोन के ADG एसएन साबत भी बाराबंकी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि बस करीब 4 घंटे से पुल पर खड़ी हुई थी। शुरुआती जांच में हादसे का कारण लो विजिबिलिटी लग रहा है। फिलहाल, जांच चल रही है।

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