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बड़े मंगल के भंडारा पर कोरोना का ग्रहण:लखनऊ में लगातार दूसरी बार बड़े मंगल पर नहीं लगेगा भंडारा; आयोजकों ने कहा- कोरोना से बचाव जरूरी

लखनऊ24 दिन पहले
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हर बार शहर के अलग-अलग इलाकों में 2 हजार से ज्यादा भंडारे का आयोजन होता था, लेकिन कोरोना के चलते पिछले साल से आयोजन रद्द किया जा रहा है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
हर बार शहर के अलग-अलग इलाकों में 2 हजार से ज्यादा भंडारे का आयोजन होता था, लेकिन कोरोना के चलते पिछले साल से आयोजन रद्द किया जा रहा है। (फाइल फोटो)

लखनऊ में लगातार दूसरी बार बड़े मंगल पर कहीं भी भंडारे का आयोजन नहीं होगा। शहर में लॉकडाउन बढ़ने के चलते बाजार अभी भी बंद रहेंगे। लोगों के बाहर निकलने पर भी रोक है। लखनऊ में पिछले कई सालों से बड़े मंगल पर हर चौराहे से लेकर सड़क और मोहल्लों में बड़े मगंल पर भंडारे लगते है। लखनऊ शहर में करीब दो हजार से ज्यादा जगहों पर भंडारे लगता है। इस दौरान पूड़ी- सब्जी, चावल, छोले समेत तमाम तरह के आइटम प्रसाद के तौर पर दिया जाता है।

एक जून को ही पड़ रहा मंगल
एक जून को पहला मंगल पड़ रहा है लेकिन लॉक डाउन बरकरार रहेगा। ऐसे में यही दिक्कतें रहेगी। हलखनऊ में बड़ा मंगल ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार से शुरू होता है। पूरे शहर में लोग भंडारा लगाते हैं। कई लोगों ने इसकी सूचना देनी भी शुरू कर दी है। जवाहर भवन- इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुशील कुमार बच्चा, नगर निगम लखनऊ और श्री महावीर जी मेला समिति ने यह बयान जारी किया है।
बड़े मंगल के रूप में आई टी कॉलेज रोड पर पौशाला/भन्डारा का आयोजन कई सालों से किया जा रहा है। लेकिन, इस बार यह आयोजन नहीं हो पाएगा।

श्री महावीर जी मेला समिति के महामंत्री शशि कुमार मिश्र ने बताया कि पिछले साल भी कोरोना के कारण भंडारे का आयोजन नहीं हो पाया था। उन्होंने बताया कि पिछले साल यानी11 मई 2020 को कोरोना वायरस की वजह से पौशाला नहीं लग सका था। पौशाला समिति द्वारा नगर निगम द्वारा संचालित किचन में 21501 रुपए देकर भोजन का वितरण कराया गया था।
इसलिए मनाया जाता बड़ा मंगल
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लखनऊ के नवाब सआदतअली खां काफी बीमार थे, उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए मां छतर कुंवर ने हनुमान जी से मन्नत मांगी थी। उनकी मन्नत पूरी हो गई, तब उन्होंने अलीगंज में हनुमान मंदिर बनवाया था।. उसके बाद से ही ज्येष्ठ के मंगलवार को बड़े मंगलवार के तौर पर मनाया जाने लगा।

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