15 पार्षदों ने जारी किया सार्वजनिक बयान:लखनऊ पुलिस के खिलाफ BJP पार्षदों ने खोला मोर्चा , बोले - योगी सरकार की छवि खराब करने में जुटी है पुलिस

लखनऊ5 महीने पहले
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बीजेपी के करीब 15 से ज्यादा पार् - Dainik Bhaskar
बीजेपी के करीब 15 से ज्यादा पार्

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पुलिस के खिलाफ बीजेपी के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी के करीब 15 से ज्यादा पार्षदों ने सार्वजनिक बयान देते हुए कहा है कि पुलिस तानाशाही तरीके से काम कर रही है और सरकार की छवि को खराब करने में लगी है। सीएम योगी आदित्यनाथ से पार्षदों ने गुहार लगाई है। इसमें कहा गया है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं का पुलिस की ओर से उत्पीड़न किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला बीजेपी पार्षद दिलीप श्रीवास्तव पर मंगलवार को हुए केस के बाद बढ़ गया है। लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष और डिप्टी मेयर रजनीश श्रीवास्तव ने इसको लेकर मीडिया बयान जारी किया है।

पुलिस पर मूर्ति हटाने का आरोप आरोप है कि इंदिरा नगर स्थित ॐ शिवशक्ति पीठ में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति पुलिस ने एसडीएम सदर के कहने पर जानबूझकर जबरिया हटा दिया है। यह काम बहुत ही निंदनीय है ।योगी सरकार के शासन में पुलिस की कार्यशैली सरकार को बदनाम कर रही है। सभी भाजपा नेताओं ने सीएम से दिलीप श्रीवास्तव पर दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे को खत्म करने व मंदिर पर दोबारा मूर्ति स्थापित करने की मांग की। बताया जा रहा है कि इस मामले में दिलीप श्रीवास्तव पर जबरदस्ती मुकमदा दर्ज कराया गया है।

इन लोगों ने पुलिस के खिलाफ जताया विरोध लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ,भाजपा पार्षद दल उपनेता कौशलेंद्र द्विवेदी,पूर्व उपनेता रामकृष्ण यादव, मुख्य सचेतक विजय गुप्ता,भाजपा पार्षद रामकुमार वर्मा,पार्षद मनोज अवस्थी,पार्षद श्रवण नायक,राजेश मालवीय,भृगुनाथ शुक्ला,संतोष राय, संजय राठौर ने पुलिस के रवैये को तानाशही बताया है।

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