किसानों के समर्थन में वरुण गांधी का CM को पत्र:पीलीभीत सांसद ने लिखा- भूमिपुत्रों की बात जरूर सुनी जाए, योगी को लिखी चिट्ठी में 7 पॉइंट में किसानों की बात रखी

लखनऊएक महीने पहले
वरुण गांधी- फाइल

किसानों के समर्थन और समस्याओं को लेकर भाजपा के पीलीभीत सांसद और फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखी है। सोशल मीडिया पर इसे उन्होंने शेयर भी किया। इसमें उन्होंने लिखा है, 'किसानों की बुनियादी समस्याओं को इंगित करता मेरा पत्र उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नाम। उम्मीद है कि भूमिपुत्रों की बात ज़रूर सुनी जाएगी।' वरुण गांधी ने इसमें गन्ना के दाम, बकाया भुगतान, धान की खरीदारी समेत 7 मुद्दों को उठाया है।

गन्ना यूपी की प्रमुख फसल है, तत्काल पूरा भुगतान किया जाए
भाजपा सांसद ने लिखा, बीते दिनों लोकसभा क्षेत्र पीलीभीत से किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। वरुण गांधी ने कहा कि, प्रदेश में गन्ना एक प्रमुख फसल है। गन्ना किसानों ने बताया गन्ने की लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है जबकि पिछले चार सत्र में गन्ने के रेट में मात्र दस रुपए प्रति कुतंल की बढ़ोतरी की गई है। दूसरा, आपने गन्ने के भुगतान पिछली सरकारों से ज्यादा किया लेकिन गन्ना किसानों की आर्थिक समस्याओं, गन्ने की बढ़ती लागत और मंहगाई दर को देखते हुए सरकार गन्ना किसानों की मांग 400 प्रति कुंतल तत्काल घोषित करें। यहीं नहीं तत्काल सारा बकाया गन्ना भगुतान करवाना सुनिश्चित करें।

धान-गेंहू की सारी फसल एमएसपी खरीद पर हो
वरुण गांधी ने कहा- धान की सारी फसल को एमएसपी पर खरीदने की सरकार व्यवस्था करें। बहुत से किसान खरीद की व्यवस्था से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। उन्हाेंने आगे कहा कि धान व उसके बाद गेंहू खरीद सीजन के दौरान पर्याप्त संख्या में खरीद केन्द्रों की व्यवस्था कराके सभी किसानों की पूरा धान व गेंहू सुनिश्चित करें। गेंहू और धान की सरकारी खरीद पर सरकार 200 प्रति कुंतल का अलग से बोनस देने पर विचार करें।

किसानों की अन्य समस्याएं भी गिनाई

  • वरुण गांधी ने ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप और आवासीय दोनों तरह की बिजली के रेट बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं जिस कारण उन्हें बिल भुगतान में बहुत ज्यादा कठिनाई हो रही है। किसानों की कठिनाई को देखते हुए तत्काल बिजली के रेटों में कमी कर राहत दी जाएं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या विकराल रुप धारण कर चुकी है जो दिनरात फसलों को नुकसान पहुंचा रही है।आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार तत्काल गौशालाओं के निर्माण व अन्य प्रभावकारी उचित कदम उठाए जाए।
  • पीएस किसान योजना के लिए किसानों केन्द्र और राज्य सरकार का आभार प्रकट करते हुए इस 600 हजार से बढ़ाकर 12 हजार प्रति वर्ष करने की मांग की है। वरुण गांधी ने कहा अगर राज्य सरकार 6 हजार अपनी तरफ से देने पर विचार कर सकती है।
  • मनरेगा को कृषि कार्यों में भी लगाएं। इससे इस योजना में खर्च हो धन का उचित लाभ होगा।
  • कृषि कार्यों के लिए प्रयोग होने वाले डीजल पर कम से कम 20 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी किसानों को दी जाए।
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