8 प्रत्याशी...जिनसे वोटर पूछ रहे-हम आपके हैं कौन?:सबसे ज्यादा दौड़ाए जा रहे वे नेता जो 5 साल दिखे ही नहीं, कानून व्यवस्था पर आक्रोश

लखनऊ5 महीने पहलेलेखक: अविनाश रावत

चुनाव है तो नेता जी की मजबूरी हो गई है कि वह बाजार में निकलें। लोगों से मिलें। अगर नहीं निकलेंगे तो पार्टी और मीडिया वाले सवाल पूछने लगते हैं।... और निकलते हैं तो लोग सवाल उठाने लगते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन नेताओं के लिए है, जो टिकट मिलने के बाद पहली बार जनता के बीच जा रहे हैं। डिजिटल युग में लोग अब सीधे सवाल पूछ रहे हैं- आप कौन हो भाई, हम आपको क्यों वोट दें...।

बात सवाल तक रहती, तो चल जाता। यहां तो पिछले 11 दिनों में 10 ऐसी घटनाएं हो गईं, जहां लोगों ने प्रत्याशियों को दौड़ा लिया। कहीं ये पूछते हुए कि भाई हम आपके हैं कौन? और कहीं ये कहते हुए कि जब हम मुसीबत में थे तो आप कहां सो रहे थे। ऐसी सबसे बड़ी मिसाल तो हमारे डिप्टी सीएम (कुछ लोगों की नजर में सीएम दावेदार भी) केशव प्रसाद मौर्य हैं, जिन्हें तीन दिन पहले अपने ही समाज के लोगों के बीच से निकालने में उनके सुरक्षाकर्मियों को पसीना आ गया।

ज्यादा चिंता की बात तो भाजपा के लिए है, क्योंकि इन 10 घटनाओं में 9 तो उन्हीं के प्रत्याशियों के साथ घटी। बाकी एक उनके मुख्य विपक्षी सपा प्रत्याशी के साथ। भाजपा नेताओं से बात करने पर उनका तर्क रोचक और एक हद तक वाजिब भी है। कहते हैं- भाई, विरोध तो उन्हीं का होगा ना, जिनसे कोई उम्मीद होगी। ये विरोध तो लोगों का हमारे प्रति प्रेम दिखाता है। ...तो आइए ऐसे कुछ प्रेम से हम आपको रुबरू कराते हैं:-

सबसे पहले मिलिए उन 8 नेताओं से जिनसे नाराजगी है कि वे पहले अपने वोटरों से मिले ही नहीं

लोग बोले-विधायक जी पांच साल से कहां थे…

1. प्रत्याशी-भाजपा के विक्रम सैनी, क्षेत्र- खतौली

खतौली में भाजपा के विक्रम सैनी को लोगों ने 2017 में अपना विधायक चुना था। अब भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया है। सैनी अपना प्रचार करने 19 जनवरी को मनव्वर पुर गांव पहुंचे। अपनी बिरादरी के लोगों के साथ चौपाल लगाई। पाकिस्तान को भी भला बुरा कहा। नारे भी लगाए, लेकिन लोग मुद्दे पर आ गए। पूछा- पांच साल से तो नजर ही नहीं आए, तो वोट क्यों दें? गांव वाले सवाल कर रहे थे, उधर विक्रम सैनी बचाव में लगे थे। स्थिति बिगड़े इससे पहले सैनी को पैदल ही वहां से निकलना पड़ा।

प्रत्याशी विक्रम सैनी से मनव्वर गांव के लोगों ने पूछा पांच साल कहां थे?
प्रत्याशी विक्रम सैनी से मनव्वर गांव के लोगों ने पूछा पांच साल कहां थे?

एक बार ही जिताकर गलती की...अब दोबारा क्यों?

2. प्रत्याशी-भाजपा के वीरेंद्र सिंह राणा, क्षेत्र- सिकंदराराऊ

सिकंदराराऊ से वर्तमान विधायक वीरेंद्र सिंह राणा को भाजपा ने दोबारा प्रत्याशी बनाया है। विरोध इस कदर है कि लोग कहीं घास का पुतला फूंक रहे हैं तो कहीं कपड़े के पुतले पर राणा की फोटो लगाकर जला रहे हैं। दरअसल, छत्तीसगढ़ के भिलाई में 1976 से 1996 तक शराब फैक्ट्री में बतौर मैनेजर रहे वीरेंद्र राणा कुछ साल पहले हाथरस आकर बस गए थे। 2015 में भाजपा ने उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया और 2017 में सिकंदराराऊ से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। अब लोग कह रहे हैं कि 5 साल तो इनके दर्शन हुए नहीं तो हम बाहरी प्रत्याशी को यहां वोट क्यों दें।

विरोध करने वालों ने प्रत्याशी वीरेंद्र राणा का पुतला जलाया।
विरोध करने वालों ने प्रत्याशी वीरेंद्र राणा का पुतला जलाया।

भाजपा में खोट नहीं, ऊंटवाल को वोट नहीं

3. प्रत्याशी-भाजपा के प्रमोद ऊंटवाल , क्षेत्र- पुरकाजी

मुजफ्फरनगर के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी प्रमोद ऊंटवाल का जबरदस्त विरोध हो रहा है। लोग खुलेआम कह रहे हैं कि- हम भाजपा के पक्ष में, लेकिन प्रत्याशी स्वीकार नहीं। लोग नारा लगा रहे हैं कि भाजपा में खोट नहीं, ऊंटवाल को वोट नहीं। यहां रोहाना मंडल के गांव बधाई कला, माजरा, होशियारपुर और तिहाई के लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, 2017 में जब यहां से प्रमोद ऊंटवाल को प्रत्याशी बनाया गया था, तब लोगों ने उनका सपोर्ट किया और वे जीत गए। हालांकि, इस गांव की एक सड़क भी वे बनवा नहीं पाए। प्रमोद उंटवाल जब यहां वोट मांगने गए तो लोगों ने कहा साहब पांच साल से कहां गायब थे। अब वे हाथ जोड़-जोड़कर लोगों से माफी मांगने में जरूर लगे हुए हैं।

नारा लगाया - भाजपा में खोट नहीं, ऊंटवाल को वोट नहीं
नारा लगाया - भाजपा में खोट नहीं, ऊंटवाल को वोट नहीं

लोगों ने प्रत्याशी को घेरकर गांव से बाहर किया

4. प्रत्याशी-भाजपा के पूरन प्रकाश , क्षेत्र- मथुरा की बलदेव विधानसभा

मथुरा की बलदेव विधानसभा सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक पूरन प्रकाश को दोबारा प्रत्याशी घोषित किया है। महावन से मौजूदा विधायक पूरन प्रकाश टिकट मिलने के बाद जब अपने क्षेत्र के खजूरी और रामपुर गांव में जनसंपर्क के लिए पहुंचे तो लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। दरअसल, 2017 से पहले बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश रालोद में ही थे और 2017 में बीजेपी से टिकट मिलने के बाद महावन से चुनाव लड़ा और जीत गए। लोगों का कहना है कि उन्हें महावन में जरूर स्वीकार किया गया था, लेकिन यहां नहीं किया जाएगा। वो खुद ही बता दें कि टिकट से पहले यहां कब आए थे। स्थिति तो एक बार ऐसी बनी कि प्रचार करने पहुंचे पूरन प्रकाश को घेरकर गांव से लोगों ने बाहर कर दिया।

विरोध कर रहे लोगों ने प्रत्याशी पूरन प्रकाश को घरों से बाहर निकाल दिया।
विरोध कर रहे लोगों ने प्रत्याशी पूरन प्रकाश को घरों से बाहर निकाल दिया।

प्रत्याशी की गाड़ी रोकी, आग लगाने का प्रयास भी किया

5. प्रत्याशी-भाजपा के मनिंदरपाल सिंह , क्षेत्र- मेरठ

क्षेत्र में प्रचार के दौरान न सिर्फ पथराव किया, बल्कि गाड़ी में आग लगाने तक का प्रयास किया गया। दरअसल, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन चौधरी मनिंदरपाल सिंह सिवालखास विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से भाजपा नेता चौधरी जितेंद्र सतवाई विधायक हैं। पार्टी ने यहां से उनका टिकट काटकर जाट बिरादरी के ही मनिंदरपाल को दिया है। मनिंदरपाल के समर्थक कहते हैं कि हमले में विधायक जी का भी हाथ हो सकता है। वैसे, 5 महीने पहले भी किसान आंदोलन के समय ग्रामीणों ने भाजपा विधायक का विरोध किया था। लोग कहते हैं कि नेता जी, पहले तो कभी आए नहीं। हम बंधुआ नहीं, कि पार्टी जिसको मर्जी टिकट दे और हम उनको वोट दें।

मनिंदर पाल को प्रत्याशी बनाए जाने पर लोग विरोध कर रहे हैं। ऐसा विरोध 5 माह पहले भी हुआ था।
मनिंदर पाल को प्रत्याशी बनाए जाने पर लोग विरोध कर रहे हैं। ऐसा विरोध 5 माह पहले भी हुआ था।

प्रत्याशी के विरोध में टंकी पर चढ़े

6. प्रत्याशी- भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी, क्षेत्र -बिलारी

बिलारी विधानसभा से भाजपा ने परमेश्वर लाल सैनी को अपना प्रत्याशी बनाया है। लोग सैनी के विरोधी हैं। भाजपा के इस निर्णय से गुस्साए एक कार्यकर्ता ने तो भूड़मरेशी गांव में पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध दिखाते हुए प्रत्याशी बदलने की मांग शुरू कर दी। काफी देर की मशक्कत के बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतरा। विरोध का आलम यह है कि सैनी अब कई गांव में जनसंपर्क करने से भी कतरा रहे हैं।

भूड़मरेशी गांव में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रत्याशी का विरोध किया गया।
भूड़मरेशी गांव में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रत्याशी का विरोध किया गया।

लोग बोले प्रत्याशी बदलो, नहीं तो नोटा

7. प्रत्याशी - भाजपा की गुलाब देवी, क्षेत्र -चंदौसी

भाजपा ने चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के गुलाब देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। लोगों का कहना है कि राज्य मंत्री गुलाब देवी चुनाव जीतने के बाद कभी यहां संपर्क करने नहीं आईं। जिन लोगों ने पिछले पांच सालों में उनसे मिलने का प्रयास किया, उन्हें भी समय नहीं दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अगर प्रत्याशी बदला नहीं गया तो हमारा वोट नोटा पर ही जाएगा। ढकारी गांव के लोगों ने तो विरोध करते हुए गुलाब देवी का पुतला दहन भी कर दिया।

पांच साल से यहां नहीं आई गुलाब बाई। विरोध में लोगों ने उनका पुतला जलाया।
पांच साल से यहां नहीं आई गुलाब बाई। विरोध में लोगों ने उनका पुतला जलाया।

नई सीट पर सपा प्रत्याशी का नया विरोध

8. प्रत्याशी- सपा के नईमुल हसन, क्षेत्र धामपुर

बिजनौर की धामपुर सीट से सपा के प्रत्याशी नईमुल हसन का भी विरोध हो रहा है। उनके पुतले जलाए जा रहे हैं। दरअसल, इस सीट से सपा नेता और पूर्व मंत्री मूलचंद्र चौहान की जगह इस बार नईमुल हसन को प्रत्याशी बनाया है। नईमुल हसन वही हैं, जिन्होंने 2018 के उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी अवनि सिंह को 6 हजार वोट से हराया था। नूरपुर के तत्कालीन विधायक लोकेंद्र चौहान की मृत्यु के बाद उपचुनाव कराया गया था।

लोकेंद्र चौहान ने 2017 में नईमुल हसन को हराया था। इस बार सपा नेताओं को लगा कि नईमुल नूरपुर सीट से हार जाएंगे। लिहाजा उन्हें धामपुर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। ऐसे में फिर लोगों का कहना है कि हमारे सुख-दुख में कभी शामिल नहीं रहे तो हम साथ क्यों दें? पैदल रैलियां निकालकर उनका विरोध किया जा रहा है।

धामपुर के लोग नईमुल हसन को प्रत्याशी के तौर पर स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
धामपुर के लोग नईमुल हसन को प्रत्याशी के तौर पर स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

अब मिलिए डिप्टी सीएम से जिन पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठे...

कानून व्यवस्था पर महिलाओं ने डिप्टी सीएम को दौड़ाया

9. प्रत्याशी- भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य, क्षेत्र- सिराथू

सिराथू में जिला पंचायत सदस्य के पति राजीव मौर्य पिछले कुछ दिनों से लापता हैं। लोग नाराज हैं। इसी बीच सिराथू सीट से प्रत्याशी घोषित होने के बाद केशव प्रसाद मौर्य पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र में 22 जनवरी को प्रचार-प्रसार करने पहुंचे। नाराज महिलाओं ने केशव मौर्य चोर है जैसे नारे लगाना शुरू कर दिया। फिर बड़ी मुश्किल से सुरक्षा कर्मचारियों ने डिप्टी सीएम को उनके बीच से बाहर निकाला। बताते हैं कि सिराथू विधानसभा के लोग अपने क्षेत्र में बिगड़ी व्यवस्थाओं को लेकर केशव मौर्य से नाराज हैं।

बिगड़ी कानून व्यवस्था से नाराज महिलाओं ने केशव मौर्य चोर है जैसे नारे लगाना शुरू कर दिया।
बिगड़ी कानून व्यवस्था से नाराज महिलाओं ने केशव मौर्य चोर है जैसे नारे लगाना शुरू कर दिया।

...और अंत में मिलिए उस प्रत्याशी से जिससे किसानों ने सवाल किया

घर के बाहर लिखा- यहां आए तो लठ से स्वागत करेंगे

10. प्रत्याशी- भाजपा के तेजेंद्र निर्वाल, क्षेत्र- शामली

शामली से दूसरी बार विधायक तेजेंद्र निर्वाल फिर यहीं से भाजपा प्रत्याशी हैं। जाट समाज बाहुल्य गांवों के लोगों का कहना है कि गन्ना भुगतान, किसान आंदोलन में तो ये दिखे नहीं। गांव में काम भी नहीं दिखा, तो फिर किस बात का वोट। किसान अपने विधायक से जब बात करना चाहते थे, तो वे छुपते रहे। लिलोन गांव में तो ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर दरवाजे पर लिखा दिया कि इस मकान के अंदर बीजेपी वालों का आना मना है। बीजेपी का प्रत्याशी अगर हमारे यहां वोट मांगने आता है तो उसका स्वागत लठ से होगा।

घरों के बाहर दरवाजे पर लिखा दिया कि इस मकान के अंदर बीजेपी वालों का आना मना है।
घरों के बाहर दरवाजे पर लिखा दिया कि इस मकान के अंदर बीजेपी वालों का आना मना है।
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