बसपा इंटरव्यू में पास उम्मीदवारों को देंगी टिकट:आगामी विधान सभा चुनाव को लेकर बसपा उम्मीदवारों से पूछे जा रहे ये पांच सवाल, जबाव के साथ सक्रियता तय करेंगी दावेदारी

लखनऊ8 महीने पहले
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मायावती बसपा पार्टी की छवि बेद - Dainik Bhaskar
मायावती बसपा पार्टी की छवि बेद

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी इस बार इंटरव्यू में पास उम्मीदवारों को टिकट देंगी। पांच विशेष सवालों में पास हुए उम्मीदवारों की दावेदारी टिकट के लिए मान्य होंगी। विधान सभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बसपा पार्टी इस बार सोशल मीडिया पर सक्रिय होने के साथ जिलेवार बैठक और उम्मीदवार की चयन प्रक्रिया को तव्वजों दे रही है। जिले के बाद मंडल कोऑर्डिनेटर के चयन के बाद उम्मीदवार के नाम पर अतिंम मोहर मुख्यालय लगाया जाएगा। बीते 15 दिनों में करीब 50 से ज्यादा उम्मीदवारा का इंटरव्यू हो चुका है। इसमें ज्यादातर पश्चिम क्षेत्र के प्रत्याशी है।

ये पांच सवाल
-बसपा के सूत्रों के मुताबिक आगामी विधानसभा के चुनाव को लेकर इस बार पूछे जाने वाले सवालों में सबसे पहले सोशल मीडिया पर सक्रियता कितनी है।
-बसपा पार्टी से कब से जुड़े है और अब तक कौन-कौन से बड़े कार्यक्रम कराएं कितने नए लोगों को पार्टी से जोड़ा गया।
-कोरोना काल में पार्टी की तरफ से क्या भूमिका गई।
-संगठन में किस पद पर रहे और पद रहते हुए संगठन के विस्तार के लिए क्या किए।
-आगामी चुनाव में उम्मीदवार क्यों बनाया जाएं, बसपा के वोट बैंक के अलावा आपका विधान सभा में कितना वोट है।

उम्मीदवारों के इंटरव्यू पहले चरण में शुरू हो गए
बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में आयोजित रैली में एलान किया था कि चुनावी तैयारियों को परखने के लिए वह खुद भी अचानक जिलों में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेंगी। इसका परिणाम यह है कि जिला स्तर पर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। खास तौर पर उम्मीदवारों के इंटरव्यू पहले चरण में शुरू हो गए हैं। हर स्तर पर देखा जाएगा कि उम्मीदवार को कितना राजनीति अनुभव है। कभी चुनाव लडे़ तो उसका क्या परिणाम रहा, छवि कैसी है। इसके अलावा दूसरे दल से आए लोगों केबारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अब जिन उम्मीदवारों को यूपी विधानसभा चुनाव में टिकट चाहिए उन्हें चार राउंड के इंटरव्यू को पास करना होगा। इन इंटरव्यू में उम्मीदवारों की काबिलियत को परखा जाएगा। जिसके पास करने के बाद ही उम्मीदवारों को टिकट दी जाएगी। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इससे मंत्रियों और विधायकों का पत्ता कट सकता है। कहा जा रहा है कि मायावती बसपा पार्टी की छवि बेदाग बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है कि उन्होंने उम्मीदवारों के चयन में साक्षात्कार व्यवस्था अपनाई है। ताकि उम्मीदवारों के बायोडाटा सहित अन्य कई जानकारी सामने रहेगी, पारदर्शिता बनी रहेगी।

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