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रिवर फ्रंट घोटाले में लगातार तीसरे दिन CBI ऐक्शन में:सीबीआई को 250 करोड़ की प्रापर्टी का हिसाब नहीं दे पा रहे अफसर-कांट्रेक्टर, बैंक डिटेल से मैच नहीं कर रही प्रॉपर्टी

लखनऊ25 दिन पहलेलेखक: आदित्य तिवारी
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गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में उत्तर प्रदेश समेत 3 अन्य राज्यों में सीबीआई की छापेमारी बीते 3 दिनों से जारी है। प्रदेश में 49 ठिकानों पर दबिश देकर सीबीआई ने रिवरफ्रंट घोटाले के दस्तावेज, प्रॉपर्टी व नगदी बरामद की है। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक 250 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के दस्तावेज अफसरों व कांट्रेक्टर्स व उनसे जुड़े लोगों से मांगे गए हैं।

अब तक की गई छापेमारी में बैंक की डिटेल में और खरीदी गई संपत्तियों के बारे में बड़ा अंतर मिला है। सीबीआई घोटाले से जुड़े दस्तावेज तलाशने के लिए गोरखपुर में भाजपा के विधायक राकेश सिंह बघेल और आगरा में पूर्व मंत्री नितिन गुप्ता के घर भी दबिश दे चुकी है।

बघेल के घर से सीबीआई ने 5 लाख रुपए नगद बरामद किए थे। बघेल इन पैसों का हिसाब नहीं दे पाए थे। गुप्ता की कांट्रेक्टर कंपनियों में साझेदारी सामने आई है। गुप्ता को सपा सरकार के कार्यकाल में राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ था। हालांकि गुप्ता अब भाजपा में शामिल हाे गए हैं।

पूछताछ के लिए दिल्ली, गाजियाबाद से बुलाए गए अफसर

सपा सरकार में बनाए गए रिवरफ्रंट घोटाले की जांच में अवैध संपत्ति से जुड़े कई अहम दस्तावेज और लैपटॉप मिलने के बाद शासन स्तर के अफसरों की सीधे घोटाले में शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है। सीबीआई को अब तक तफ्तीश में यह जानकारी मिली है कि प्रमुख सचिव स्तर के अफसर भी ठेके के बंदरबांट में शामिल रहे हैं। सीबीआई की टीम ने देहरादून, गाजियाबाद दिल्ली, पटना से अफसरों को बुलाकर पूछताछ की है।

4 महीने पहले होनी थी छापेमारी, छुट्टियां करा दी गई कैंसिल

सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई बीते 4 महीने पहले होनी थी,लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इस कार्यवाही को रोका गया। मंगलवार से शुरू की गई कार्रवाई को पूरी तरीके से गोपनीय रखा गया था। सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि एक साथ 40 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी करने के लिए करीब 2 दर्जन अफसरों की छुट्टियां एकाएक कैंसिल करा दी गई। छुट्टी कैंसिल करने की वजह किसी अफसर को नहीं बताई गई। पूरी छापेमारी को गोपनीय रखते हुए सभी को एकाएक छापेमारी करने के लिए अलग-अलग जगह निर्देश दिए गए।

407 करोड़ रुपए गबन करने का मामला आया सामने

सीबीआई के द्वारा 189 आरोपियों पर दर्ज किए गए मुकदमे में 40 स्थानों पर तलाशी 3 दिन से जारी है सीबीआई को सिंचाई विभाग के द्वारा गोमती रिवर चैनेलाइजेशन प्रोजेक्ट एवं गोमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के संबंध में 407 करोड रुपए के विभिन्न कार्यों में लापरवाही और घोटाले सामने मिला है।

सीबीआई की जांच में 16 प्रशासनिक अफसरों समेत 173 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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