20 लाख नौकरियों की 'भर्ती क्रांति वॉल' का सच:खाली रही कांग्रेस कार्यालय में युवा घोषणा पत्र की वॉल, मुद्दे लिखने बेरोजगार नहीं आए तो कार्टून बनवाना पड़ा

लखनऊ7 महीने पहलेलेखक: अविनाश रावत
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बेरोजगार नहीं आए तो कलाकार को दिखानी पड़ी अपनी कला - Dainik Bhaskar
बेरोजगार नहीं आए तो कलाकार को दिखानी पड़ी अपनी कला

महिलाओं के लिए अलग घोषणा पत्र जारी करने के बाद कांग्रेस अब युवाओं को साधने के लिए उनके लिए भी वादों का पिटारा खोल चुकी है। 20 लाख नौकरियां, इंडस्ट्री क्लस्टर और बुनकर क्रेडिट कार्ड समेत कई वादे किए गए हैं। पार्टी ने दावा किया कि इस घोषणापत्र में वो मुद्दे शामिल किए गए हैं, जो आज बेरोजगारों की मांग हैं। हालांकि, सच्चाई ये है कि बेरोजगारों ने कांग्रेस को अपनी मांगें बताने में खास रुचि नहीं दिखाई।

यु‌वा घोषणा पत्र नाम के इस पिटारे को भरने के लिए पार्टी ने 14 दिन पहले कांग्रेस मुख्यालय में 'वॉल ऑफ भर्ती क्रांति' बनाई थी। फ्लैक्स की इस 20 मीटर लंबी भर्ती वॉल पर बेरोजगारों से अपने-अपने मुद्दे लिखने की अपील की गई थी। दावा किया गया था कि इस वॉल पर लिखी मांगों को युवा घोषणा पत्र में शामिल कर प्रदेश में 20 लाख भर्तियां की जाएंगी। हकीकत यह है कि जिस दिन वॉल लगी सिर्फ उसी दिन कांग्रेस ही कुछ लोगों ने अपनी तरफ से मुद्दे लिख दिए। कई दिनों तक जब वॉल नहीं भरी तो कांग्रेस नेताओं ने कलाकारों को बुलाकर खुद ही इसे भरवा लिया।

यूपी में साढ़े करोड़ युवा मतदाता

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में तमाम राजनीतिक दलों द्वारा तरह-तरह के लुभावने वादों का दौर जारी है। प्रत्येक दल अलग-अलग तरीके से वोटरों का ध्यान खींचने की कवायद में लगे हैं। उत्तर प्रदेश के मतदाताओं में सबसे ज्यादा तादाद युवा वर्ग की है। प्रदेश के साढ़े सात करोड़ यानी लगभग 50 फीसदी मतदाता 39 वर्ष तक की उम्र के हैं। इनमें से 18 से 19 वर्ष तक के मतदाताओं की संख्या 19.89 लाख है। चुनाव जीतने के लिए यह आंकड़ा बहुत मायने रखता है। ऐसे में कांग्रेस ने युवा वोटरों को लुभाने के लिए 7 जनवरी से यूपी में 'भर्ती क्रांति' की शुरूआत की।

तब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा था कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी पार्टी बेहद मुखर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और उनके पेपर आउट होने, सरकारी भर्तियों में आरक्षण की प्रक्रिया का पालन न होने जैसे कई मुद्दे हैं।

आलम यह था कि 14 दिन बीतने के बाद भी इस वॉल का 70 फीसदी हिस्सा खाली पड़ा रहा। 30 फीसदी हिस्से में जो कुछ भी लिखा उसका आधा कांग्रेसियों ने 7 जनवरी को ही लिख लिया था। बाकी आधे 15 फीसदी वॉल पर भी लोगों से जबरन लिखवाया गया।

14 दिन तक ऐसे खाली पड़ी रही कांग्रेस की वॉल ऑफ भर्ती क्रांति
14 दिन तक ऐसे खाली पड़ी रही कांग्रेस की वॉल ऑफ भर्ती क्रांति

युवा नहीं आए तो कलाकार से वॉल भरवाई

युवाओं को मुद्दों को उठाने के लिए बनाई गई इस खाली वॉल की किरकिरी से बचने के लिए कांग्रेस ने कलाकार को बुलाकर खुद ही वॉल भरवा ली। कलाकार ने हाथ उठाकर नारे लगाते युवा, पुलिस भर्ती निकालने के धरने पर बैठे और पुलिस के डंडे खाते बेरोजगार, लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा, महिलाओं पर अत्याचार, रोजगार भवन की मांग, नशा मुक्त प्रदेश, रेलवे का निजीकरण, महंगी रसोई गैस जैसे कई मुद्दों पर कार्टून बनाए हैं।

एक कोने में कांग्रेस कार्यालय में चौबीसों घंटे कांग्रेस का झंडा थामकर घूमने वाले अनोखे लाल तिवारी का चित्र उकेरा गया है। इसी के पास 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' नारे के साथ शीला मिश्रा की तस्वीर भी बनाई गई है। बता दें कि शीला मिश्रा वही हैं जो प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने के बाद से लगातार कभी टिकट के बदले रुपए मांगे जाने तो कभी टिकट बांटने में धांधली के आरोप कांग्रेस नेताओं पर लगा रही हैं।