लंच ब्रेक के बहाने लापता नहीं हो पाएंगे सरकारी कर्मचारी:CM योगी ने लंच के लिए 30 मिनट तय किया, बोले- सीट से गायब रहने वालों की खैर नहीं

लखनऊ6 महीने पहले

अब उत्तर प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में लंच ब्रेक के बहाने घंटों लापता रहने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों की खैर नहीं है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लंच के लिए 30 मिनट समय तय कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी दफ्तरों में लंच करने के लिए आधे घंटे से ज्यादा का समय नहीं मिलेगा। अभी तक कार्यालयों में 45 मिनट का समय लंच के लिए तय था।

सीएम ने कहा कि कार्यालयों में अनुशासन का माहौल बना रहना जरूरी है। सभी अधिकारी, कर्मचारी समय से कार्यालय आएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि लंच टाइम आधा घंटे से ज्यादा न हो। लंच पूरा होने के बाद सभी कर्मचारी फिर से अपनी सीट पर मौजूद रहें।

ऑफिस टाइमिंग में अपनी सीट पर मौजूद रहें कर्मचारी

मुख्यमंत्री कार्यालय में लगातार शिकायत मिल रही थी कि कर्मचारी लंच टाइम पर ऑफिस से गायब हो जाते हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में लगातार शिकायत मिल रही थी कि कर्मचारी लंच टाइम पर ऑफिस से गायब हो जाते हैं।

दरअसल, मुख्यमंत्री कार्यालय में लगातार ऐसी शिकायत मिल रही थीं कि कर्मचारी लंच टाइम पर ऑफिस से गायब हो जाते हैं। इन शिकायतों के बाद मंगलवार को जब सीएम योगी टीम-9 की बैठक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सरकारी दफ्तरों में लंच करने का समय आधे घंटे तय करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि ऑफिस टाइमिंग में कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद रहें।

डीपीआर तैयार करने वाली संस्था टेंडर नहीं ले सकती

सीएम ने टीम-9 की बैठक में कहा कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि PWD, आरईएस आदि विभागों में परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने वाली संस्था परियोजना के क्रियान्वयन/निर्माण के लिए होने वाली टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले। इस संबंध में स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए।

UP को जल्द मिलेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे

सीएम ने कहा कि प्रदेश को जल्द ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का नया गिफ्ट मिलने जा रहा है। इसके उद्घाटन कार्यक्रम के लिए सभी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को डिजिटली साउंड करने को राज्य सरकार की ओर से छात्र-छात्राओं को टैबलेट, स्मार्टफोन मुहैया कराए जा रहे हैं। वितरण का यह कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हो।