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विकास में भागीदार बनने का मौका देगी UP मातृभूमि योजना:गांव कि किसी भी परियोजना का नामकरण अपने या परिजन के नाम करवा सकते है, योजना की लागत का आधा खर्च उठाना होगा

लखनऊ21 घंटे पहले
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सीएम योगी ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम भर नहीं हैं, यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का परिपथ भी हैं। - Dainik Bhaskar
सीएम योगी ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम भर नहीं हैं, यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का परिपथ भी हैं।

आम जनता को विकास कार्यों में सीधे भागीदार बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने "उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना" शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत गांवों में होने वाले अवस्थापना विकास के विभिन्न कार्यों में हर व्यक्ति को सीधी हिस्सेदारी का मौका मिलेगा। परियोजना की कुल लागत का 50 फीसदी खर्च सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 50 फीसदी इच्छुक व्यक्ति की ओर से सहयोग होगा। बदले में परियोजना का नामकरण सहयोगी व्यक्ति की इच्छानुसार उनके परिजनों के नाम पर किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग को इस अभिनव योजना की औपचारिक शुरुआत के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से पीएम ग्रामीण सड़क योजना तथा जिला पंचायतों के तहत हॉटमिक्स तथा फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) पद्धति से बनी सडकों लोकार्पण व शिलान्यास करते हुए सीएम योगी ने सरकार की इस नई योजना की जानकारी दी।

आम लोगों को मिलेगा परियोजना का क्रेडिट
गांवों में स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, पुस्तकालय, स्टेडियम, व्यायामशाला, ओपन जिम, पशु नस्ल सुधार केंद्र, फायर सर्विस स्टेशन आदि की स्थापना करनी हो, या फिर स्मार्ट विलेज के लिए सीसीटीवी लगवाने हों, अंत्येष्टि स्थल का विकास होना हो, सोलर लाइट लगनी हो या फिर सीवरेज के लिए एसटीपी प्लांट की स्थापना, हर काम में आमजन की भागीदारी हो सकती है। इस नई योजना के माध्यम से परियोजना की कुल लागत का आधा खर्च उठाकर संबंधित व्यक्ति उसका पूरा क्रेडिट ले सकेगा।

त्रिस्तरीय पंचायतों के बीच हो बेहतरी की प्रतिस्पर्धा
सीएम ने कहा कि ग्राम पंचायत, पंचायतों के पास संपत्ति है, साधन है, जरूरत है कि नवाचार अपनाकर स्वावलम्बन के लिए प्रयास किये जाएं। सीएम ने कहा कि पंचायतों की बेहतरी के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास हो, इसके लिए एक विशिष्ट प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाना चाहिए। क्षेत्र पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायतों के बीच, जिला स्तर पर क्षेत्र पंचायतों के बीच और प्रदेश स्तर पर जिला पंचायतों के बीच प्रतियोगिता कराकर उनके इनोवेशन को पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

महज आवागमन का माध्यम नहीं, विकास का परिपथ हैं सड़कें: योगी
वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम भर नहीं हैं, यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का परिपथ भी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में जिस प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को शुरू किया था, वह आज गांवों के उन्नति का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 500 या उससे अधिक आबादी वाले सभी मजदूरों को संपर्क मार्ग से जोड़ा जा चुका है। यही नहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में एफडीआर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है।

सीएम ने दी गांवों को यह सौगात

  • पीएम ग्राम सड़क योजनांतर्गत ₹4,130.27 करोड़ की लागत से 6,208.45 किमी लंबे 886 ग्रामीण मार्गों के निर्माण कार्य का शुभारंभ
  • ₹155 करोड़ की लागत से 1,930 किमी लंबे 692 ग्रामीण मार्गों के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण
  • जिला पंचायतों के अंतर्गत हॉटमिक्स पद्धति से निर्मित होने वाले ₹195.07 करोड़ की लागत से 537.82 किमी लंबे 509 ग्रामीण मार्गों का लोकार्पण​​​​​​​
  • जिला पंचायतों के अंतर्गत हॉटमिक्स पद्धति से निर्मित होने वाले ₹33.75 करोड़ की लागत से 48.62 किमी लंबे 14 ग्रामीण मार्गों का शिलान्यास
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