ग्रामीण बिजली सबसे ज्यादा महंगी हुई:सपा और बीजेपी सरकारों में उपभोक्ताओं ने झेला महंगी बिजली की मार, ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली यूपी में 500 प्रतिशत तक बढ़ी

लखनऊ9 दिन पहले
10 साल में ग्रामीण और शहरी बिजली सात बार महंगी हुई ।

प्रदेश सरकार ने किसानों निजी नलकूप पर बिजली बिल 50 फीसदी छूट देने की बात कही है। इससे 13 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली है। लेकिन प्रदेश के करीब ढाई करोड़ उपभोक्ता पिछले 10 साल से लगातार बिजली बढ़ोतरी से परेशान हैं। स्थिति यह है कि 84 से लेकर 500 फीसदी तक उप्र में बिजली दरें बढ़ीं हैं। इसमें सबसे ज्यादा महंगी बिजली किसानों को ही दी गई है। इसमें जो बिजली घरेलू किसान को एक रुपए प्रति यूनिट मिलती थी, अब वह 6 रुपए यूनिट हो गई है। ऐसे में यह बढ़ोत्तरी करीब 500 प्रतिशत तक हुई है।

पार्टियों की मजबूरी है बिजली दर कम करना

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि सपा और भाजपा के काल में सबसे ज्यादा बिजली दरें बढ़ीं हैं। पार्टियों ने इतना रेट बढ़ा दिया है कि आम आदमी के लिए बिजली बिल देना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अब बिजली दर कम करना ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने बताया कि घरेलू ग्रामीण फिक्स चार्ज में 500 प्रतिशत और घरेलू शहरी फिक्स चार्ज में 69 प्रतिशत की हुई है। बिजली दरों में सभी पार्टियों को कमी का एलान उनकी मजबूरी है ।

सरकारों ने किसानों की बिजली सबसे ज्यादा महंगी कर डाली

सपा और भाजपा के समय किसानों की बिजली सबसे ज्यादा महंगी हुई है। साल 2012 में जहां घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं से प्रति किलोवॉट 125 रुपए था, उसको अब बढ़ाकर 500 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। यह ऐसे उपभोक्ता थे, जिनके यहां मीटर नहीं लगा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में मीटरधारी उपभोक्ताओं को साल 2012 में एक रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलती थी, उसको अब 6 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। फिक्स चार्ज को 15 रुपए से बढ़ाकर 90 रुपए किया गया है।

सात बार बढ़ीं बिजली दरें

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि दस साल में 7 बिजली दरें बढ़ीं हैं। इसमें सपा कार्यकाल में लगातार पांच साल और बीजेपी के कार्यकाल में दो बार बिजली महंगी हुई है। इसमें सपा में औसत बढ़ोत्तरी 55 प्रतिशत और बीजेपी करीब 28 फीसदी रही है।

साल 2012 की दरसाल 2022 में दरबढ़ोत्तरी प्रतिशत
किसान नलकूप 75 प्रति रुपए प्रति हार्स170 प्रति रुपए हार्स पावर126
ग्रामीण अनमीटर घरेलू उपभोक्ता 125 रुपए प्रति किलोवॉट500 रुपए प्रति किलोवॉट300
ग्रामीण घरेलू एक रुपए प्रति यूनिट (जहां मीटर लगा हो )6 रुपए प्रति यूनिट अंतिम स्लैब500
शहरी घरेलू उपभोक्ता अधिकतम 3.80 रुपए प्रति यूनिट7 रुपए प्रति यूनिट अन्तिम स्लैब84
घरेलू उपभोक्ता फिक्स चार्ज 65 रुपए प्रति किलोवॉट110 रुपए प्रति किलोवॉट69
घरेलू ग्रामीण फिक्स चार्ज 15 रुपए प्रति किलोवॉट90 रुपए प्रति किलोवॉट500
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