UP पर मंडराया डेल्टा प्लस वेरिएंट का खतरा:नागपुर से लखनऊ पहुंचा यात्री कोरोना पॉजिटिव निकला, सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा; पुष्टि हुई तो यह प्रदेश का पहला केस होगा

लखनऊएक वर्ष पहले
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यात्री से लिए गए सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। (प्रतीकात्मक फोटो) - Dainik Bhaskar
यात्री से लिए गए सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। (प्रतीकात्मक फोटो)

उत्तर प्रदेश की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। कोरोना की दूसरी लहर से अभी थोड़ी राहत मिली ही थी कि अब प्रदेश पर कोरोना के खतरनाक वैरिएंट 'डेल्टा प्लस' का खतरा मंडराने लगा है। नागपुर से राजधानी लखनऊ पहुंचा एक पैसेंजर कोरोना से संक्रमित मिला है।

आशंका है कि ये डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित है। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए उसका सैंपल KGMU भेजा गया है। अगर इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ये यूपी का पहला केस होगा। इस बीच, डेल्टा प्लस को लेकर सरकार ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि डेल्टा प्लस को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी कोरोना के बदलते स्वरूप पर फोकस रखेगी और जरूरत के हिसाब से फैसले लेगी।

RT-PCR टेस्ट पॉजिटिव आया
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया कि लखनऊ के इंदिरानगर का रहने वाला युवक बुधवार को नागपुर से लौटा था। ट्रेन से आए सभी पैसेंजर्स का एंटीजेन टेस्ट हो रहा है। स्टेशन पर एंटीजन टेस्ट हुआ तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद RT-PCR टेस्ट भी पॉजिटिव आया। चूंकि महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट के कई संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इसलिए उसे भी डेल्टा प्लस का संदिग्ध माना गया। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए इनका सैंपल भेजा है। केजीएमयू में जीन सिक्वेंसिंग कराई जाएगी।

झांसी में भी अलर्ट जारी
मध्य प्रदेश के शिवपुरी से सटे झांसी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। शिवपुरी में अब तक डेल्टा प्लस के दो-तीन केस सामने आ चुके हैं। यहां कुछ लोगों की संदिग्ध मौत भी हुई है। बताया जा रहा है कि इनकी मौतें डेल्टा प्लस वैरिएंट से ही हुई हैं। इसके मद्देनजर झांसी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

172% ज्यादा तेजी से फैलता है डेल्टा प्लस वैरिएंट

  • रिसर्च में मालूम चला है कि डेल्टा वेरिएंट शुरुआती कोरोना वायरस से करीब 172% ज्यादा संक्रामक है।
  • डेल्टा प्लस में हुए म्यूटेशन से यह संक्रामकता और बढ़ने की आशंका है।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के करीब 40 मामले सामने आ चुके हैं।

डेल्टा वैरिएंट के लक्षण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, डेल्टा प्लस काफी संक्रामक है और फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने में सक्षम है। इसकी वजह से फेफड़े को जल्द नुकसान पहुंचने की संभावना होती है। साथ ही यह मोनोक्लोनल एंडीबॉडी कॉकटेल को भी मात देने में सक्षम है। जिन लोगों को डेल्टा वेरिएंट ने अपनी चपेट में लिया है, उन्हें तेज खांसी होती है। उनका कोल्ड सिम्टम्स पिछले वायरस से काफी अलग पाया जा रहा है। अध्ययन के अनुसार, सिरदर्द, गले में खराश और नाक बहना डेल्टा वेरिएंट से जुड़े सबसे आम लक्षण हैं।

कोरोना के 281 सक्रिय मरीज
लखनऊ में मौजूदा समय में 281 सक्रिय मरीज हैं। लखनऊ में 24 नए लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है। यह मरीज अलीगंज, चौक, चिनहट, इंदिरानगर, गोमतीनगर और आलमबाग इलाके के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में बाजारों में काफी भीड़ हो रही है। इसीलिए मास्क लगाना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत जरूरी हैं।

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