4000 करोड़ रुपए का जीएसटी रिटर्न बनेगा चुनावी मुद्दा:UP के अलग-अलग शहरों में व्यापारियों का करोड़ों का GST रिटर्न फंसा, समाजवादी व्यापार सभा छेड़ेगी आंदोलन

लखनऊ5 महीने पहले
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4000 करोड़ रुपए के जीएसटी रिटर्न के लिए आंदोलन सपा व्यापार सभा के सदस्य। - Dainik Bhaskar
4000 करोड़ रुपए के जीएसटी रिटर्न के लिए आंदोलन सपा व्यापार सभा के सदस्य।

व्यापारियों का जीएसटी रिटर्न का मुद्दा राजनीतिक रुप लेने लगा है। समाजवादी व्यापार सभा ने इसको लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐलान किया है। व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन मनोचा का कहना है कि वह लोग सभी जिलों में सर्वे करेंगे। इसके बाद रिटर्न वापसी को लेकर जीएसटी विभाग पर दबाव बनाएंगे।

दरअसल, प्रदेश में करीब चार हजार करोड़ रुपए का जीएसटी रिटर्न फंसा हुआ है। इसको लेकर लघु इंडस्ट्री और व्यापार मंडल से जुड़े कई संगठन पहले भी लिखित शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अब समाजवादी पार्टी की व्यापार प्रकोष्ठ को लेकर पूरे प्रदेश के कारोबारियों के बीच में जाने की तैयारी कर रही है। इससे कि इसको मुद्दा बनाया जा सके। स्मॉल इंडस्ट्रीज मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ने सूक्ष्म और लघु विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल को इस संदर्भ में सबसे पहले पत्र लिखा था।

300 से 400 करोड़ का रिटर्न फंसा

प्रदेश के कई जिलों में 300 से 400 करोड़ रुपए जीएसटी रिटर्न कारोबारियों को अभी नहीं मिला है। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों से पैसा आना होता है। मंदी की मार झेल रहे कारोबारियों को यह पैसा राहत देता लेकिन उनके हक का पैसा भी नहीं मिल रहा। दरअसल, एक्सपोर्टर्स अपने से जीएसटी नहीं ले सकता है। उसकी परेशानी सबसे ज्यादा है।

पोर्टल की खराबी कर रही परेशान

पवन मनोचा ने बताया कि 50 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए ई-इनवॉइस का नियम बनाया गया है लेकिन जीएसटी पोर्टल अक्सर खराब रहता है कि जिसकी वजह से यह कई बार जनरेट नहीं हो पाता है। इसकी वजह से कारोबार प्रभावित होता है।

कानपुर में 1000 करोड़ रुपए फंसा

व्यापार सभा का दावा है कि कानपुर में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का जीएसटी रिटर्न कारोबारियों को मिलना था, लेकिन वह नहीं मिल पाया है। इसकी वजह से कारोबार को रफ्तार नहीं मिल रहा है। छोटे उद्यमी के लिए यह पैसा बहुत जरूरी है। इससे वह अपने कारोबार को दोबारा खड़ा कर पाएगा।

लखनऊ में 2 हजार इंडस्ट्री, 1 लाख कारोबारी

व्यापार सभा के सुमित गुप्ता कहते हैं कि लखनऊ में दो हजार से ज्यादा छोटी बड़ी इंडस्ट्री है। इसके अलावा एक लाख जीएसटी रजिस्ट्रर्ड कारोबारी है। उन्होंने बताया कि यहां भी करीब 800 करोड़ रुपए से ज्यादा का रिफंड फंसा है। बताया कि इसको लेकर जीएसटी विभाग में बात की गई है। लेकिन अभी लोगों का पैसा नहीं आया है।

16 लाख रिटेलर और 90 लाख सुक्ष्म उद्योग

उप्र में कागजों पर 16 लाख से ज्यादा रिटेलर और 90 लाख से ज्यादा सूक्ष्म उद्योग है। जिनका हर साल हजारों करोड़ रुपये जीएसटी रिटर्न आता है। लेकिन इस बार केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से वह पैसा समय पर न आने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

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