कोरोना-19 प्रोटोकाल पर आस्था भारी:अयोध्या में ज्येष्ठ मास के दूसरे दिन उमड़ी भक्तों की भीड़, नियंत्रण में दो थानों की पुलिस के छूटे पसीने; बगैर मास्क के दिखाई पड़े श्रद्धालु

अयोध्या5 महीने पहले
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अयोध्या ही नहीं आसपास के जिलों - Dainik Bhaskar
अयोध्या ही नहीं आसपास के जिलों

रामनगरी अयोध्या में ज्येष्ठ मास के दूसरे मंगलवार को श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने कोरोना की गाइडलाइन के सारे नियम तोड़ दिए। भीड़ को काबू करने में लगी दो थानों की पुलिस के पसीने छूट गए। श्रद्धालुओं की भीड़ न केवल हनुमानगढ़ी बल्कि सभी प्रमुख मंदिरों में नागेश्वरनाथ मंदिर व रामलला के दर्शन मार्ग पर भी देखी गई।

भीड़ के चलते मुख्य बाजार में पैदल चलना भी मुश्किल
हालत यह है कि भीड़ के चलते मुख्य बाजार में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। नयाघाट से अयोध्या में प्रवेश रोक दिया गया। इसके बावजूद अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ मुख्य मार्ग से लेकर प्रमुख मंदिरों तक बनी रही। बताते चलें कि भगवान श्रीराम के अपने धाम जाने के दौरान अयोध्या का राज हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमान जी को दे गए। इसी किले में रहकर हनुमान जी ने भक्तों की रक्षा की। यह सिद्ध पीठ पूरे विश्व के भक्तों की आस्था का केंद्र है। इसलिए अयोध्या ही नहीं आसपास के जिलों वह प्रदेशों के लोग मंगलवार को संकट मोचन हनुमान के दरबार में मत्था टेकते हैं।

बगैर मास्क के दिखाई पड़े श्रद्धालु
सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर बाद श्रद्धालुओं का हुजूम देखा जा रहा है। कई स्थानों पर श्रद्धालु बगैर मास्क के दिखाई पड़े। जिन्हें पुलिस मास्क देकर उसे लगाने की हिदायत देती रही। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था के चलते पुलिस चाह कर भी उनके मार्ग पर रुकावट नहीं बन सकी। पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार राय ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई, जिन्हें समझा-बुझाकर धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया।

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