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UP से एक और शर्मनाक तस्वीर:बलरामपुर में 2 लोगों ने कोरोना संक्रमित का शव पुल से नदी में फेंका, वीडियो सामने आने के बाद दोनों गिरफ्तार

बलरामपुर22 दिन पहले
वीडियो में दो युवक पुल से राप्ती में शव फेंकते नजर आ रहे हैं।

गंगा किनारे मिली लाशों के बाद उत्तर प्रदेश से एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। बलरामपुर में एक कोरोना मृतक का अंतिम संस्कार करने की बजाय परिवार ने शव को राप्ती नदी में फेंक दिया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें दो लोग शव को पुल से नदी में फेंकते दिख रहे हैं। इनमें से एक ने PPE किट पहनी है।

यह घटना कोतवाली थाना इलाके में राप्ती नदी पर बने सिसई घाट पुल की है। शव को राप्ती नदी में फेंके जाने के दौरान वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया जो अब वायरल हो गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

रिश्तों के कमजोर होने की है कहानी
बलरामपुर में कोरोना काल में अपने किस तरह पराये हो जाते हैं, बलरामपुर की यह घटना यही बताती है। यहां चंद रुपए बचाने या कोरोना के डर से शव का अंतिम संस्कार न करके राप्ती नदी में फेंक दिया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह शव शोहरतगढ़ जनपद के सिद्धार्थनगर में रहने वाले प्रेम नाथ मिश्रा का था।

प्रेम नाथ के परिवार में उनके एक भाई हैं, जो मुंबई में रहते हैं। उनके माता-पिता का निधन काफी पहले हो चुका है। पत्नी की भी 3 साल पहले मौत हो गई थी। प्रेम नाथ की कोई औलाद नहीं थी। इसी दौरान प्रेम नाथ अपना मानसिक संतुलन खो बैठे थे।

कार से बनाए गए वीडियो में दो लोग शव को नदी में फेंकते दिख रहे हैं। इनमें से एक ने PPE किट पहन रखी है।
कार से बनाए गए वीडियो में दो लोग शव को नदी में फेंकते दिख रहे हैं। इनमें से एक ने PPE किट पहन रखी है।

3 दिन इलाज के बाद हुई थी मौत
लॉकडाउन की वजह से प्रेमनाथ बलरामपुर में अपने भतीजे संजय शुक्ला के घर रहने लगे। 25 मई को उनकी हालत बिगड़ी तो संजय शुक्ला ने उन्हें जिला हॉस्पिटल में एडमिट कराया। जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

इसके बाद उन्हें जिले के संयुक्त चिकित्सालय में शिफ्ट कर दिया गया। 3 दिन इलाज चलने के बाद 28 मई को प्रेमनाथ की मौत हो गई। इसकी खबर संजय शुक्ला को दी गई तो उन्होंने अगले दिन शव लेने की बात कही।

शव नदी में प्रवाहित करने के लिए भतीजे ने दो लोगों को पैसे दिए
कोरोना का डर कहें या कुछ रुपए बचाने के लिए संजय शुक्ला ने प्रेम नाथ का अंतिम संस्कार न करने का फैसला लिया। उन्होंने एक सफाई कर्मी मनोज को 1500 रुपए और राप्ती श्मशान घाट पर काम करने वाले चंद्र प्रकाश को 1000 रुपए देकर शव को जल प्रवाहित करने के लिए कह दिया।

पुलिस के मुताबिक, संजय शव को राप्ती नदी के घाट पर प्रवाहित कराना चाहता था। वह राप्ती पुल के नीचे खड़ा था। बारिश के कारण सड़क पर ट्रैफिक कम होने पर दोनों ने पहले शव के साथ पत्थर बांधे और फिर पुल से नीचे नदी में गिरा दिया। ऐसा करने पर संजय शुक्ला काफी नाराज भी हुआ। उसी वक्त वहां से गुजर रहे एक कार सवार ने घटना का वीडियो बना लिया। इसी से मामले का खुलासा हुआ।

शव फेंकने वाले मृतक के परिवार के ही सदस्य हैं। शव को कोविड प्रोटोकाॅल के तहत परिवार को सौंपा गया था।
शव फेंकने वाले मृतक के परिवार के ही सदस्य हैं। शव को कोविड प्रोटोकाॅल के तहत परिवार को सौंपा गया था।

भतीजे समेत 2 अरेस्ट, एक फरार
पुलिस ने प्रेम नाथ के भतीजे संजय शुक्ला और सफाईकर्मी मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। चंद्र प्रकाश अभी फरार है। पुलिस वीडियो बनाने वाले शख्स की भी तलाश कर रही है। अब सवाल ये भी है कि ये तो सिर्फ एक वीडियो है, जिसमें पता चल गया कि शव नदी में फेंका जा रहा है। क्या और भी शव राप्ती में फेंके जा रहे हैं? इसका जवाब मिलना अभी बाकी है।

महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज
सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि राप्ती नदी में फेंका गया शव सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ के रहने वाले प्रेम नाथ मिश्र का है। उनकी मौत के बाद कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव परिजन को सौंपा गया था, लेकिन शव नदी में फेंकने की घटना का पता चलने पर कोतवाली नगर में महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया गया है।

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