मनरेगा में 38% महिलाओं को मिली नौकरी:डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने जारी किया डेटा, 35 हजार मेट को नौकरी देने का लक्ष्य

लखनऊएक महीने पहले
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मनरेगा के तहत UP में महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का दावा है कि साल 2022- 2023 में अभी तक मनरेगा में 38% महिलाओं को काम मिला है। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी कराई जा रही है। इससे वह अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।

आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण रोजगार योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी साल 2019- 20 में 34%, 2020-21 में 34% और 2021-22 में 37% थी। साल 2022-23 में 38% हो गई है। उम्मीद है कि आगे इसमें बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि 2022-23 में इस योजना के तहत कुल 1738.41 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इसमें 653.64 लाख महिलाएं हैं।

महिला मेट होगी नियुक्त
गांव में महिलाओं की संख्या को बढ़ाने के लिए महिला मेट नियुक्त किए जा रहे हैं। इनका काम मनरेगा में प्रबंधन और पर्यवेक्षण के लिए महिला श्रमिकों से बात करना और काम के लिए प्रेरित करना और उनकी सहायता करना है। उनकी मदद से महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।

35 हजार महिला मेट को मिलेगा रोजगार
सरकार ने मनरेगा के तहत 35,000 महिला मेट को रोजगार देने का लक्ष्य लिया है। इसमें अभी तक 30540 महिला मेट का क्लास रूम व फील्ड प्रशिक्षण पूरा हो गया है। 16,674 महिला मेट को काम भी मिल गया है।