फेस रिकॉग्निशन कैमरों से बढ़ेगी रेलवे सुरक्षा:RPF के डीजी ने किया लखनऊ का दौरा, बॉर्डर से तस्करी रोकने पर बना रहे रणनीति

लखनऊएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

आतंकी गतिविधियों को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) सभी स्टेशनों को फेस रिकॉग्निशन कैमरे से लैस कर रहा है। बेंगलुरु में लगाए गए कैमरों का बेहतर परिणाम सामने आने से अब लखनऊ सहित पूरे यूपी के स्टेशनों पर कैमरे लगाए जाएंगे। RPF के महानिदेशक पद का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार लखनऊ दौरे पर आए डीजी संजय चंदर ने यह जानकारी दी।

डीजी RPF संजय चंदर ने बताया कि रेलवे की सुरक्षा को लेकर तमाम नई रणनीतियां बनाई जा रही है। सभी स्टेशनों को कैमरों से लैस किया जा रहा है। उन्होंने बताया केवल 6 हजार स्टेशनों पर कैमरे लगने बाकी रह गए हैं। स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ के बीच संदिग्धों की पहचान करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए फेस रिकॉग्निशन कैमरे लगाए जा रहे हैं। बेंगलुरु में ये कैमरे लगाए जा चुके हैं। इससे बंद चेहरों की भी पहचान करना बेहद आसान हो गया है। जल्द ही यह कैमरे यूपी में भी लगाए जाएंगे।

डीजी RPF संजय चंदर ने बताया कि सभी स्टेशनों को कैमरों से लैस किया जा रहा है।
डीजी RPF संजय चंदर ने बताया कि सभी स्टेशनों को कैमरों से लैस किया जा रहा है।

ट्रेन स्क्वायड में शामिल होंगी महिला अफसर और सिपाही
डीजी ने बताया कि वैसे तो रेलवे में महिला अपराध महज 9 फीसदी है, लेकिन इसे भी कम करने के लिए विशेष ट्रेन स्क्वायड बनाई जा रही है। हाल ही में लखनऊ से मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में हुई लूटपाट की घटना के बाद इसका गठन किया गया है। इसमें ज्यादा से ज्यादा महिला अधिकारी और कांस्टेबल को शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा स्लीपर और जनरल कोच की सुरक्षा के लिए भी टीमें बनाई गई हैं।

तस्करी रोकने की बनाई जा रही रणनीति
डीजी ने बताया कि ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल के रास्ते होने वाली तस्करी को रोकने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वेस्ट बंगाल के डीजीपी के साथ इसे लेकर मीटिंग हुई है। पुलिस की मदद से बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाई जाएगी ताकि तस्करों को वहीं पकड़ा जा सके। इसके अलावा रेलवे की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए भी कई नए पॉइंट पर फोर्स तैनात की गई है।

34 साल के अनुभव के बाद मिली RPF की कमान
संजय चंदर 1987 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के IPS हैं। लंबे समय तक वह पश्चिम बंगाल में पोस्ट रहने के बाद केंद्रीय सेवा में आए। यहां वह CISF और CRPF में तैनात रहे। नौकरी के 34 साल के अनुभव के बाद उन्हें RPF की कमान मिली है। कार्यभार संभालने के बाद गुरुवार को पहली बार वे लखनऊ पहुंचे। यहां जनजीवन राम RPF अकादमी में उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

खबरें और भी हैं...