UP में TMC की एंट्री:मोदी-योगी को मात देने आ रहीं ममता बनर्जी, गांधी परिवार के करीबी ललितेश का चेहरा बनना तय, अखिलेश से गठबंधन संभव

लखनऊ11 दिन पहलेलेखक: विनोद मिश्र
ललितेशपति त्रिपाठी प्रियंका के खास हैं। उनके बाबा मुख्यमंत्री रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित ममता बनर्जी अपने राजनीतिक फलक का विस्तार करने की योजना बना रही है। ममता बनर्जी खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर पेश करना चाहती हैं। लिहाजा अब वे बंगाल के बाहर अपने राजनीतिक अवसरों की तलाश में हैं। इसी कड़ी में त्रिपुरा, असम और गोवा के बाद टीएमसी अब देश के सबसे बडे सियासी सूबे यूपी में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

इसके लिए असम और गोवा की तरह उत्तर-प्रदेश में कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे ललितेशपति त्रिपाठी को TMC में शामिल कराने की तैयारी है। खबर है कि ललितेश यूपी में ममता की तृणमूल कांग्रेस पार्टी का चेहरा बनेंगे। ललितेश की जॉइनिंग की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ललितेश के जरिए TMC यूपी की सियासत में धमाकेदार एंट्री की तैयारी में है।

कहा यह भी जा रहा कि कि टीएमसी यूपी के एक बड़े क्षेत्रीय दल अखिलेश की समाजवादी पार्टी से गठबंधन करेगी। ललितेश पार्टी का चेहरा होंगे। उनके पिता राजेश पति त्रिपाठी राज्यसभा भी जाएंगे।

बंगाल का बदला यूपी में लेंगी दीदी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर हाल ही में कहा था कि पश्चिम बंगाल में खेला हुआ है और अब यह खेला त्रिपुरा और असम के साथ 2024 में दिल्ली (केंद्र की सत्ता) में होगा। इसके बाद 16 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टीम की भरोसेमंद सदस्यों में से एक रही पूर्व सांसद सुष्मिता देव ने कांग्रेस पार्टी छोड़ टीएमसी का दामन थाम लिया।

सुष्मिता देव ने टीएमसी की सदस्यता ली है।
सुष्मिता देव ने टीएमसी की सदस्यता ली है।

सिंतबर में लुइजिन्हो फलेरियो टीएमसी में हुए थे शामिल

सिंतबर महीने में ही गोवा के पूर्व सीएम और कांग्रेस के पूर्व विधायक लुइजिन्हो फलेरियो ममता बनर्जी से मुलाकात करने के बाद टीएमसी में शामिल हो गए थे। अब टीएमसी लुइजिन्हो फलेरियो के सहारे गोवा में विस्तार की योजना बना रही है। ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े नेता के तौर पर अपनी छवि बनाने का प्रयास कर रही हैं, इसलिए टीएमसी की असम और त्रिपुरा में विस्तार के बाद यूपी पर नजर है।

असम और गोवा के बाद दीदी की नजर यूपी पर
असम और गोवा के बाद अब दीदी ने यूपी में टीएमसी के विस्तार की योजना बनाई है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस के बड़े चेहरे ललितेश को पार्टी में शामिल कराया जा रहा है। खबर तो यह भी है कि यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए टीएमसी यूपी में अपनी पार्टी के विस्तार के लिए समाजवादी पार्टी के साथ भी गठबंधन कर सकती है। बंगाल के बाहर असम, गोवा के बाद देश के सबसे बड़े सियासी राज्य उत्तर-प्रदेश में भी इस बार मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

टीएमसी लुइजिन्हो फलेरियो के सहारे गोवा में विस्तार की योजना बना रही है।
टीएमसी लुइजिन्हो फलेरियो के सहारे गोवा में विस्तार की योजना बना रही है।

UP में टीएमसी कर रही है संगठन का विस्तार, 2024 पर है नजर

उत्तर-प्रदेश में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राय का कहना है पार्टी का पूरा फोकस फिलहाल संगठन के विस्तार पर है। 35 से अधिक जिलों में संगठन तैयार है। हम लोग यूपी के छोटे-छोटे स्थानीय मुद्दों को उठा रहें है, ममता सरकार की योजनाओं के बारे में बता रहे हैं। जो योजनाएं बंगाल में सफल हैं, उसके बारे में लोगों को बताया जा रहा है। भाजपा सिर्फ मुद्दों से ध्यान भटकाती है। हमारी तैयारी 2022 के बाद 2024 को लेकर है। ललितेश की जॉइनिंग पर कहा कि ऐसी खबरें जरूर हैं, कई सारे नेता पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। दशहरे के बाद जॉइनिंग शुरू होगी। हालांकि इन सबका फैसला केंद्रीय कमेटी ही करेगी।

समाजादी पार्टी से गठबंधन संभव

उत्तर-प्रदेश चुनाव से पहले TMC समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो दोनों दलों के बीच दो दौर की बात-चीत हो चुकी है। सपा भी यूपी में टीएमसी को अपने साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है। दोनों दल मिलकर भाजपा को यूपी में हराने की रणनीति पर काम कर रहे है। 2022 के चुनाव में टीएमसी भले ही कोई खास कमाल ना कर सकें, लेकिन अपनी मौजूदगी का एहसास कराना चाहती है। साथ ही टीएमसी का बड़ा मकसद 2024 का लोकसभा चुनाव है,जिसमें मोदी के सामने ममता दीदी एक बड़े विकल्प के तौर पर खड़ा होना चाहती है।

ललितेश के परबाबा कमलापति त्रिपाठी 1971 में यूपी के मुख्यमंत्री बने और करीब सवा दो साल तक इस पद पर शासन किया
ललितेश के परबाबा कमलापति त्रिपाठी 1971 में यूपी के मुख्यमंत्री बने और करीब सवा दो साल तक इस पद पर शासन किया

कौन है ललितेशपति त्रिपाठी?

  • ललितेशपति त्रिपाठी का परिवार पिछले 100 सालों से कांग्रेसी रहा। यह परिवार गांधी परिवार का बेहद करीबी रहा है। त्रिपाठी परिवार ने कांग्रेस का साथ कभी नहीं छोड़ा।
  • ललितेश के परबाबा कमलापति त्रिपाठी मिर्जापुर के मझवां से चुनाव लड़ा करते थे। यहीं से विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर उन्होंने तय किया। फिर ललितेश के बाबा लोकपति त्रिपाठी ने भी मझवां से अपनी राजनीति शुरू की और विधायक बने।
  • उसके बाद ललितेश के पिता राजेशपति त्रिपाठी एमएलसी बने। हालांकि उन्होंने विधायक से लेकर लोकसभा तक का चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए। उनके बाद ललितेश खुद 2012 में मड़िहान से विधायक बने। यही नहीं ललितेश ने इसके अलावा मिर्जापुर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली।
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