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  • Different Reasons Are Coming Out Behind The Resignation Of Santosh Gangwar, The Minister Wrote A Letter On May 9 Regarding The Deteriorating Situation In Corona

गंगवार की उम्र या योगी की मुखालफत का असर:संतोष गंगवार ने 9 मई को कोरोना की दूसरी लहर में यूपी में बिगड़े हालात को लेकर योगी सरकार के खिलाफ लिखी थी चिट्‌ठी

लखनऊ25 दिन पहले
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पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की मोदी सरकार से छुट्‌टी कर दी गई है। संतोष गंगवार ने कोरोना की दूसरी लहर में 9 मई को उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर एक पत्र लिखा था। कुछ राजनीतिक जानकार इस इस्तीफे को संतोष गंगवार की उम्र से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, चर्चा यह है कि सीएम योगी को लिखे पत्र के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की बड़ी फजीहत हुई थी, जिसे लेकर सीएम योगी भी खासे नाराज हुए थे।

अधिकारियों के फोन न उठाने को लेकर लिखा था पत्र

मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने 9 मई को सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते कहा था कि बरेली शहर के महत्वपूर्ण अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। एमएसएमई के अंतर्गत सभी पर उद्योगों को सरकार द्वारा 50% की छूट उन अस्पतालों को दी जाती है, जो ऑक्सीजन प्लांट लगाना चाहते हैं, इसी तर्ज पर मेरा सुझाव है कि बरेली में भी कुछ प्राइवेट सरकारी अस्पतालों को 50% की छूट देने के साथ जल्द से जल्द प्लांट मुहैया कराया जाए, ताकि ऑक्सीजन में होने वाली दिक्कतों को खत्म किया जा सके।

संतोष गंगवार ने पत्र में इन बातों का किया था जिक्र-

  • कोरोना संक्रमित मरीज को कम से कम समय में रेफरल अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया जाए। पता चला है कि रेफरल होने के बावजूद पीड़ित मरीज को सरकारी अस्पताल में जाता है, उसे कहा जाता है कि,दोबारा जिला अस्पताल में रेफर करवा कर आइए। मरीज लगातार इधर-उधर घूमता रहता है, उसकी ऑक्सीजन लगातार नीचे गिरती है, जिससे वह चिंता का विषय है कई घटनाओं में मरीज मौत भी हो चुकी है।
  • बरेली में खाली ऑक्सीजन सिलेंडर की बहुत कमी पड़ गई है, जिसका मुख्य कारण है शहर के काफी लोगों के द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर अपने घरों में एहतियात के तौर पर रख लिया गया है। ऐसे घरों को चिह्नित कर बिना वजह सिलेंडर रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जरूरतमंद को सुविधा पहुंचाई जाए और बेवजह सिलिंडर रखनेवालों के खिलाफ कार्रवाई हो।

मंत्री के पत्र को लेकर विपक्ष ने उठाए

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के पत्र लिखने के बाद विपक्ष सपा-कांग्रेस के नेताओं ने योगी सरकार और मोदी सरकार को जमकर घेरा था। जब केंद्रीय मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार में सुनवाई नहीं हो रही है, इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जनता की क्या सुनवाई हो रही होगी।

संतोष गंगवार का राजनीतिक सफर-

  1. संतोष गंगवार ने 17वीं लोकसभा में मोदी सरकार में बतौर राज्य मंत्री शपथ ली थी। 2019 में वे 8वीं बार सांसद बने थे। वह उत्तर प्रदेश की बरेली संसदीय सीट से चुनकर आए थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के भगवत शरण गंगवार को 1,67,282 वोटों से पराजित किया था।
  2. 13वीं लोकसभा में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी सरकार में वह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री के साथ-साथ संसदीय कार्य राज्य मंत्री का पदभार भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह विज्ञान एवं तकनीक राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। राजग सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके संतोष गंगवार 16वीं लोकसभा में भी सांसद चुने गए हैं। वह उत्तर प्रदेश के बरेली से 1989 से चुनाव जीतते आ रहे हैं। हालांकि 15वीं (2009-2014) लोकसभा में उन्हें कांग्रेस के प्रवीण सिंह एरोन के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।
  3. 2014 में एक बार फिर 7 वीं बार चुनाव जीतने में कामयाब हुए। बरेली लोकसभा सीट पर अब तक 17 बार चुनाव हुए हैं और इसमें 8 बार बीजेपी ने बाजी मारी है। दिलचस्प यह भी है कि आठों बार संतोष गंगवार ही सांसद बने हैं।