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सहालग से मिलेगी लखनऊ के बाजारों को रफ्तार:आने वाले 2 माह में 20 हजार शादियों का अनुमान, सभी होटल अभी से बुक

लखनऊएक वर्ष पहलेलेखक: प्रवीण राय
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शादियों  के मौसम से बाजार में भी आई तेजी। - Dainik Bhaskar
शादियों के मौसम से बाजार में भी आई तेजी।

कोरोना की वजह से 2 साल के करीब चौपट चुके सहालग बाजार इस बार रफ्तार मिलेगी। आने वाले दो महीने में लखनऊ में करीब 20 हजार शादियां होने जा रहीं हैं। ऐसे में बाजार एक बार फिर से उछाल लेगा। इससे छोटे-बड़े 100 से ज्यादा बाजारों में उछाल आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इन शादियों से करीब 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार होगा। वहीं, कारोबारियों ने बताया कि होटल के 100 % कमरे बुक हो चुके हैं।

मिठाई इडंस्ट्री में 30% का उछाल

लखनऊ होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल बरमानी बताते हैं कि सबसे ज्यादा फायदा कैटरिंग वालों को होता है लेकिन मिठाईयों का कारोबार भी आम दिनों की तुलना में करीब 30% तक बढ़ जाता है। ऐसे में स्थिति काफी सुधरेगी। उन्होंने बताया कि दो साल से जिन लोगों ने शादियां नहीं की हैं, वह लोग इस बार ही शादियां कर रहे हैं। ऐसे में कारोबार में बढ़ोतरी तय है।

शादियों के कैंसिल होने का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्रा बताते हैं कि सहालग का बाजार धनतेरस और बाकी बाजारों से भी बड़ा होता है। इस पर 100 से ज्यादा सेक्टर की कमाई निर्भर रहती है। कुछ सेक्टर तो ऐसे होते हैं। जो केवल सहालग की कमाई के बल पर पूरे साल तक अपना कारोबार करते हैं। इसमें बैंड, डीजे, शादी कॉर्ड, साफा समेत शादी के समय इस्तेमाल होने वाले ऐसे तमाम सामान के कारोबार शामिल हैं।

कार्ड बाजार में आई तेजी
अमीनाबाद में शादी कार्ड का काम करने वाले मोइन खान बताते हैं कि पिछले दो साल से बिल्कुल कारोबार नहीं हो पाया था। जो शादी भी कर रहे थे वो कार्ड नहीं छपवाते थे। स्थिति यह थी कि जो लोग ऑर्डर देकर गए थे, उन्होंने भी उसको कैंसिल करा दिया है।

मोईन बताते हैं कि लखनऊ का कार्ड बाजार आस-पास के 15 जिलों को भी जोड़ता है। हर साल करीब 50 हजार शादियों के हिसाब से बाजार में कार्ड आता है। इसमें आस-पास के जिले शामिल होते हैं। लेकिन इस बार स्थिति बदली रहेगी। अकेले लखनऊ में ही 20 हजार से ज्यादा कार्ड लग जाएगा। यहां तक की संख्या इससे ज्यादा जाने की उम्मीद है।

तेजी के बाद भी सराफा कारोबार में उछाल

धनतेरस के बाद सोने के कारोबार में प्रति तोला पर 2 हजार रुपए तक की उछाल आई है। लेकिन, उसके बावजूद भी बिक्री बढ़ी है। कारोबारी आदिश जैन बताते हैं कि धनतेरस पर लोग उस स्तर पर खरीदारी नहीं करते हैं, जितना शादियों के दौरान होती है।

बताया कि एक - एक कस्टमर कई बार लाखों रुपए का सामान खरीद लेता है। मौजूदा समय में सोने की कीमत 50 हजार रुपए प्रति तोला से ज्यादा है। उसके बावजूद बाजार में उछाल है। लखनऊ में करीब सराफा की 1500 दुकानें हैं। यहां से सहालग में करीब 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

होटल और गेस्ट हाउस को सबसे ज्यादा मुनाफा

शादियों के मौसम के सबसे बड़ा कारोबार होटल, गेस्ट हाउस और कैटरिंग का होता है। पिछले दो साल से इनको बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था। स्थिति यह थी कि लखनऊ में कई छोटे होटल काफी समय के लिए बंद हो गए थे। लेकिन अब धीरे-धीरे मार्केट बदलने लगा है। कारोबार में तेजी आई है। चारबाग स्थित होटल स्योना के मालिक राकेश छाबड़ा पम्मी बताते हैं कि इस बार कारोबार काफी अच्छा है।

लखनऊ होटल एसोसिएशन पदाधिकारी श्याम कृष्णानी बताते हैं कि अगर होटल की बुकिंग 60 फीसदी न हो तो वह घाटे में रहता है। 80 फीसदी पर मुनाफा दिखने लगता है दो साल से स्थिति बहुत खराब थी। लेकिन अब सुधार हो रहा है। इस बार बुकिंग 100 फीसदी से ज्यादा है। कई लोग पार्क और खाली मैदान में शादियां करने को मजबूर हैं। ऐसे में टेंट हाउस और कैटरिंग वालों का कारोबार भी बढ़ना तय है।

कुल क्षमता के 50 फीसदी होगी लोगों की संख्या
सरकारी गाइड लाइन में 100 या 300 लोगों की संख्या का नियम हटा दिया है। अब नए के अनुसार हॉल या मैदान की क्षमता के 50 फीसदी तक शादियां की जा सकती हैं। जैसे अगर किसी मैरिज हॉल की क्षमता 1000 लोगों की है तो वहां 500 लोग शादी में शामिल हो सकेंगे।

कहां कितना होगा कारोबार

सराफा500 करोड़ रुपए
ऑटो – मोबाइल1000 करोड़ रुपए
होटल और गेस्ट हाउस1000 करोड़ रुपए
मिठाई100 करोड़ रुपए
इलेक्ट्रानिक500 करोड़ रुपए
फर्नीचर500 करोड़ रुपए
कपड़ा500 करोड़ रुपए
सजावट200 करोड़ रुपए
बर्तन200 करोड़ रुपए
अन्य500 करोड़ रुपए