यहां हाईस्कूल टॉपर से डॉक्टर तक बनाया जाता है...:लखनऊ में चल रहा था फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह, सरगाना समेत तीन गिरफ्तार, साथियों की तलाश

लखनऊएक वर्ष पहले
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पुलिस की गिरफ्त में फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह।
  • हाई स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन तक की फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाने का चल रहा था खेल
  • ग्राहक के हिसाब से वसूलते थे पैसा, फर्जी डिग्री लेने वाले करीब पांच हजार लोगों की मिली लिस्ट

लखनऊ की चिनहट पुलिस ने फर्जी मार्कशीट से लेकर डिग्री तक बनाने वाले गिरोह का शनिवार को पर्दाफाश किया। पुलिस टीम ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग छात्र-छात्राओं को गुमराह करके उनकी डिमांड के आधार पर फर्जी शैक्षिक डिग्री उपलब्ध कराते थे। पुलिस को इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी मार्कशीट, उनको तैयार करने की सामग्री और करीब पांच हजार क्लाइंट की सूची मिली है। जो इनसे फर्जी डिग्री बनवाने के लिए संपर्क में थे।
ऑन डिमांड तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज
डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन ने बताया कि थाना पुलिस व डीसीपी पूर्वी की क्राइम ब्रांच ने शनिवार दोपहर फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह के सरगना मनीष प्रताप सिंह को साथी गोविंद अग्रवाल और अमित सिसौदिया के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह लोग छात्रों को ऑन डिमांड फर्जी मार्कशीट से लेकर डिग्री तक उपलब्ध कराते थे। डिग्री के हिसाब से पैसा लेते थे। यह लोग हाई स्कूल की मार्क शीट से लेकर एमबीबीएस तक का फर्जी डिग्री बनाकर दे देते थे। यहां तक नर्सिंग, कंप्यूटर कोर्स, आईटीआई आदि के भी कोर्स की प्रमाणपत्र उपलब्ध कराते थे। इनके पास से करीब पांच हजार छात्र-छात्राओं की लिस्ट मिली है। जिनको यह फर्जी डिग्री मुहैया कराने वाले थे।
अच्छी शादी व प्राइवेट नौकरी तलाशने वालों को बनाते थे निशाना
चिनहट इंस्पेक्टर घनश्याम त्रिपाठी के मुताबिक ने बताया कि यह लोग अच्छी शादी और प्राइवेट नौकरी के लिए अच्छे अंक वाली मार्कशीट की तलाश वालों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके लिए इनके आसपास जिलों में एजेंट सक्रिय थे। साथ ही प्राइवेट नर्सिंग होम या डॉक्टर के यहां नौकरी के लिए नर्स व वार्ड ब्याय तक की डिग्री भी मुहैया कराते थे।
इन संस्साथान की बरामद हुई फर्जी डिग्री, सामान
स्टेट बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन, बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन दिल्ली, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल, महाकौशल आयुर्वेदिक बोर्ड जबलपुर, राजकीय इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग लखनऊ यूपी, नेशनल नर्सिंग एन्ड मिडवाइफरी काउंसिल ऑफ इंडिया आदि संस्थान, यूपी बोर्ड की 180 फर्जी मार्कशीट। साथ ही 17 संस्थानों की मुहर, एक प्रिंटर, बीस गड्डी फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाला पेपर, 42 रजिस्टर (जिसमें छात्र-छात्राओं की इंट्री होती है) और एक कार।
इनकी हुई गिरफ्तारी

  • मनीष प्रताप सिंह, पुराना किला, हुसैनगंज (स्थाई निवास राजपुर वृंदावन, मथुरा)।
  • गोविंद अग्रवाल, गौतमबुद्ध नगर, नोएडा।
  • अमित सिसौदिया, पुराना किला हुसैनगंज (स्थाई पता बसही बुजुर्ग शेरगढ़, मथुरा)।

इनकी तलाश में पुलिस दे रही दबिश

  • नकुल सिंह, गाजीपुर जिला गाजियाबाद।
  • समरीन खान, कसाईबाड़ा अमीनाबाद, लखनऊ।
  • हलीम खान, हुसैनगंज।
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