प्रयागराज में पकड़ा गया फर्जी आईपीएस:एसटीएफ के हत्थे चढ़ा फर्जी एसटीएफ अफसर, अध्यापकों को कर रहा था ब्लैकमेल

लखनऊएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

यूपी एसटीएफ ने एसटीएफ का फर्जी आईपीएस अफसर बनकर ब्लैकमेलिंग करने वाले एक युवक को रविवार को प्रयागराज से गिरफ्तार किया। आरोपी प्रयागराज में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। उसे पकड़ा गया तो आईपीएस की फुल वर्दी में था। वह खुद को एसटीएफ का अधिकारी बताकर दो अध्यापकों को ब्लैकमेल कर रहा था।

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यस ने बताया कि पकड़ा गया युवक विपिन कुमार चौधरी महेवाघाट कौशाम्बी का रहने वाला है। वह प्रयागराज में किराए के कमरे में रहकर लोक सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। रविन्द्र पटेल नाम से फर्जी आईपीएस बनकर कौशाम्बी के दो अध्यापकों को ब्लैकमेल कर रहा था। रविवार को उन्हें मिलने के लिए हाईकोर्ट के पास हनुमान मंदिर चौराहे पर बुलाया था। जानकारी होने से एसटीएफ टीम वहाँ पहले से मौजूद थी। विपिन के पहुँचते ही दबोच लिया गया।

माँ के सहकर्मी को अर्दब में लेने के लिए बना था पुलिस अफसर

पूछताछ में विपिन ने बताया कि उसकी माँ सुमिति देवी कौशाम्बी में प्राथमिक विद्यालय पर टीचर हैं। उनका सहकर्मी सहायक अध्यापक सुशील कुमार सिंह उन्हें बहुत समय से प्रताड़ित कर रहा है। बीआरसी में अच्छी जान पहचान का फायदा उठाकर वह अक्सर मां की बीएलओ ड्यूटी दूर दराज लगवा देता है। विरोध करने पर अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई करवाने की धमकी देता है। सुशील को सबक सिखाने के लिए वह फर्जी अफसर बन गया था।

रिसीविंग पर किये दस्तखत से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

एडीजी ने बताया कि सुशील शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बना है। शिक्षा मित्र के तौर पर वह जिस स्कूल पर पोस्ट हुआ था विपिन एसटीएफ अफसर बनकर छानबीन करने वहाँ पहुँच गया। आईपीएस की वर्दी में किराए की इनोवा गाड़ी से पहुँचा और सुशील के पूर्व सहकर्मी राजेश सिंह से स्कूल के सभी रजिस्टर मंगवाए। जांच के नाम पर रजिस्टर लेकर जाने लगा तो राजेश ने रिसीविंग मांगा। इसपर विपिन ने एक कागज पर आईपीएस रविन्द्र पटेल के नाम से दस्तखत कर रिसीविंग दे दिया। यही रिसीविंग राजेश ने पुलिस को दिखाया तो फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

खबरें और भी हैं...