यूपी में 6.15 लाख करोड़ का मेगा बजट:2 करोड़ छात्रों को स्मार्टफोन-टैबलेट, 5 लाख नौकरियां, बजट पेश करते हुए 3 बार शायरियां पढ़ीं

लखनऊ3 महीने पहले

योगी सरकार 2.0 का पहला बजट आ गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 6.15 लाख करोड़ रुपए के बजट को पूरे 90 मिनट में पढ़कर खत्म किया। इस दौरान उन्होंने 3 बार शेरो-शायरी भी पढ़ीं। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इससे पहले 2021-22 का बजट 5.50 लाख करोड़ रुपए का था।

इसमें प्रदेश की इकोनॉमी को एक ट्रिलियन डॉलर यानी 77 लाख 60 हजार करोड़ रुपए की तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पेपरलेस बजट था, इसलिए वित्त मंत्री ने इसे एपल के कंप्यूटर पर पढ़ा। आइए देखते हैं कि इस बजट में यूपी के लोगों को क्या मिला...

रोजगार के लिए: 10,000 नए पदों पर नर्सों की भर्ती होगी

  • सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योग नीति के तहत अगले 5 साल में 40,000 करोड़ रुपए निवेश किए जाएंगे। इससे 4 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत 2022-2023 में 800 बिजनेस सेंटर्स खुलेंगे। इससे 16,000 लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य है।
  • माध्यमिक शिक्षा में अब तक इंटरव्यू से चयन होता था। लेकिन अब इंटरव्यू नहीं होगा। योगी सरकार ऐसे 40,402 शिक्षकों की भर्ती कर रही है। साथ में 7540 नए पद भी बनाए जाएंगे।
  • 3,000 नर्सों को राजकीय मेडिकल कॉलेजों/अस्पतालों में नियुक्ति दी जाएगी और 10,000 नए पदों पर 2022-23 में भर्ती होगी।

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युवाओं के लिए: सभी जिलों में अभ्युदय कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे

  • प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को टेक्नोलॉजी से अपडेट करने के लिए 5 साल में 2 करोड़ स्मार्टफोन-टैबलेट बांटे जाएंगे। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 2022-2023 के लिए 1,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • नई स्टार्टअप नीति के तहत 5 साल में हर जनपद में कम से कम से एक या ज्यादा से ज्यादा 100 इन्क्यूबेटर्स सेंटर्स खोले जाएंगे। इसमें स्टार्टअप शुरू करने की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके जरिए 10,000 स्टार्टअप्स शुरू कराने का लक्ष्य है। अब तक 47 इन्क्यूबेटर्स काम कर रहे हैं और 5,600 से अधिक स्टार्टअप्स के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
  • प्रतियोगी छात्रों को अपने घर के पास ही कोचिंग की सुविधा मिलेगी। इसके लिए सभी 18 मण्डल मुख्यालयों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का संचालन किया गया है। अब इस योजना का विस्तार सभी 75 जिलों में किया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • युवा वकीलों को काम के शुरुआती 3 साल के लिए किताब और पत्रिका के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में UP के मूल निवासी पदक विजेताओं की सीधी भर्ती के माध्यम से राजपत्रित पदों पर नौकरी दी जाएगी। वाराणसी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा। इसमें 95 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनेगा। इसमें 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। भारत सरकार की खेलो इंडिया नीति के तहत प्रदेश के 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर्स खोले जाएंगे।

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महिलाओं के लिए: राज्य के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनेगी

  • सभी 75 जिलों के कुल 1535 थानों पर महिला बीट सिपाही की नियुक्ति की गई। साथ में 'महिला हेल्प डेस्क' बनाई गई है।
  • राज्य के सभी जिलों में 2,740 महिला पुलिसकार्मियों को 10,370 महिला बीट बांटी गई है।
  • लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में तीन महिला PAC बटालियन की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के जिलों में साइबर हेल्प डेस्क बन रही है। महिला सामर्थ्य योजना के लिए 72 करोड़ 50 लाख रुपए दिए जाएंगे।
  • बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना के तहत UPPSC 2018 की 100 टॉपर छात्राओं को लैपटॉप और 100 टॉपर एससी/एसटी छात्राओं को लैपटॉप दिया गया।
  • सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण और कौशल विकास के लिए 20 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
  • आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बेहतर काम के लिए प्रेरित करने के मकसद से सितम्बर 2021 से ही 1500 रुपए बढ़ाकर दिए जाएंगे।

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किसानों के लिए: फ्री सिंचाई, धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपए और गेहूं का 2015 रुपए प्रति क्विंटल रखा

  • किसानों की दुर्घटना में मौत या दिव्यांग होने पर उनके परिवार को 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इस योजना के लिए 650 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
  • सिंचाई के लिए गांवों में सरकारी सोलर पंप लगाए जाएंगे। साल 2022-23 में 15,000 सोलर पम्प लगाए जाएंगे।
  • 60.20 लाख क्विंटल फ्री बीजों का वितरण किया जाएगा।
  • किसानों को 2022-23 में 119.30 लाख मीट्रिक टन यानी 11930 लाख क्विंटल उर्वरक बांटा जाएगा।
  • 34,307 राजकीय नलकूपों और 252 छोटी डाल नहरों के जरिए किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
  • मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के जरिए 1000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP 1940 रुपए प्रति क्विंटल और धान ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य 1960 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। गेहूं का MSP 2015 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है।

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हेल्थ के लिए: 16 नए जिलों में पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे

  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु 10,547 करोड़ 42 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के लिए 620 करोड़ रुपए व्यवस्था।
  • आयुष्मान भारत योजना से 2,949 अस्पतालों को जोड़ा गया है। राज्य के 1.78 करोड़ परिवारों को इसका फायदा दिया जाएगा। अब तक 1.84 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड दिया जा चुका है। योजना के लिए 560 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाएगी।
  • आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 250 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 320 करोड़ 7 लाख रुपए की व्यवस्था की गई है। 15वें वित्त आयोग के अधीन विभिन्न योजनाओं के लिए 2908 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई।
  • राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की असाध्य बीमारी के इलाज के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई।
  • राज्य में 9 से 14 साल तक की एक लाख बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जाएगी।
  • प्रदेश के सीमावर्ती और अन्य इलाकों में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • राज्य के 16 और जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए पीपीपी नीति घोषित की गई है। यहां निजी निवेश के जरिए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
  • एमबीबीएस और पीजी पाठ्यक्रमों में सीटों में इजाफे के लिए 500 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
  • स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के के लिए 50 करोड़ रुपए और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हेतु 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 100 करोड़ 45 लाख रुपए की व्यवस्था की जाएगी।
  • राज्य के 14 जिलों- बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोण्डा, लखीमपुर खीरी, चन्दौली, बुलन्दशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरेया, कानपुर देहात, कौशांबी और अमेठी में निर्माणाधीन नये मेडिकल कॉलेजों के लिए 2100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। गरीबों के इलाज के 100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

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गांवों और शहरों के विकास के लिए: हर घर साफ पानी और 500 रुपए में बिजली कनेक्शन मिलेगा

  • हर घर नल योजना के तहत साफ पानी के लिए अमृत योजना पर 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • पहले से चल रही अमृत योजना पर 2200 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 10,127 करोड़ 61 लाख रुपए की व्यवस्था की गई।
  • नगर निकायों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास पर 550 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • महाकुंभ मेले 2025 के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई।
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था।
  • मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित और मलिन बस्ती योजना के लिए 215 करोड़ की व्यवस्था।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना पर 7000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना पर 508 करोड़ 63 लाख रुपए खर्च होंगे।
  • मनरेगा से 15463 तालाबों और 5882 खेल मैदानों को तैयार किया जाएगा।
  • गांवों की सड़कों के लिए 7373 करोड़ 71 लाख रुपए की व्यवस्था।

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बजट की अन्य बड़ी बातें-

  • यूपी में तीन डाटा सेंटर बनेंगे। फाइबर केबल के लिए 300 करोड़ रुपए प्रस्तावित है।
  • स्कूल चलो अभियान के तहत 2 करोड़ छात्रों के नामांकन का लक्ष्य रखा गया है।
  • बुनकरों के लिए झलकारी बाई योजना को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • कल्याण सिंह के नाम से ग्राम उन्नति योजना की स्थापना की जाएगी। गांवों की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी।
  • शहरी गरीब परिवारों और गांवों में सभी परिवारों को 500 रुपए में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।
  • मथुरा में डेयरी प्लांट लगाया जाएगा। कान्हा गौशाला और बेसहारा पशुओं के लिए 100 करोड़ दिया जाएगा।
  • अयोध्या में सूरजकुंड के विकास के लिए 140 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।
  • आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 597 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया।
  • वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है।
  • केंद्र स्मार्ट सिटी योजना के लिए 2000 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नमामि गंगे के लिए 97 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
  • वृद्धा पेंशन 500 रुपए से बढ़ाकर के 1000 रुपए कर दी गई है।

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बजट में 20 से ज्यादा बार तालियां बजीं, 3 बार हर-हर महादेव गूंजा
बजट के बीच में सुरेश खन्ना ने तीन बार कविता और शायरी पढ़ीं। पूरे बजट के दौरान 20 से ज्यादा बार विधायकों ने तालियां बजाईं। भाषण के दौरान जब भी काशी का नाम आया, हर बार हर-हर महादेव के नारे लगे। ऐसा कुल तीन बार हुआ। हालांकि पूरे बजट के दौरान सपा विधायकों ने एक भी बार शोर-शराबा नहीं किया।

बजट के दौरान जब भी अयोध्या काशी का जिक्र हुआ। हंसी के ठहाके और तालियों की गूंज सुनाई दी।
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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करने से पहले मंदिर में पूजा-पाठ किया।
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अखिलेश बोले- बजट नहीं बंटवारा किया है

यूपी विधानसभा में आज पेश बजट पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह बजट नहीं बंटवारा है। सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन अपना कोई वादा पूरा नहीं कर पाई है।

योगी के बजट पर विपक्षी हमले:मायावती ने घिसा-पिटा, अखिलेश ने आंकड़ेबाज और राजभर ने झुनझुना बताया

बजट के बाद लाए जाएंगे विधेयक

अब बजट पेश होने के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और विधायी कामकाज होंगे। 27 मई को भी धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके बाद बजट सत्र में कई अहम विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे।

  1. भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय अध्यादेश 2022।
  2. यूपी राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2022।
  3. यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अध्यादेश 2022।
  4. यूपी निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2022।