UP की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था:बाराबंकी में घायल बेटी को 2 घंटे तक गोद में लिए डॉक्टरों को ढूंढता रहा पिता, इलाज न मिलने पर बांहों में तोड़ दिया दम

बाराबंकी5 महीने पहले
5 माह की बच्ची नित्या घर में तख्त से गिर गई थी। इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी कोरोना में अनाथ हुए बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी लेने की बात कर रहे हैं। लेकिन कुछ बच्चे इलाज के अभाव में दम तोड़ दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आया है। यहां बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और डाॅक्टरों की लापरवाही के चलते एक 5 माह की बच्ची की जान चली गई।

दरअसल, जब पिता बेटी को अस्पताल लेकर पहुंचा तो वहां इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं था। वह बेटी को गोद में लेकर 2 घंटे तक डॉक्टरों को खोजता रह गया। इस बीच उनकी बच्ची की मौत हो गई। मामला सिरौली गौसपुर स्थित संयुक्त चिकित्सालय का है। बच्ची की मौत के बाद उसके माता-पिता ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, इस मामले में CMO ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

वीडियो पर सीएमओ का यह है दावा
सीएमओ डॉ बीकेएस चौहान का कहना है कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया था, तब वह मर चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्ची को देखा भी था। वायरल वीडियो सीएमओ के इस दावे को झुठला रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पिता अपनी बच्ची को लेकर अस्पताल में इलाज के लिए गिड़गिड़ा रहा है, लेकिन उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं आया। वीडियो में भी कोई डॉक्टर नहीं नजर आ रहा है। पिता अपनी बेटी को अपने मुंह से सांस देने की कोशिश कर रहा है लेकिन वह सफल नहीं होता है। बदहवास पिता और कुछ अन्य लोग एक अस्पताल कर्मी से पूछ रहे हैं कि इस समय किस डॉक्टर की ड्यूटी लगी है। लेकिन उसे जवाब नहीं मिलता है। बिना इलाज मिले बच्ची ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

इलाज मिल जाता तो नहीं जाती बच्ची की जान
कोतवाली बदोसरांय के तासीपुर गांव निवासी संदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि उनकी 5 माह की बच्ची नित्या घर में रविवार को तख्त पर सो रही थी। इसी दौरान वह नीचे जा गिरी और बेहोश हो गई। परिवार वाले उसे तत्काल लेकर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर नहीं मिले।

परिजन इधर-उधर दौड़ते रहे। उधर, बच्ची की तड़पकर मौत हो गई। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते बच्ची को इलाज मिल गया होता तो उसकी जान न जाती।

पुलिस ने लिखित शिकायत ली, तब माने परिजन
परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। बच्ची के माता-पिता इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग करते रहे। बच्ची के माता-पिता से मामले की लिखित शिकायत लेकर पुलिस ने कार्रवाई की बात कही, तब जाकर वह किसी तरह शांत हुए।

मांगी गई रिपोर्ट, होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीकेएस चौहान ने बताया कि पूरे मामले के जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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